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जेवर में हवाई अड्डा मंजूर, मेरठ को लगातार दूसरा झटका
Updated Sun, 25 Jun 2017 02:23 AM IST
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जेवर में हवाई अड्डा मंजूर, छोटी उड़ान तक सीमित हुआ मेरठ
32 सीटर विमान के लिए उपयुक्त है परतापुर हवाई पट्टी
मेरठ।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को मंजूर देने के साथ ही मेरठ से बड़ी हवाई उड़ान की संभावनाएं क्षीण हो गयी हैं। अब मेरठ सिर्फ छोटी उड़ान तक सीमित रहेगा। हवाई अड्डा प्राधिकरण के अनुसार मेरठ से 32 सीटर विमान की उड़ान पर तैयारी हो रही है। जिसके लिए हवाई पट्टी भी उपयुक्त बतायी जा रही है।
मेरठ में हवाई अड्डे की मांग बहुत पुरानी है। पूर्व केंद्र सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री चौ. अजित सिंह ने मेरठ में हवाई अड्डे को मंजूरी दी थी। जिसके तहत हवाई अड्डे के लिए जमीन प्रदेश सरकार को खरीद कर देनी थी और उसका निर्माण केंद्र सरकार को करना था। जमीन खरीदने की कार्रवाई चली, जिसमें किसानों से जहां जमीन के रेट पर अडंगा लगा तो वन विभाग ने अपनी जमीन ही नहीं दी। ऐसे में जमीन के अडंगे के बीच कार्रवाई अटकती गयी। वहीं इस बीच हवाई उड़ान से नागरिक उड्डयन विभाग को कितना फायदा होगा, इसका सर्वे हुआ तो मामला रिपोर्ट में अटक गया। इन सबके बीच जेवर में हवाई अड्डा बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी।
भाजपा सरकार आने के बाद जेवर में हवाई अड्डे की मांग पर जहां पैरवी तेज हुई तो मेरठ के जनप्रतिनिधियों की मांग और आवाजें अनसुनी नजर आने लगी। लेकिन इन सबके बीच छोटी हवाई उड़ान को लेकर लगातार हवाई अड्डा प्राधिकरण, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और प्रदेश के मुख्यमंत्री के बयान आने से उम्मीदें जीवित रही।
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ये है मेरठ की हवाई पट्टी की स्थिति
परतापुर हवाई पट्टी मौजूदा समय में 80 मीटर चौड़ी और 1800 मीटर लंबी है। इस हवाई पट्टी पर 32 सीटर या इससे छोटे विमान ही उतर सकते हैं। विस्तारीकरण के बाद इस हवाई पट्टी को 200 मीटर चौड़ी और 2700 मीटर लंबी करने की योजना थी, जिससे यहां पर 72 सीटर और उससे बड़े विमान उतर सकते थे।
किटको ने भी दी छोटी उड़ान पर रिपोर्ट
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मेरठ से उड़ान की संभावनओं की तलाश के लिए किटको कंपनी से सर्वे कराया है। जिसमें मेरठ से छोटी उड़ान की पूरी संभावना जतायी गयी है। सूत्रों के अनुसार मेरठ से लखनऊ और इलाहाबाद की जहां नियमित उड़ान होगी। वहीं इसके अलावा वाराणसी, कानपुर और गोरखपुर से भी मेरठ को जोड़ा जायेगा।
वर्जन...........
मेरठ में हवाई अड्डा निश्चित रूप से बनेगा। दिसंबर 2018 तक मेरठ से लखनऊ और इलाहाबाद के लिए उड़ान होगी। यह बात अलग है कि कितने छोटे विमान होंगे और किस तरह का रूप दिया जायेगा, वह प्रोजेक्ट विभाग तैयार कर रहा है। लेकिन मेरठ से हवाई उड़ान निश्चित है।
राजेंद्र अग्रवाल, सांसद
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32 सीटर विमान के लिए उपयुक्त है परतापुर हवाई पट्टी
मेरठ।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को मंजूर देने के साथ ही मेरठ से बड़ी हवाई उड़ान की संभावनाएं क्षीण हो गयी हैं। अब मेरठ सिर्फ छोटी उड़ान तक सीमित रहेगा। हवाई अड्डा प्राधिकरण के अनुसार मेरठ से 32 सीटर विमान की उड़ान पर तैयारी हो रही है। जिसके लिए हवाई पट्टी भी उपयुक्त बतायी जा रही है।
मेरठ में हवाई अड्डे की मांग बहुत पुरानी है। पूर्व केंद्र सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री चौ. अजित सिंह ने मेरठ में हवाई अड्डे को मंजूरी दी थी। जिसके तहत हवाई अड्डे के लिए जमीन प्रदेश सरकार को खरीद कर देनी थी और उसका निर्माण केंद्र सरकार को करना था। जमीन खरीदने की कार्रवाई चली, जिसमें किसानों से जहां जमीन के रेट पर अडंगा लगा तो वन विभाग ने अपनी जमीन ही नहीं दी। ऐसे में जमीन के अडंगे के बीच कार्रवाई अटकती गयी। वहीं इस बीच हवाई उड़ान से नागरिक उड्डयन विभाग को कितना फायदा होगा, इसका सर्वे हुआ तो मामला रिपोर्ट में अटक गया। इन सबके बीच जेवर में हवाई अड्डा बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी।
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भाजपा सरकार आने के बाद जेवर में हवाई अड्डे की मांग पर जहां पैरवी तेज हुई तो मेरठ के जनप्रतिनिधियों की मांग और आवाजें अनसुनी नजर आने लगी। लेकिन इन सबके बीच छोटी हवाई उड़ान को लेकर लगातार हवाई अड्डा प्राधिकरण, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और प्रदेश के मुख्यमंत्री के बयान आने से उम्मीदें जीवित रही।
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ये है मेरठ की हवाई पट्टी की स्थिति
परतापुर हवाई पट्टी मौजूदा समय में 80 मीटर चौड़ी और 1800 मीटर लंबी है। इस हवाई पट्टी पर 32 सीटर या इससे छोटे विमान ही उतर सकते हैं। विस्तारीकरण के बाद इस हवाई पट्टी को 200 मीटर चौड़ी और 2700 मीटर लंबी करने की योजना थी, जिससे यहां पर 72 सीटर और उससे बड़े विमान उतर सकते थे।
किटको ने भी दी छोटी उड़ान पर रिपोर्ट
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मेरठ से उड़ान की संभावनओं की तलाश के लिए किटको कंपनी से सर्वे कराया है। जिसमें मेरठ से छोटी उड़ान की पूरी संभावना जतायी गयी है। सूत्रों के अनुसार मेरठ से लखनऊ और इलाहाबाद की जहां नियमित उड़ान होगी। वहीं इसके अलावा वाराणसी, कानपुर और गोरखपुर से भी मेरठ को जोड़ा जायेगा।
वर्जन...........
मेरठ में हवाई अड्डा निश्चित रूप से बनेगा। दिसंबर 2018 तक मेरठ से लखनऊ और इलाहाबाद के लिए उड़ान होगी। यह बात अलग है कि कितने छोटे विमान होंगे और किस तरह का रूप दिया जायेगा, वह प्रोजेक्ट विभाग तैयार कर रहा है। लेकिन मेरठ से हवाई उड़ान निश्चित है।
राजेंद्र अग्रवाल, सांसद