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नियम विरुद्ध तरीके से गन्ने से लदे ओवरलोड वाहन आम लोगों के जीवन के लिए खतरा बन रहे हैं।
Updated Sun, 17 Dec 2017 07:37 PM IST
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गन्ने से लदे ओवरलोड वाहन आम आदमी के जीवन के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। वहीं, ट्रॉली का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है। वहीं, ट्रक भी गन्ना ढो रहे हैं। इनमें से अधिकतर की न तो फिटनेस है और न ही कागजात आदि पूरे होते हैं। इन गन्ने से लदे ओवरलोड वाहनों से दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसके बावजूद अधिकारी इस ओर से आंखे मूंदे बैठे हैं।
क्रय केंद्रों से गन्ना मिलों तक पहुंचाने के लिए ट्रक एवं ट्रॉली आदि का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि ट्रॉली का संचालन अवैध ढंग से किया जा रहा है। इन ओवरलोड ट्रॉली से आए दिन जाम की समस्या रहती है। वहीं, गन्ना ढोने वाले ट्रकों के कागजात आदि की जांच नहीं की जाती है और न ही समय से फिटनेस कराते हैं।
ट्रकों के लिए गन्ना लादने के मानक निर्धारित हैं। छोटे ट्रक में 150 कुंतल तथा बडे़ ट्रक में 180 कुतंल गन्ना ही लादा जा सकता है। हालांकि गन्ना ढोने में लगे वाहनों का भुगतान भार के अनुसार होता है। जिस कारण इन वाहनों में निर्धारित मानकों से अधिक गन्ना भरा जाता है। जिस कारण से अनियंत्रित होकर हादसे का सबब बनते हैं। कई बार हादसे में जान तक चली जाती है। आज जो ट्रक पेड़ से टकराया। उसे खींचने के लिए बुलाए गए हाइड्रोलिक मशीन के चालक का कहना था कि उक्त ट्रक में कम से कम 250 कुतंल गन्ना लदा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लालच के चलते अधिक गन्ना लादा जाता है। इससे सड़क पर चलने वालों के लिए खतरा बना हुआ है। इस ओर न तो पुलिस और न ही प्रशासनिक अधिकारी ध्यान दे रहे हैं। यदि गन्ने से लदे वाहनों के कागजात और फिटनेस आदि की जांच कर ली जाए तो काफी हद तक हादसे कम हो सकते हैं। वहीं, सड़क पर चलने वाले लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। इस संबंध में सीओ यूएन मिश्र का कहना था कि उन्होंने अवैध रूप से संचालित ट्रॉली और ओवरलोड गन्ने से लदे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है।
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मुख्य बातें
अधिकारी इन पर नहीं कर रहे हैं कार्रवाई
मुनाफे के लालच में चालक भरते हैं क्षमता से अधिक वजन
क्षमता से अधिक लोड से सड़कों को नुकसान
ओवरलोड वाहन सड़कों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके चलते सड़कें समय से पहले ही टूट जाती हैं। जिस कारण संबंधित विभाग को नुकसान पहुंचता है। हालांकि गन्ने के ओवरलोड से सरकार को किसी तरह का अतिरिक्त टैक्स आदि नहीं मिलता है। ओवरलोड वाहन का संतुलन बनाने में भी चालक को अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ती है। इतना ही नहीं इससे हादसे की आशंका भी बढ़ जाती है।
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गन्ने से लदे ओवरलोड वाहन आम आदमी के जीवन के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। वहीं, ट्रॉली का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है। वहीं, ट्रक भी गन्ना ढो रहे हैं। इनमें से अधिकतर की न तो फिटनेस है और न ही कागजात आदि पूरे होते हैं। इन गन्ने से लदे ओवरलोड वाहनों से दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसके बावजूद अधिकारी इस ओर से आंखे मूंदे बैठे हैं।
क्रय केंद्रों से गन्ना मिलों तक पहुंचाने के लिए ट्रक एवं ट्रॉली आदि का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि ट्रॉली का संचालन अवैध ढंग से किया जा रहा है। इन ओवरलोड ट्रॉली से आए दिन जाम की समस्या रहती है। वहीं, गन्ना ढोने वाले ट्रकों के कागजात आदि की जांच नहीं की जाती है और न ही समय से फिटनेस कराते हैं।
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ट्रकों के लिए गन्ना लादने के मानक निर्धारित हैं। छोटे ट्रक में 150 कुंतल तथा बडे़ ट्रक में 180 कुतंल गन्ना ही लादा जा सकता है। हालांकि गन्ना ढोने में लगे वाहनों का भुगतान भार के अनुसार होता है। जिस कारण इन वाहनों में निर्धारित मानकों से अधिक गन्ना भरा जाता है। जिस कारण से अनियंत्रित होकर हादसे का सबब बनते हैं। कई बार हादसे में जान तक चली जाती है। आज जो ट्रक पेड़ से टकराया। उसे खींचने के लिए बुलाए गए हाइड्रोलिक मशीन के चालक का कहना था कि उक्त ट्रक में कम से कम 250 कुतंल गन्ना लदा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लालच के चलते अधिक गन्ना लादा जाता है। इससे सड़क पर चलने वालों के लिए खतरा बना हुआ है। इस ओर न तो पुलिस और न ही प्रशासनिक अधिकारी ध्यान दे रहे हैं। यदि गन्ने से लदे वाहनों के कागजात और फिटनेस आदि की जांच कर ली जाए तो काफी हद तक हादसे कम हो सकते हैं। वहीं, सड़क पर चलने वाले लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। इस संबंध में सीओ यूएन मिश्र का कहना था कि उन्होंने अवैध रूप से संचालित ट्रॉली और ओवरलोड गन्ने से लदे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है।
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मुख्य बातें
अधिकारी इन पर नहीं कर रहे हैं कार्रवाई
मुनाफे के लालच में चालक भरते हैं क्षमता से अधिक वजन
क्षमता से अधिक लोड से सड़कों को नुकसान
ओवरलोड वाहन सड़कों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके चलते सड़कें समय से पहले ही टूट जाती हैं। जिस कारण संबंधित विभाग को नुकसान पहुंचता है। हालांकि गन्ने के ओवरलोड से सरकार को किसी तरह का अतिरिक्त टैक्स आदि नहीं मिलता है। ओवरलोड वाहन का संतुलन बनाने में भी चालक को अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ती है। इतना ही नहीं इससे हादसे की आशंका भी बढ़ जाती है।