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ज्ञान और बैराग्य के बिना भक्ति संभव नहीं---पडिंत घनश्याम शास्त्री
Updated Thu, 07 Sep 2017 02:47 AM IST
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श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ शुरू
किठौर। कस्बा स्थित दुर्गा मंदिर में बुधवार को कलश शोभायात्रा के साथ सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ किया गया। इसमें महिलाओं ने श्री कृष्ण की धार्मिक धुन पर नृत्य किया। कथा वाचक पं. घनश्याम शास्त्री ने कहा की ज्ञान और वैराग्य बिना भक्ति करना संभव नहीं है। भगवान की भक्ति के लिए दोनों बातें मनुष्य में होनी चाहिए। दुर्गा मंदिर में चल रही सात दिवसीय कथा में शास्त्री मोनीराम चतुर्वेदी और पंडित महेश चंद शर्मा ने प्रथम यजमान राजेश सिंघल और इदु सिंघल को मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना कराई। इसके बाद कथा वाचक पं. घनश्याम शास्त्री ने गीता और श्राद्ध मास में श्रीमद्भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा की इस मास में श्रीमद् भागवत कथा कराने या सुनने से मनुष्य मोक्ष की प्राप्ति करता है। अमन बंसल, यश गोयल, मोहन, विदित, सोनू निंरजन गर्ग तनु, अंशु, वंदना, रेनू, सुमित्रा, निक्की, पूजा, नीलम, अंजलि, सुनीता, नीतू, अनुराधा आदि मौजूद रहीं।
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किठौर। कस्बा स्थित दुर्गा मंदिर में बुधवार को कलश शोभायात्रा के साथ सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ किया गया। इसमें महिलाओं ने श्री कृष्ण की धार्मिक धुन पर नृत्य किया। कथा वाचक पं. घनश्याम शास्त्री ने कहा की ज्ञान और वैराग्य बिना भक्ति करना संभव नहीं है। भगवान की भक्ति के लिए दोनों बातें मनुष्य में होनी चाहिए। दुर्गा मंदिर में चल रही सात दिवसीय कथा में शास्त्री मोनीराम चतुर्वेदी और पंडित महेश चंद शर्मा ने प्रथम यजमान राजेश सिंघल और इदु सिंघल को मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना कराई। इसके बाद कथा वाचक पं. घनश्याम शास्त्री ने गीता और श्राद्ध मास में श्रीमद्भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा की इस मास में श्रीमद् भागवत कथा कराने या सुनने से मनुष्य मोक्ष की प्राप्ति करता है। अमन बंसल, यश गोयल, मोहन, विदित, सोनू निंरजन गर्ग तनु, अंशु, वंदना, रेनू, सुमित्रा, निक्की, पूजा, नीलम, अंजलि, सुनीता, नीतू, अनुराधा आदि मौजूद रहीं।