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बिना अनुमति के अकबरपुर में धार्मिक स्थल का निर्माण
Updated Sun, 16 Jul 2017 10:19 PM IST
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पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी निर्माण की बाबत जता रहे अनभिज्ञतो
अमर उजाला ब्यूरो
बहसूमा।
मिश्रित आबादी वाले गांव अकबरपुर सादात में शासन एवं प्रशासन बिना अनुमति के धार्मिक स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। इसके बावजूद शासन-प्रशासन इस संबंध में ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक अकबरपुर सादात के अस्सा वाले मार्ग पर धार्मिक स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए शासन-प्रशासन से अनुमति भी नहीं ली गई है। धार्मिक स्थल के निर्माण से ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। गांव में इससे पहले भी कई बार दोनों समुदाय के लोग आमने सामने आ चुके हैं। वर्ष 2013 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में गांव में शोभायात्रा में डीजे बजाने को लेकर दोनों समुदाय के लोगों ने जमकर फायरिंग एवं पथराव किया था। इसके बाद धार्मिक स्थल के दरवाजे को स्कूल की ओर खोलने को लेकर जमकर बवाल मचा था। उस समय धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ तक कर दी गई थी। पुलिस प्रशसान को यहां शांति बहाली कराने के लिए एक माह तक गांव में पीएसी एवं कई थानों की फोर्स लगानी पड़ी थी। यह प्रकरण विधानसभा में भी गूंजा था।
धार्मिक स्थल निर्माण समिति के अध्यक्ष मोहम्मद फुरकान का कहना है कि वह धार्मिक स्थल निर्माण को अपने बेटे उजेर की स्मृति में बनवा रहे हैं। हालांकि वह अनुमति के संबंध में कोई जवाब नहीं दे सके। वहीं, इस संबंध में एसडीएम अरविंद कुमार का कहना है कि अकबरपुर सादात में धार्मिक स्थल निर्माण का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वे आज ही तहसीलदार को भेजकर मामले को दिखवाएंगे।
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इस संबंध में एसपी देहात का कहना है कि धार्मिक स्थल निर्माण की उनको जानकारी नहीं है। उन्होंने त्वरित कार्रवाई कर एसओ बहसूमा को मौके पर भेज दिखवाने की बात कही है। वहीं, एसओ राजेंद्र ओजस्वी का कहना है कि नए धार्मिक स्थल निर्माण का उनके पास कोई अनुमति पत्र नहीं है।
कांवड़ मेले की तैयारी पूरी
बहसूमा। सिद्धपीठ फिरोजपुर मंदिर पर तीन दिवसीय कांवड़ मेले में लगनी वाली दुकानें सजने लगी हैं। रविवार को झूला एवं खिलौनों की दुकानें सज चुकी हैं। मेले में झूले आदि लग जाने से रौनक बढ़ गई है। वहीं, कांवड़ मेले का दायित्व संभाल रहे रामराज चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह ने कहा कि कांवड़ मेले की सुरक्षा के लिए दो प्लाटून पीएसी, 15 जवान, फायर बिग्रेड मेला परिसर में तैनात रहेगी। मेले में अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सादी वर्दी में भी आधा दर्जन महिला पुलिस एवं 15 जवान तैनात रहेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
बहसूमा।
मिश्रित आबादी वाले गांव अकबरपुर सादात में शासन एवं प्रशासन बिना अनुमति के धार्मिक स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। इसके बावजूद शासन-प्रशासन इस संबंध में ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक अकबरपुर सादात के अस्सा वाले मार्ग पर धार्मिक स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए शासन-प्रशासन से अनुमति भी नहीं ली गई है। धार्मिक स्थल के निर्माण से ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। गांव में इससे पहले भी कई बार दोनों समुदाय के लोग आमने सामने आ चुके हैं। वर्ष 2013 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में गांव में शोभायात्रा में डीजे बजाने को लेकर दोनों समुदाय के लोगों ने जमकर फायरिंग एवं पथराव किया था। इसके बाद धार्मिक स्थल के दरवाजे को स्कूल की ओर खोलने को लेकर जमकर बवाल मचा था। उस समय धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ तक कर दी गई थी। पुलिस प्रशसान को यहां शांति बहाली कराने के लिए एक माह तक गांव में पीएसी एवं कई थानों की फोर्स लगानी पड़ी थी। यह प्रकरण विधानसभा में भी गूंजा था।
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धार्मिक स्थल निर्माण समिति के अध्यक्ष मोहम्मद फुरकान का कहना है कि वह धार्मिक स्थल निर्माण को अपने बेटे उजेर की स्मृति में बनवा रहे हैं। हालांकि वह अनुमति के संबंध में कोई जवाब नहीं दे सके। वहीं, इस संबंध में एसडीएम अरविंद कुमार का कहना है कि अकबरपुर सादात में धार्मिक स्थल निर्माण का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वे आज ही तहसीलदार को भेजकर मामले को दिखवाएंगे।
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इस संबंध में एसपी देहात का कहना है कि धार्मिक स्थल निर्माण की उनको जानकारी नहीं है। उन्होंने त्वरित कार्रवाई कर एसओ बहसूमा को मौके पर भेज दिखवाने की बात कही है। वहीं, एसओ राजेंद्र ओजस्वी का कहना है कि नए धार्मिक स्थल निर्माण का उनके पास कोई अनुमति पत्र नहीं है।
कांवड़ मेले की तैयारी पूरी
बहसूमा। सिद्धपीठ फिरोजपुर मंदिर पर तीन दिवसीय कांवड़ मेले में लगनी वाली दुकानें सजने लगी हैं। रविवार को झूला एवं खिलौनों की दुकानें सज चुकी हैं। मेले में झूले आदि लग जाने से रौनक बढ़ गई है। वहीं, कांवड़ मेले का दायित्व संभाल रहे रामराज चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह ने कहा कि कांवड़ मेले की सुरक्षा के लिए दो प्लाटून पीएसी, 15 जवान, फायर बिग्रेड मेला परिसर में तैनात रहेगी। मेले में अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सादी वर्दी में भी आधा दर्जन महिला पुलिस एवं 15 जवान तैनात रहेंगे।