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गर पालिका लिपिक ने फरजी गोदनामे में निर्धारित समय में नहीं दिया जवाब।
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अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। नगर पालिका चेयरमैन अय्यूब कालिया ने पालिका के लिपिक अजीत सिंह को नोटिस देकर मृतक आश्रित के आधार पर फर्जी गोदनामा प्रस्तुत कर लिपिक पद पर नौकरी प्राप्त करने का आरोप लगाते हुए तीन दिन के अंदर स्पष्ट करने देने के आदेश दिए थे। हालांकि आज तीन दिन पूरे होने पर लिपिक ने स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
उल्लेखनीय है कि पालिका चेयरमैन अय्यूब कालिया ने पालिका के लिपिक अजीत सिंह को दिए नोटिस में कहा था कि मोहल्ला तिहाई निवासी राहुल पुत्र जगमोहन ने दिए शिकायती पत्र में फर्जी गोदनामा से नौकरी प्राप्त करने का आरोप लगाया है। इस मामले में उप निबंधक सदर मेरठ से जांच कराई गई। जिसमें कहा कि गोदनामा संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। कार्यालय अभिलेखानुसार दर्शाए गए नामों द्वारा कोई गोदनामा पंजीकृत नहीं है।
चेयरमैन ने कहा कि उनकी नियुक्ति मृतक आश्रित में इस प्रतिबंध के साथ की गई थी कि यदि अजीत सिंह का कोई अभिलेख भविष्य में जांचोपरांत फर्जी अथवा कूटजनित पाया जाता है तो नियुक्ति स्वत: ही निरस्त मानी जाएगी। आपने पालिका में अपने चाचा भोपाल सिंह तत्कालीन मोहर्रिर के दत्तक पुत्र के रुप में मृतक आश्रित के आधार पर फर्जी गोदनामा प्रस्तुत कर मृतक आश्रित के आधार पर अवैध रूप से लिपिक पद पर नौकरी प्राप्त कर ली है। सभी तथ्यों को दृष्टिगत तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा था। नहीं देने पर सेवा समाप्त कर पालिका द्वारा आपको दिए गए वेतन आदि की वसूली किए जाने की चेतावनी दी थी। निर्धारित समय तीन दिन में लिपिक ने स्पष्टीकरण नहीं सौंपा है। इस संबंध में चेयरमैन अय्यृब कालिया का कहना है कि आज द्वितीय शनिवार के कारण नगर पालिका का अवकाश है। सोमवार को मामले को दिखावाया जाएगा।
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मवाना। लिपिक के मामले में चर्चा है कि लिपिक की पत्नी और जिले में रहे एक अधिकारी की पत्नी एक ही गांव की होने के कारण सहेलियां भी हैं। इसी कारण दबाव के चलते लिपिक पद पर मृतक आश्रित में नौकरी लग गई थी। इस संबंध में चेयरमैन अय्यूब कालिया से पूछा गया कि कहीं फिर से उसी अधिकारी के दवाब के चलते कार्रवाई में कोई ढिलाई तो नहीं बरती जा रही है। उनका साफ कहना था कि जो सही है वही कार्रवाई की जाएगी। आज द्वितीय शनिवार के चलते अवकाश होने के कारण कार्रवाई नहीं हुई है।
मुख्य बातें
नगर पालिका में मृतक आश्रित कोटे में फर्जी गोदनामे के आधार पर नौकरी पाने का मामला
पालिका चेयरमैन द्वारा दिए गए नोटिस की समयावधि समाप्त
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मवाना। नगर पालिका चेयरमैन अय्यूब कालिया ने पालिका के लिपिक अजीत सिंह को नोटिस देकर मृतक आश्रित के आधार पर फर्जी गोदनामा प्रस्तुत कर लिपिक पद पर नौकरी प्राप्त करने का आरोप लगाते हुए तीन दिन के अंदर स्पष्ट करने देने के आदेश दिए थे। हालांकि आज तीन दिन पूरे होने पर लिपिक ने स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
उल्लेखनीय है कि पालिका चेयरमैन अय्यूब कालिया ने पालिका के लिपिक अजीत सिंह को दिए नोटिस में कहा था कि मोहल्ला तिहाई निवासी राहुल पुत्र जगमोहन ने दिए शिकायती पत्र में फर्जी गोदनामा से नौकरी प्राप्त करने का आरोप लगाया है। इस मामले में उप निबंधक सदर मेरठ से जांच कराई गई। जिसमें कहा कि गोदनामा संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। कार्यालय अभिलेखानुसार दर्शाए गए नामों द्वारा कोई गोदनामा पंजीकृत नहीं है।
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चेयरमैन ने कहा कि उनकी नियुक्ति मृतक आश्रित में इस प्रतिबंध के साथ की गई थी कि यदि अजीत सिंह का कोई अभिलेख भविष्य में जांचोपरांत फर्जी अथवा कूटजनित पाया जाता है तो नियुक्ति स्वत: ही निरस्त मानी जाएगी। आपने पालिका में अपने चाचा भोपाल सिंह तत्कालीन मोहर्रिर के दत्तक पुत्र के रुप में मृतक आश्रित के आधार पर फर्जी गोदनामा प्रस्तुत कर मृतक आश्रित के आधार पर अवैध रूप से लिपिक पद पर नौकरी प्राप्त कर ली है। सभी तथ्यों को दृष्टिगत तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा था। नहीं देने पर सेवा समाप्त कर पालिका द्वारा आपको दिए गए वेतन आदि की वसूली किए जाने की चेतावनी दी थी। निर्धारित समय तीन दिन में लिपिक ने स्पष्टीकरण नहीं सौंपा है। इस संबंध में चेयरमैन अय्यृब कालिया का कहना है कि आज द्वितीय शनिवार के कारण नगर पालिका का अवकाश है। सोमवार को मामले को दिखावाया जाएगा।
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मवाना। लिपिक के मामले में चर्चा है कि लिपिक की पत्नी और जिले में रहे एक अधिकारी की पत्नी एक ही गांव की होने के कारण सहेलियां भी हैं। इसी कारण दबाव के चलते लिपिक पद पर मृतक आश्रित में नौकरी लग गई थी। इस संबंध में चेयरमैन अय्यूब कालिया से पूछा गया कि कहीं फिर से उसी अधिकारी के दवाब के चलते कार्रवाई में कोई ढिलाई तो नहीं बरती जा रही है। उनका साफ कहना था कि जो सही है वही कार्रवाई की जाएगी। आज द्वितीय शनिवार के चलते अवकाश होने के कारण कार्रवाई नहीं हुई है।
मुख्य बातें
नगर पालिका में मृतक आश्रित कोटे में फर्जी गोदनामे के आधार पर नौकरी पाने का मामला
पालिका चेयरमैन द्वारा दिए गए नोटिस की समयावधि समाप्त