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पेसमेकर लगा तो सही तरह से धड़कने लगा दिल
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मेरठ। जसवंत राय स्पेशियलिटी अस्पताल में मंगलवार को 13 मरीजों को करीब 24 लाख रुपये के पेसमेकर मुफ्त लगाए गए। इनमें सात महिलाएं और छह पुरुष हैं। यह 19वां कैंप बोस्टन कार्डियक फाउंडेशन (यूएसए) के साथ मिलकर अस्पताल के कैंपस में लगाया गया। इन मरीजों के दिल की धड़कन मंद पड़ रही थी। पेस मेकर लगने के बाद दिल की धड़कनों की रफ्तार सही हो गई।
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि एक पेस मेकर लगाने का खर्च करीब डेढ़ से दो लाख रुपये आता है। मरीजों को पेसमेकर, हॉस्पिटल चार्ज, दवाइयों, पैथोलॉजी जांच, परामर्श पूरी तरह से निशुल्क रहेगा। मेडिकल फॉलोअप भी फ्री किया जाएगा। इस साल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से तीन, मुजफ्फरनगर से दो, बुलंदशहर, शामली, जौनपुर, गौतमबुद्धनगर, बलिया, बिजनौर, हापुड़ आदि जिलों के एक-एक मरीज को फ्री पेसमेकर लगाए गए। इनमें देशराज, इनामुल्लाह, इलियास, बालधर, डालचंद, सलेखचंद, मुनक्खा, अमरीता, रामबीरी, मीरा देवी, जगमाली, गीता शर्मा, मल्ला देवी शामिल हैं।
पेसमेकर लगाने की प्रक्रिया में डॉ. राजीव अग्रवाल के अलावा बोस्टन कॉर्डियक फाउंडेशन के डॉ. सलिल मिड्ढा, मिड स्टाफ नर्स ब्रांडा हुडें, डॉ. एस कुमार, डॉ. राकेश मौर्य और शिवाशंकरन की मुख्य भूमिका रही। डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बड़ी उपलब्धि है। मरीजों के भोजन की व्यवस्था अन्नपूर्णा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा की गई। पेसमेकर कैंप में अस्पताल के निदेशक डॉ. एससी अग्रवाल, शैलेंद्र कुमार, अशोक राजवंशी और राजीव रस्तोगी आदि का सहयोग रहा।
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फ्री पेसमेकर के लिए करें आवेदन
डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि जिनके दिल की धड़कनों की रफ्तार कम हो रही है, वह अपना रजिस्ट्रेशन डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट बोस्टनकॉर्डियोफाउंडेशन डॉट ओआरजी पर करा लें ताकि अगले साल फरवरी 2020 में होने वाले फ्री पेसमेकर कैंप में उन्हें फ्री पेसमेकर लगाया जा सके। डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि 19 साल से पेसमेकर लगाए जा रहे हैं। अभी तक 360 मरीजों को पेसमेकर लगाए जा चुके हैं।
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ऐसे कार्य करता है पेसमेकर
डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि पेसमेकर लगाने में करीब 30 मिनट का समय लगता है। एक पेसमेकर 10 से 15 साल चलता है। जरूरत पड़ने पर इसे बदल भी दिया जाता है। पेसमेकर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जिसे एक निश्चित तरीके से दिल की धड़कन बनाने के लिए प्रोग्राम किया गया है। जब साइनस नोड जो कि मानव शरीर का प्राकृतिक पेसमेकर है, अच्छी तरह से काम नहीं करता, हृदय की लय बाधित हो जाती है। ऐसे में पेसमेकर इम्प्लांट की जरूरत पड़ती है। हृदय की असामान्य लय एक प्रत्यारोपित पेसमेकर की मदद से नियंत्रित की जाती है। जिन लोगों की हृदय की गति धीमी हो जाती है, उनके लिए यह एक विश्वसनीय विकल्प है। पेसमेकर एक छोटा समकोण (रेक्टेंगुलर) उपकरण होता है, जिसमें कुछ विद्युत रोधित तारें, एक बैटरी और सर्किट होता है, जो हृदय तक जा रहे विद्युत संकेतों को नियंत्रित करता है।
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चक्कर आ रहे थे, अब सब सही है
71 साल के डालचंद निर्धन परिवार से हैं। इन्हें परमानेंट पेसमेकर की जरूरत थी। लेकिन पैसे की कमी की वजह से पेसमेकर लगवाना संभव नहीं हो पा रहा था। इन्होंने अखबार के जरिए फ्री पेसमेकर कैंप का पता चला और इन्होंने डॉ. राजीव अग्रवाल से संपर्क किया। डॉ. अग्रवाल ने इन्हें बुलवाया और पेसमेकर लगवाया। 62 साल की जगमाली के पति मजदूरी करते हैं। इनका इलाज पहले से ही डॉ. राजीव अग्रवाल से चल रहा था। इन्हें भी पेसमेकर के लिए चयनित किया गया। इसी तरह गीता शर्मा भी गरीब परिवार से हैं। इन सभी का कहना है कि पहले उनकी दिल की धड़कन सही न होने के कारण चक्कर आ रहे थे, अब सब सही लग रहा है। दिल सही से धड़क रहा है।
खास बातें
- 13 मरीजों को निशुल्क लगाए गए पेसमेकर
- जसवंत राय स्पेशियलिटी अस्पताल में लगाया गया कैंप
- डॉ. राजीव अग्रवाल और डॉ. सलिल मिड्ढा की टीम ने लगाए पेसमेकर
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वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि एक पेस मेकर लगाने का खर्च करीब डेढ़ से दो लाख रुपये आता है। मरीजों को पेसमेकर, हॉस्पिटल चार्ज, दवाइयों, पैथोलॉजी जांच, परामर्श पूरी तरह से निशुल्क रहेगा। मेडिकल फॉलोअप भी फ्री किया जाएगा। इस साल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से तीन, मुजफ्फरनगर से दो, बुलंदशहर, शामली, जौनपुर, गौतमबुद्धनगर, बलिया, बिजनौर, हापुड़ आदि जिलों के एक-एक मरीज को फ्री पेसमेकर लगाए गए। इनमें देशराज, इनामुल्लाह, इलियास, बालधर, डालचंद, सलेखचंद, मुनक्खा, अमरीता, रामबीरी, मीरा देवी, जगमाली, गीता शर्मा, मल्ला देवी शामिल हैं।
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पेसमेकर लगाने की प्रक्रिया में डॉ. राजीव अग्रवाल के अलावा बोस्टन कॉर्डियक फाउंडेशन के डॉ. सलिल मिड्ढा, मिड स्टाफ नर्स ब्रांडा हुडें, डॉ. एस कुमार, डॉ. राकेश मौर्य और शिवाशंकरन की मुख्य भूमिका रही। डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बड़ी उपलब्धि है। मरीजों के भोजन की व्यवस्था अन्नपूर्णा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा की गई। पेसमेकर कैंप में अस्पताल के निदेशक डॉ. एससी अग्रवाल, शैलेंद्र कुमार, अशोक राजवंशी और राजीव रस्तोगी आदि का सहयोग रहा।
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फ्री पेसमेकर के लिए करें आवेदन
डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि जिनके दिल की धड़कनों की रफ्तार कम हो रही है, वह अपना रजिस्ट्रेशन डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट बोस्टनकॉर्डियोफाउंडेशन डॉट ओआरजी पर करा लें ताकि अगले साल फरवरी 2020 में होने वाले फ्री पेसमेकर कैंप में उन्हें फ्री पेसमेकर लगाया जा सके। डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि 19 साल से पेसमेकर लगाए जा रहे हैं। अभी तक 360 मरीजों को पेसमेकर लगाए जा चुके हैं।
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ऐसे कार्य करता है पेसमेकर
डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि पेसमेकर लगाने में करीब 30 मिनट का समय लगता है। एक पेसमेकर 10 से 15 साल चलता है। जरूरत पड़ने पर इसे बदल भी दिया जाता है। पेसमेकर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जिसे एक निश्चित तरीके से दिल की धड़कन बनाने के लिए प्रोग्राम किया गया है। जब साइनस नोड जो कि मानव शरीर का प्राकृतिक पेसमेकर है, अच्छी तरह से काम नहीं करता, हृदय की लय बाधित हो जाती है। ऐसे में पेसमेकर इम्प्लांट की जरूरत पड़ती है। हृदय की असामान्य लय एक प्रत्यारोपित पेसमेकर की मदद से नियंत्रित की जाती है। जिन लोगों की हृदय की गति धीमी हो जाती है, उनके लिए यह एक विश्वसनीय विकल्प है। पेसमेकर एक छोटा समकोण (रेक्टेंगुलर) उपकरण होता है, जिसमें कुछ विद्युत रोधित तारें, एक बैटरी और सर्किट होता है, जो हृदय तक जा रहे विद्युत संकेतों को नियंत्रित करता है।
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चक्कर आ रहे थे, अब सब सही है
71 साल के डालचंद निर्धन परिवार से हैं। इन्हें परमानेंट पेसमेकर की जरूरत थी। लेकिन पैसे की कमी की वजह से पेसमेकर लगवाना संभव नहीं हो पा रहा था। इन्होंने अखबार के जरिए फ्री पेसमेकर कैंप का पता चला और इन्होंने डॉ. राजीव अग्रवाल से संपर्क किया। डॉ. अग्रवाल ने इन्हें बुलवाया और पेसमेकर लगवाया। 62 साल की जगमाली के पति मजदूरी करते हैं। इनका इलाज पहले से ही डॉ. राजीव अग्रवाल से चल रहा था। इन्हें भी पेसमेकर के लिए चयनित किया गया। इसी तरह गीता शर्मा भी गरीब परिवार से हैं। इन सभी का कहना है कि पहले उनकी दिल की धड़कन सही न होने के कारण चक्कर आ रहे थे, अब सब सही लग रहा है। दिल सही से धड़क रहा है।
खास बातें
- 13 मरीजों को निशुल्क लगाए गए पेसमेकर
- जसवंत राय स्पेशियलिटी अस्पताल में लगाया गया कैंप
- डॉ. राजीव अग्रवाल और डॉ. सलिल मिड्ढा की टीम ने लगाए पेसमेकर