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रिटायर्ड इंस्पेक्टर के बेटे का शव कमिश्नरी पार्क में मिला
Updated Wed, 02 May 2018 02:28 AM IST
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मेरठ।
कमिश्नरी पार्क में मंगलवार तड़के एक युवक ने तड़प तड़पकर दम तोड़ दिया है। उक्त युवक के पिता यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर थे। पुलिस ने बताया कि युवक की जेब में आधार कार्ड मिला था, जिससे उसकी पहचान हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पीलिया की बीमारी के चलते युवक की मौत का होना बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक पल्लवपुरम फेज-2 में रिटायर्ड इंस्पेक्टर राजकरण सिंह का परिवार रहता है। राजकरण का बड़ा बेटा विकास चौधरी (42) मंगलवार तड़के कमिश्नरी पार्क में लेटा था। इस दौरान मॉर्निंग वॉक पर पार्क में पहुंचे एके त्यागी ने विकास को तड़पते देखा। इस पर एके त्यागी दुकान से विकास को पानी और बिस्किट खिलाने के लिए लाए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
सूचना पर पहुंची सिविल लाइन थाने की पुलिस को युवक की जेब से आधार कार्ड मिला। बाद में विकास का भाई अमित उर्फ टिंकू अपने परिजनों संग पीएम हाउस पर पहुंचा। जहां पर अमित ने अपने भाई की शिनाख्त की। अमित ने बताया कि विकास काफी दिनों से बीमार थे। पिता राजकरण सिंह की चार साल पहले मौत हो चुकी है।
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विकास का परिवार से था किनारा
पुलिस के मुताबिक विकास की शादी हो चुकी है और उसके बच्चे भी हैं। लेकिन विकास गलत संगत में उठता बैठता था। अब उसने अपने परिजनों से भी किनारा कर लिया था। विकास के भाई अमित ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ दिल्ली में बिजनेस करते हैं। तीन साल से उनकी विकास से कोई बातचीत नहीं हुई। उधर, सवाल उठता है कि अगर विकास बीमार था तो उसको परिजनों ने अकेला कैसे छोड़ दिया। वह पार्क में कैसे पहुंचा। वहीं परिजन इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
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कमिश्नरी पार्क में मंगलवार तड़के एक युवक ने तड़प तड़पकर दम तोड़ दिया है। उक्त युवक के पिता यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर थे। पुलिस ने बताया कि युवक की जेब में आधार कार्ड मिला था, जिससे उसकी पहचान हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पीलिया की बीमारी के चलते युवक की मौत का होना बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक पल्लवपुरम फेज-2 में रिटायर्ड इंस्पेक्टर राजकरण सिंह का परिवार रहता है। राजकरण का बड़ा बेटा विकास चौधरी (42) मंगलवार तड़के कमिश्नरी पार्क में लेटा था। इस दौरान मॉर्निंग वॉक पर पार्क में पहुंचे एके त्यागी ने विकास को तड़पते देखा। इस पर एके त्यागी दुकान से विकास को पानी और बिस्किट खिलाने के लिए लाए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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सूचना पर पहुंची सिविल लाइन थाने की पुलिस को युवक की जेब से आधार कार्ड मिला। बाद में विकास का भाई अमित उर्फ टिंकू अपने परिजनों संग पीएम हाउस पर पहुंचा। जहां पर अमित ने अपने भाई की शिनाख्त की। अमित ने बताया कि विकास काफी दिनों से बीमार थे। पिता राजकरण सिंह की चार साल पहले मौत हो चुकी है।
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विकास का परिवार से था किनारा
पुलिस के मुताबिक विकास की शादी हो चुकी है और उसके बच्चे भी हैं। लेकिन विकास गलत संगत में उठता बैठता था। अब उसने अपने परिजनों से भी किनारा कर लिया था। विकास के भाई अमित ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ दिल्ली में बिजनेस करते हैं। तीन साल से उनकी विकास से कोई बातचीत नहीं हुई। उधर, सवाल उठता है कि अगर विकास बीमार था तो उसको परिजनों ने अकेला कैसे छोड़ दिया। वह पार्क में कैसे पहुंचा। वहीं परिजन इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।