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लघु उद्योगों पर कम किया जाये विकास शुल्क
Updated Tue, 14 Nov 2017 02:58 AM IST
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लघु उद्योगों पर कम किया जाए विकास शुल्क
मेरठ। दिल्ली रोड स्थित चैंबर आफ कॉमर्स भवन में सोमवार को चैंबर कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें लघु उद्योगों पर विकास शुल्क ज्यादा होने का मुद्दा अहम रहा। बैठक में वक्ताओं ने इस बात पर चिंता जताई कि पिछले कुछ सालों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नये लघु उद्योग बहुत कम लगे हैं। जिसका कारण विकास शुल्क अधिक होना है।
चैंबर के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता, महामंत्री सर्वेश कुमार सर्राफ और संयोजक सुरेंद्र प्रताप ने कहा कि लघु उद्योग लगाने वाले के पास पूंजी की कमी होती है। लेकिन विकास शुल्क के नाम पर उससे मेरठ में एक हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर वसूला जाता है। जबकि प्रदेश के अन्य जनपदों बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ और गोररखपुर में जहां यह दर 700 रुपये प्रति वर्ग मीटर है तो मुजफ्फरनगर, रामपुर, आजमगढ़ में 400 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। इसके अतिरिक्त और भी शुल्क जैसे अंबार शुल्क, निरीक्षण शुल्क अलग से लगता है। ऐसे में विकास शुल्क की दर मेरठ में कम की जाए। चैंबर की तरफ से प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के उद्योग मंत्री सतीश महाना को इस संबंध में पत्र भी जारी किया गया। बैठक में गिरीश मोहन गुप्ता, राकेश रस्तोगी, अशोक गर्ग आदि मौजूद रहे।
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मेरठ। दिल्ली रोड स्थित चैंबर आफ कॉमर्स भवन में सोमवार को चैंबर कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें लघु उद्योगों पर विकास शुल्क ज्यादा होने का मुद्दा अहम रहा। बैठक में वक्ताओं ने इस बात पर चिंता जताई कि पिछले कुछ सालों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नये लघु उद्योग बहुत कम लगे हैं। जिसका कारण विकास शुल्क अधिक होना है।
चैंबर के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता, महामंत्री सर्वेश कुमार सर्राफ और संयोजक सुरेंद्र प्रताप ने कहा कि लघु उद्योग लगाने वाले के पास पूंजी की कमी होती है। लेकिन विकास शुल्क के नाम पर उससे मेरठ में एक हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर वसूला जाता है। जबकि प्रदेश के अन्य जनपदों बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ और गोररखपुर में जहां यह दर 700 रुपये प्रति वर्ग मीटर है तो मुजफ्फरनगर, रामपुर, आजमगढ़ में 400 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। इसके अतिरिक्त और भी शुल्क जैसे अंबार शुल्क, निरीक्षण शुल्क अलग से लगता है। ऐसे में विकास शुल्क की दर मेरठ में कम की जाए। चैंबर की तरफ से प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के उद्योग मंत्री सतीश महाना को इस संबंध में पत्र भी जारी किया गया। बैठक में गिरीश मोहन गुप्ता, राकेश रस्तोगी, अशोक गर्ग आदि मौजूद रहे।
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