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निगम चुनाव को लेकर भाजपा में शुरू हुई लामबंदी
Updated Mon, 11 Sep 2017 02:55 AM IST
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निगम चुनाव को लेकर भाजपा में शुरू हुई लामबंदी
मेरठ।
भाजपाई अब निगम चुनाव को लेकर सक्रिय हो गए हैं। वार्ड परिसीमन अधिसूचना जारी होने के साथ निकाय चुनावों की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। वहीं अक्तूबर में चुनाव संभावित मानते हुए दावेदार भी सक्रिय हो चले हैं। हालांकि दावेदारी आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही तय होगी। लेकिन हर वर्ग के दावेदारों ने लामबंदी शुरू कर दी है।
नगर निगम चुनाव में इस बार महापौर पद अनारक्षित या अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होना माना जा रहा है। पिछली बार जहां पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था, तो उससे पहले पिछड़ी जाति की महिला के लिए आरक्षित था। ऐसे में इस बार सामान्य या अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण की संभावना ज्यादा है। लेकिन भाजपाई अनारक्षित होने की संभावना ज्यादा जता रहे हैं।
महापौर पद पर सामान्य वर्ग से दावेदारों की लंबी सूची है। इनमें कई तो ऐसे हैं, जो विधानसभा चुनाव में दावेदार थे, लेकिन अंतिम समय में दौड़ से बाहर हो गए। ऐसे नेताओं ने अब खुद को महापौर पद की दौड़ में शामिल कर लिया है। इनमें संजीव जैन सिक्का, मुकेश सिंघल, पवन मित्तल, बिजेंद्र अग्रवाल के नाम प्रमुख हैं। जबकि कुछ लोग पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और पूर्व विधायक अमित अग्रवाल को भी दौड़ में शामिल मान रहे हैं। इनके अलावा अजय गुप्ता नटराज, नीरज मित्तल, संजीव अग्रवाल, विजय आनंद अग्रवाल भी मुख्य रूप से दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं।
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पिछड़ा वर्ग से होने के बावजूद महापौर हरिकांत अहलूवालिया की सामान्य सीट पर भी दावेदारी तय मानी जा रही है। सामान्य सीट के इन दावेदारों के पैराकारो में कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल और सांसद राजेंद्र अग्रवाल के साथ ही संघ परिवार और पार्टी के आला नेता सक्रिय हैं। हर कोई अपने खास के लिए गोटी बिछाने में जुटा है। वहीं इन सबके बीच एक नया नाम अब पूर्व एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल और उनकी बेटी डॉ. हिमानी अग्रवाल का भी जुड़ गया है। लेकिन यदि सीट सामान्य महिला की होती है तो इन दोनों में से कोई एक मजबूत दावेदारी कर सकती हैं।
वहीं दूसरी तरफ यदि सीट इस बार भी पिछड़ा वर्ग में आती है तो महापौर हरिकांत अहलूवालिया के साथ ही पूर्व में दावेदारी कर चुके मंगल सैन के अलावा पूर्व पार्षद और महानगर उपाध्यक्ष ललित नागदेव दावेदारी में शामिल हैं। जबकि अनुसूचित जाति में प्रदेश उपाध्यक्ष कांता कर्दम के साथ ही अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी और पूर्व विधायक गोपाल काली दावेदारी जता रहे हैं।
खास बात
सामान्य सीट हुई तो मचेगा घमासान, पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित वर्ग में भी हैं कई दावेदार
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मेरठ।
भाजपाई अब निगम चुनाव को लेकर सक्रिय हो गए हैं। वार्ड परिसीमन अधिसूचना जारी होने के साथ निकाय चुनावों की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। वहीं अक्तूबर में चुनाव संभावित मानते हुए दावेदार भी सक्रिय हो चले हैं। हालांकि दावेदारी आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही तय होगी। लेकिन हर वर्ग के दावेदारों ने लामबंदी शुरू कर दी है।
नगर निगम चुनाव में इस बार महापौर पद अनारक्षित या अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होना माना जा रहा है। पिछली बार जहां पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था, तो उससे पहले पिछड़ी जाति की महिला के लिए आरक्षित था। ऐसे में इस बार सामान्य या अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण की संभावना ज्यादा है। लेकिन भाजपाई अनारक्षित होने की संभावना ज्यादा जता रहे हैं।
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महापौर पद पर सामान्य वर्ग से दावेदारों की लंबी सूची है। इनमें कई तो ऐसे हैं, जो विधानसभा चुनाव में दावेदार थे, लेकिन अंतिम समय में दौड़ से बाहर हो गए। ऐसे नेताओं ने अब खुद को महापौर पद की दौड़ में शामिल कर लिया है। इनमें संजीव जैन सिक्का, मुकेश सिंघल, पवन मित्तल, बिजेंद्र अग्रवाल के नाम प्रमुख हैं। जबकि कुछ लोग पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और पूर्व विधायक अमित अग्रवाल को भी दौड़ में शामिल मान रहे हैं। इनके अलावा अजय गुप्ता नटराज, नीरज मित्तल, संजीव अग्रवाल, विजय आनंद अग्रवाल भी मुख्य रूप से दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं।
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पिछड़ा वर्ग से होने के बावजूद महापौर हरिकांत अहलूवालिया की सामान्य सीट पर भी दावेदारी तय मानी जा रही है। सामान्य सीट के इन दावेदारों के पैराकारो में कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल और सांसद राजेंद्र अग्रवाल के साथ ही संघ परिवार और पार्टी के आला नेता सक्रिय हैं। हर कोई अपने खास के लिए गोटी बिछाने में जुटा है। वहीं इन सबके बीच एक नया नाम अब पूर्व एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल और उनकी बेटी डॉ. हिमानी अग्रवाल का भी जुड़ गया है। लेकिन यदि सीट सामान्य महिला की होती है तो इन दोनों में से कोई एक मजबूत दावेदारी कर सकती हैं।
वहीं दूसरी तरफ यदि सीट इस बार भी पिछड़ा वर्ग में आती है तो महापौर हरिकांत अहलूवालिया के साथ ही पूर्व में दावेदारी कर चुके मंगल सैन के अलावा पूर्व पार्षद और महानगर उपाध्यक्ष ललित नागदेव दावेदारी में शामिल हैं। जबकि अनुसूचित जाति में प्रदेश उपाध्यक्ष कांता कर्दम के साथ ही अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी और पूर्व विधायक गोपाल काली दावेदारी जता रहे हैं।
खास बात
सामान्य सीट हुई तो मचेगा घमासान, पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित वर्ग में भी हैं कई दावेदार