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एसटीएफ द्वारा पकडा गया गौमांस जांच में भैस का मिला
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खरखौदा। एसटीएफ ने एक माह पहले गोमांस की सूचना पाकर मीट से लदी टाटा 407 गाड़ी पकड़ी थी। वहीं, पशुपालन विभाग ने प्रथमदृष्टा मीट की जानकारी से इनकार किया था। इसमें बाद एसटीएफ की ओर से गोवंश अधिनियम का मामला दर्ज कराकर दो लोगों को जेल भेजा गया था। हालांकि मथुरा प्रयोगशाला से जांच में भैंस के मांस की पुष्टि हुई।
मेरठ एसटीएफ यूनिट इंचार्ज सुनील कुमार के नेतृत्व में थाने पहुंची टीम ने गत 15 नवंबर को पुलिस को सूचना दी थी। जिसमें बताया था कि हापुड़ की ओर से टाटा 407 में भारी मात्रा में गोमांस मेरठ किसी फैक्ट्री में लाया जा रहा है। जिसमें एसटीएफ ने उक्त टाटा 407 को खरखौदा में मोहिउद्दीनपुर मोड़ पर पकड़ लिया था। एसटीएफ टीम ने गाड़ी चालक निसार पुत्र तौफीक निवासी थाना लिसाड़ीगेट एवं नोहिनूर पुत्र शहादत निवासी असम दोनों को दबोच लिया था। एसटीएफ टीम ने पुलिस को शामिल कर कार्रवाई करने का प्रयास किया था। हालांकि इस पर पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया था। इसके बाद सूचना पाकर पशुपालन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची थी। पशु चिकित्सक ने मीट का नमूना लेकर मथुरा प्रयोगशाला भेज दिया था। वहीं, एसटीएफ ने अपनी ओर से गोवंश अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया था। जिसमें बाद में पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया था। जांच रिपोर्ट में उक्त मीट भैंस का बताया।
राजनीतिक दबाव में तो नहीं की गई कार्रवाई
भाजपा नेता मीट लदी गाड़ी पकड़े जाने की जानकारी पाकर थाने पहुंचे थे तथा एसटीएफ पर साठगांठ करने का आरोप लगाया था। इसके बाद दबाव में कार्रवाई की थी।
मीट की जांच रिपोर्ट आ गई है। इसमें भैंस के मीट की पुष्टि हुई है।-डॉ. वीरेंद्र कुमार सिंह, पशु चिकित्साधिकारी, खरखौदा
जांच में भैस के मीट की पुष्टि हुई है। इस मामले में दोबारा मीट की जांच कराई जाएगी।-आलोक कुमार सिंह, सीओ किठौर
मुख्य बातें
एसटीएफ ने एक माह पहले गोमांस की सूचना पाकर पकड़ी थी टाटा 407 गाड़ी
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मेरठ एसटीएफ यूनिट इंचार्ज सुनील कुमार के नेतृत्व में थाने पहुंची टीम ने गत 15 नवंबर को पुलिस को सूचना दी थी। जिसमें बताया था कि हापुड़ की ओर से टाटा 407 में भारी मात्रा में गोमांस मेरठ किसी फैक्ट्री में लाया जा रहा है। जिसमें एसटीएफ ने उक्त टाटा 407 को खरखौदा में मोहिउद्दीनपुर मोड़ पर पकड़ लिया था। एसटीएफ टीम ने गाड़ी चालक निसार पुत्र तौफीक निवासी थाना लिसाड़ीगेट एवं नोहिनूर पुत्र शहादत निवासी असम दोनों को दबोच लिया था। एसटीएफ टीम ने पुलिस को शामिल कर कार्रवाई करने का प्रयास किया था। हालांकि इस पर पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया था। इसके बाद सूचना पाकर पशुपालन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची थी। पशु चिकित्सक ने मीट का नमूना लेकर मथुरा प्रयोगशाला भेज दिया था। वहीं, एसटीएफ ने अपनी ओर से गोवंश अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया था। जिसमें बाद में पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया था। जांच रिपोर्ट में उक्त मीट भैंस का बताया।
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राजनीतिक दबाव में तो नहीं की गई कार्रवाई
भाजपा नेता मीट लदी गाड़ी पकड़े जाने की जानकारी पाकर थाने पहुंचे थे तथा एसटीएफ पर साठगांठ करने का आरोप लगाया था। इसके बाद दबाव में कार्रवाई की थी।
मीट की जांच रिपोर्ट आ गई है। इसमें भैंस के मीट की पुष्टि हुई है।-डॉ. वीरेंद्र कुमार सिंह, पशु चिकित्साधिकारी, खरखौदा
जांच में भैस के मीट की पुष्टि हुई है। इस मामले में दोबारा मीट की जांच कराई जाएगी।-आलोक कुमार सिंह, सीओ किठौर
मुख्य बातें
एसटीएफ ने एक माह पहले गोमांस की सूचना पाकर पकड़ी थी टाटा 407 गाड़ी