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ससुराल से दूर नहीं स्कूल तो मिल सकती है तैनाती

Sat, 18 Aug 2018 02:20 AM IST
Updated Sat, 18 Aug 2018 02:20 AM IST
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ससुराल से दूर नहीं स्कूल तो मिल सकती है तैनाती
मेरठ। सहायक अध्यापक से फिर से शिक्षा मित्र बने शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार शिक्षा मित्रों को अपने मूल विद्यालय में वापस लौटने की छूट दी गई है। महिला शिक्षिकाओं को अपनी ससुराल के नजदीक वाले स्कूल में तैनाती मिल सकती है। समायोजन के लिए शिक्षा मित्रों से आवेदन आने शुरू हो गए हैं।
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सपा सरकार में सरकारी प्राइमरी स्कूलों में तैनात शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक बना दिया गया था। मेरठ जिले से 905 शिक्षा मित्र सहायक अध्यापक बने थे। इन्हें दूसरे दूर दराज के स्कूलों में तैनाती भी दे दी गई थी। लेकिन बाद में कोर्ट के फैसले के बाद ये फिर से शिक्षा मित्र बन गए थे। लेकिन ये अभी भी उन्हीं स्कूलों में तैनात थे। शिक्षा मित्र के कम मानदेय में ये लोग दूर दराज के स्कूल में पढ़ाने में एतराज कर रहे थे।
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खंड शिक्षा अधिकारी नगर एसके गिरी के अनुसार विभाग ने इन शिक्षा मित्रों के समायोजन के निर्देश कर दिए हैं। इन शिक्षा मित्रों को उनके पुराने मूल विद्यालय में जाने का विकल्प दिया गया है। महिला शिक्षा मित्रों को उनके ससुराल के नजदीकी स्कूल में जाने की छूट भी दी गई है। इसके लिए उन्हें प्रार्थना पत्र पर अपना विकल्प देना होगा। उसके साथ अपने नए निवास स्थान के आईडी प्रूफ की कॉपी लगानी होगी। नगर क्षेत्र की महिला शिक्षक का तबादला नगर क्षेत्र के ही उसकी ससुराल के नजदीकी स्कूल में होगा। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में तैनात महिला शिक्षा मित्र को ग्रामीण क्षेत्र के ही स्कूल में भेजा जाएगा। यदि किसी ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में तैनात महिला शिक्षा मित्र की शादी शहर में होती है तो उसे शहर का स्कूल नहीं मिलेगा बल्कि ससुराल के नजदीक पड़ने वाले ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में उसे तैनाती दी जाएगी।
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समायोजन के लिए शिक्षा मित्रों से विकल्प मांग लिए गए हैं। शहर क्षेत्र में करीब 40 और ग्रामीण क्षेत्रों से अभी 11 शिक्षा मित्रों के आवेदन पहुंच भी गए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा समायोजन के लिए विभाग के तीन अधिकारियों की एक कमेटी बना दी गई है। ये कमेटी ही शिक्षा मित्रों के आवेदन पर विचार के बाद उन्हें स्कूलों में समायोजित करेगी। यदि किसी शिक्षा मित्र के विकल्प नहीं आते तो उन्हें कम शिक्षकों वाले स्कूलों में नियमानुसार समायोजित किया जाएगा।

खास बातें:
905 शिक्षा मित्र बने थे सहायक अध्यापक जिले में
सहायक अध्यापक से फिर से शिक्षा मित्र बने शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया हुई शुरू
मूल विद्यालय में भी लौट सकते हैं शिक्षा मित्र, विभाग ने विकल्प मांगे, आईडी के साथ करें आवेदन

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