{"_id":"5b539ad44f1c1b572f8b5d54","slug":"131532205780-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहीं परेशानी न बन जाए 13 दिन का डायवर्जन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कहीं परेशानी न बन जाए 13 दिन का डायवर्जन
Updated Sun, 22 Jul 2018 02:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांवड़ियाें की संख्या पर निर्भर करेगा डायवर्जन प्लान
मेरठ। एनएच-58 पर 13 दिन का डायवर्जन यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। पहली बार अफसरों ने इतने लंबे समय के लिए डायवर्जन प्लान तैयार किया है। वहीं पहली बार छह दिनों तक हाईवे बंद करने का प्लान तैयार किया गया है। डायवर्जन लागू होने के बाद बस अड्डे भी शिफ्ट करने होंगे। हालांकि इस बाबत आयुक्त अनीता सी मेश्राम का कहना है कि यह कार्ययोजना भर है। पुलिस की प्लानिंग पर ही रूट डायवर्जन होगा।
28 जुलाई से श्रावण माह शुरू हो रहा है। कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस और प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। नौ अगस्त की शिवरात्रि है। ऐसे में आठ अगस्त की रात्रि से मंदिरों में जलाभिषेक शुरू हो जाएगा। कांवड़ यात्रा में सबसे ज्यादा दिल्ली- देहरादून हाईवे (एनएच 58) पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होताी है। यातायात व्यवस्था को लेकर पहले ट्रैफिक पुलिस भारी वाहनों को हाईवे से डायवर्ट करती है। उसके बाद हाईवे पर वनवे व्यवस्था शुरू की जाती है। वनवे व्यवस्था लागू होने पर हाईवे पर एक तरफ ही हल्के वाहन आ जा सकते हैं। जैसे ही हाईवे पर कावंड़ियों की संख्या बढ़ती है और जलाभिषेक से तीन दिन पहले डांक कावड़ियों का आना जाना शुरू होता है तो हाईवे को बंद किया जाता है।
ये तैयार किया प्लान
शुक्रवार को मेरठ कमिश्नरी में प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार और डीजीपी ओपी सिंह ने यूपी के अलावा पांच अन्य राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें कहा किया 28 जुलाई से हाईवे पर वनवे व्यवस्था लागू कर डायवर्जन कर दिया जाएगा। वहीं 3 अगस्त की रात्रि से हाईवे को बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में 13 दिन का डायवर्जन प्लान और छह दिन का हाईवे बंद प्लान तैैयार किया है।
विज्ञापन
यह था ट्रैफिक पुलिस का प्लान
ट्रैफिक पुलिस ने जो प्लान तैयार कर दूसरे जिलों के लिए भेजा था। उसमें 31 जुलाई की रात्रि से हाईवे पर भारी वाहनों का डायवर्जन किया जाएगा। एक अगस्त से बस अड्डे भी अस्थायी रूप से शिफ्ट कर दिए जाएंगे। एक अगस्त की सुबह से हाईवे पर वनवे व्यवस्था लागू की जाएगी। वहीं पांच अगस्त की रात्रि से हाईवे को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। ट्रैफिक अफसरों ने यह भी कहा था कि कांवड़ियों की संख्या के आधार पर पर डायवर्जन और हाईवे बंद किया जाएगा।
डायवर्जन के बाद झेलनी पड़ती है परेशानी
रूट डायवर्जन के बाद शहर के लोगों के अलावा हाईवे पर भी यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। एनएच-58 का यातायात पूरी तरह से प्रभावित होता है। दिल्ली रोड पर भैसाली बस अड्डे को गढ़ रोड पर सोहराबगेट बस अड्डे पर शिफ्ट कर दिया जाता है। जबकि प्राइवेट बस अड्डे भी शहर से बाहर चले जाते हैं।
28 जुलाई से रूट डायवर्जन कार्ययोजना का हिस्सा है। यह निश्चित नहीं कि 28 से ही यह लागू होगा। पुलिस अधिकारी ही इसे परिस्थितियों के हिसाब से लागू करेंगे। उसी के मुताबिक इस तिथि में बदलाव होगा। कोशिश यही रहेगी कि जनता को कम से कम परेशानी हो। अनीता सी मेश्राम, आयुक्त मेरठ
विज्ञापन
मेरठ। एनएच-58 पर 13 दिन का डायवर्जन यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। पहली बार अफसरों ने इतने लंबे समय के लिए डायवर्जन प्लान तैयार किया है। वहीं पहली बार छह दिनों तक हाईवे बंद करने का प्लान तैयार किया गया है। डायवर्जन लागू होने के बाद बस अड्डे भी शिफ्ट करने होंगे। हालांकि इस बाबत आयुक्त अनीता सी मेश्राम का कहना है कि यह कार्ययोजना भर है। पुलिस की प्लानिंग पर ही रूट डायवर्जन होगा।
28 जुलाई से श्रावण माह शुरू हो रहा है। कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस और प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। नौ अगस्त की शिवरात्रि है। ऐसे में आठ अगस्त की रात्रि से मंदिरों में जलाभिषेक शुरू हो जाएगा। कांवड़ यात्रा में सबसे ज्यादा दिल्ली- देहरादून हाईवे (एनएच 58) पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होताी है। यातायात व्यवस्था को लेकर पहले ट्रैफिक पुलिस भारी वाहनों को हाईवे से डायवर्ट करती है। उसके बाद हाईवे पर वनवे व्यवस्था शुरू की जाती है। वनवे व्यवस्था लागू होने पर हाईवे पर एक तरफ ही हल्के वाहन आ जा सकते हैं। जैसे ही हाईवे पर कावंड़ियों की संख्या बढ़ती है और जलाभिषेक से तीन दिन पहले डांक कावड़ियों का आना जाना शुरू होता है तो हाईवे को बंद किया जाता है।
विज्ञापन
ये तैयार किया प्लान
शुक्रवार को मेरठ कमिश्नरी में प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार और डीजीपी ओपी सिंह ने यूपी के अलावा पांच अन्य राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें कहा किया 28 जुलाई से हाईवे पर वनवे व्यवस्था लागू कर डायवर्जन कर दिया जाएगा। वहीं 3 अगस्त की रात्रि से हाईवे को बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में 13 दिन का डायवर्जन प्लान और छह दिन का हाईवे बंद प्लान तैैयार किया है।
विज्ञापन
यह था ट्रैफिक पुलिस का प्लान
ट्रैफिक पुलिस ने जो प्लान तैयार कर दूसरे जिलों के लिए भेजा था। उसमें 31 जुलाई की रात्रि से हाईवे पर भारी वाहनों का डायवर्जन किया जाएगा। एक अगस्त से बस अड्डे भी अस्थायी रूप से शिफ्ट कर दिए जाएंगे। एक अगस्त की सुबह से हाईवे पर वनवे व्यवस्था लागू की जाएगी। वहीं पांच अगस्त की रात्रि से हाईवे को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। ट्रैफिक अफसरों ने यह भी कहा था कि कांवड़ियों की संख्या के आधार पर पर डायवर्जन और हाईवे बंद किया जाएगा।
डायवर्जन के बाद झेलनी पड़ती है परेशानी
रूट डायवर्जन के बाद शहर के लोगों के अलावा हाईवे पर भी यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। एनएच-58 का यातायात पूरी तरह से प्रभावित होता है। दिल्ली रोड पर भैसाली बस अड्डे को गढ़ रोड पर सोहराबगेट बस अड्डे पर शिफ्ट कर दिया जाता है। जबकि प्राइवेट बस अड्डे भी शहर से बाहर चले जाते हैं।
28 जुलाई से रूट डायवर्जन कार्ययोजना का हिस्सा है। यह निश्चित नहीं कि 28 से ही यह लागू होगा। पुलिस अधिकारी ही इसे परिस्थितियों के हिसाब से लागू करेंगे। उसी के मुताबिक इस तिथि में बदलाव होगा। कोशिश यही रहेगी कि जनता को कम से कम परेशानी हो। अनीता सी मेश्राम, आयुक्त मेरठ