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चार दिन का है चरण, 20 हजार बच्चों का होगा टीकाकरण
Updated Sun, 22 Jul 2018 02:12 AM IST
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चार दिन का है चरण, 20 हजार बच्चों का होगा टीकाकरण
मेरठ। स्वास्थ्य विभाग पिछले टीकाकरण अभियान के दौरान छूट गए बच्चों का फिर से विशेष अभियान चलाकर टीकाकरण करेगा। यह अभियान 23 जुलाई (सोमवार) से शुरू हो रहा है और 24, 26 और 27 जुलाई को चलेगा। इसमें करीब 20 हजार बच्चे टीकाकरण करने के लिए चिह्नित किए गए हैं।
इस अभियान के तहत शून्य से दो साल तक के सभी बच्चों को टीकाकरण करके प्रतिरक्षित किया जाएगा, ताकि बच्चों को स्वस्थ रखा जा सके और कुपोषण से बचाया जा सके। बच्चों को टीबी, पोलियो, काली खांसी, गलघोटू, हेपेटाइटिस बी, निमोनिया और खसरा जैसी जानलेवा बीमारियों का खात्मा करने के लिए टीकाकरण किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है।
183 टीमें लगाई गईं
समय-समय पर टीकाकारण अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन फिर भी हजारों बच्चे टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं। लिहाजा फिर अभियान चलाया जा रहा है। इसमें में 183 टीमें लगाई गई हैं। - डॉ. विश्वास चौधरी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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भ्रांतियां होंगी दूर तो सेहत मिलेगी भरपूर
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि कई बार टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों के कारण परिजन बच्चों को टीके नहीं लगवाते हैं। टीका लगने पर हल्का बुखार, दर्द, सूजन या जकड़न आदि हो सकता है। यह समझना चाहिए कि टीकों से होने वाली यह परेशानियां मामूली हैं। अगर टीकाकरण नहीं करवाएंगे तो जोखिम ज्यादा है।
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मेरठ। स्वास्थ्य विभाग पिछले टीकाकरण अभियान के दौरान छूट गए बच्चों का फिर से विशेष अभियान चलाकर टीकाकरण करेगा। यह अभियान 23 जुलाई (सोमवार) से शुरू हो रहा है और 24, 26 और 27 जुलाई को चलेगा। इसमें करीब 20 हजार बच्चे टीकाकरण करने के लिए चिह्नित किए गए हैं।
इस अभियान के तहत शून्य से दो साल तक के सभी बच्चों को टीकाकरण करके प्रतिरक्षित किया जाएगा, ताकि बच्चों को स्वस्थ रखा जा सके और कुपोषण से बचाया जा सके। बच्चों को टीबी, पोलियो, काली खांसी, गलघोटू, हेपेटाइटिस बी, निमोनिया और खसरा जैसी जानलेवा बीमारियों का खात्मा करने के लिए टीकाकरण किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है।
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183 टीमें लगाई गईं
समय-समय पर टीकाकारण अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन फिर भी हजारों बच्चे टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं। लिहाजा फिर अभियान चलाया जा रहा है। इसमें में 183 टीमें लगाई गई हैं। - डॉ. विश्वास चौधरी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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भ्रांतियां होंगी दूर तो सेहत मिलेगी भरपूर
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि कई बार टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों के कारण परिजन बच्चों को टीके नहीं लगवाते हैं। टीका लगने पर हल्का बुखार, दर्द, सूजन या जकड़न आदि हो सकता है। यह समझना चाहिए कि टीकों से होने वाली यह परेशानियां मामूली हैं। अगर टीकाकरण नहीं करवाएंगे तो जोखिम ज्यादा है।