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आईजी असीम अरुण के बयान दर्ज
Updated Thu, 16 Nov 2017 02:26 AM IST
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मेरठ। रिश्वत के मामले में सिपाही के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने वाले आईपीएस अधिकारी असीम अरुण ने बुधवार को स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण मोहम्मद शरीफ की कोर्ट में बयान दर्ज कराए।
सरकारी अधिवक्ता संजीव कुमार ने बताया कि वादी मुकुल अग्रवाल ने दो अक्तूबर 2008 को शिकायत में आरोप लगाया था कि पासपोर्ट के सत्यापन की रिपोर्ट लगाने के एवज में थाना बपारसी अलीगढ़ में तैनात सिपाही रोहताश ने पांच सौ रुपये की रिश्वत मांगी थी। सिपाही के खिलाफ रिश्वत लेने के आरोप में स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय मेरठ में मुकदमा चल रहा है। उस समय अलीगढ़ के तत्कालीन एसएसपी और वर्तमान में आईजी एटीएस लखनऊ असीम अरुण ने सिपाही के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी। जिन्हाेंने इस संबंध में कोर्ट में पेश होकर बयान दर्ज कराए।
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सरकारी अधिवक्ता संजीव कुमार ने बताया कि वादी मुकुल अग्रवाल ने दो अक्तूबर 2008 को शिकायत में आरोप लगाया था कि पासपोर्ट के सत्यापन की रिपोर्ट लगाने के एवज में थाना बपारसी अलीगढ़ में तैनात सिपाही रोहताश ने पांच सौ रुपये की रिश्वत मांगी थी। सिपाही के खिलाफ रिश्वत लेने के आरोप में स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय मेरठ में मुकदमा चल रहा है। उस समय अलीगढ़ के तत्कालीन एसएसपी और वर्तमान में आईजी एटीएस लखनऊ असीम अरुण ने सिपाही के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी। जिन्हाेंने इस संबंध में कोर्ट में पेश होकर बयान दर्ज कराए।
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