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केपीएस के चेयरमैन समेत चार आरोपी जेल भेजे
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- फिर बढ़ानी पड़ी बद्दो की फरारी के मामले में धारा
- किरकिरी कराने के बाद पुलिस को याद आती है कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मोस्ट वांटेड कुख्यात बदन सिंह बद्दो की फरारी के मामले में गिरफ्तार करन पब्लिक स्कूल के संचालक भानू प्रताप सिंह समेत चार आरोपियों को ब्रह्मपुरी पुलिस ने स्पेशल सीजेएम रामलाल की अदालत में सोमवार को पेश किया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
28 मार्च को बदन सिंह बद्दो फर्रुखाबाद पुलिस की कस्टडी से मुकुट महल होटल से फरार हो गए था। उसे फरार कराने में फर्रुखाबाद पुलिस के छह पुलिसकर्मियों समेत नौ लोग मौके से गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस ने उनको कोर्ट के समक्ष पेश किया था। जिसमें एक आरोपी जवाहरलाल पुलिस की कमजोर विवेचना के चलते जमानत पाकर फरार हो गया। जबकि आठ आरोपी जेल में बंद हैं। पुलिस की जांच में बददो को भगाने में करन पब्लिक स्कूल के संचालक भानू प्रताप सिंह, फाइनेंसर मिक्की, अरुण और राहुल को रविवार को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि भानूप्रताप सिंह बददो को दिल्ली तक अपनी गाड़ी में छोड़ने गया था। इसकी जानकारी लगने के बावजूद भानू प्रताप ने पुलिस को बताना मुनासिब नहीं समझा।
फिर बढ़ानी पड़ी पुलिस को धारा
बदन सिंह बद्दो की फरारी के मामले में मेरठ पुलिस की काफी किरकिरी हुई। पुलिस ने बद्दो को फरार करने नौ लोगों को मौके से गिरफ्तार किया था। कमजोर धारा लगने के चलते सभी आरोपियों को कोर्ट ने जमानत दी थी। जिसके बाद पुलिस ने विवेचना में धारा 222 और 225 की बढ़ोत्तरी की तो कोर्ट ने उनका न्यायिक रिमांड बनाया। बद्दो को उम्रकैद की सजा हो चुकी थी। इसको देखते उसकी गिरफ्तारी होना बेहद जरूरी है। उसे भगाने वालों पर मजबूत कार्रवाई हो। इसको देखते पुलिस ने अब आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 (जालसाजी से संबंधित) बढ़ाए जाने के लिए अदालत में अर्जी दी थी। जिसमें जेल में बंद सभी आरोपियों का रिमांड बना है।
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फर्जी आरसी और नंबर प्लेट मिली
इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए स्कूल संचालक भानू प्रताप सिंह, मिक्की फाइनेंसर, राहुल और अरुण की निशानदेही पर एक गाड़ी की फर्जी आरसी और नंबर प्लेट बरामद हुई है। जिससे अंदेशा है कि बद्दो को भगाने में गाड़ी में फर्जी नंबर प्लेट लगाई है। साक्ष्य छुपाने के लिए और जालसाजी के चलते ही यह धारा बढ़ाई गई है।
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- फिर बढ़ानी पड़ी बद्दो की फरारी के मामले में धारा
- किरकिरी कराने के बाद पुलिस को याद आती है कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मोस्ट वांटेड कुख्यात बदन सिंह बद्दो की फरारी के मामले में गिरफ्तार करन पब्लिक स्कूल के संचालक भानू प्रताप सिंह समेत चार आरोपियों को ब्रह्मपुरी पुलिस ने स्पेशल सीजेएम रामलाल की अदालत में सोमवार को पेश किया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
28 मार्च को बदन सिंह बद्दो फर्रुखाबाद पुलिस की कस्टडी से मुकुट महल होटल से फरार हो गए था। उसे फरार कराने में फर्रुखाबाद पुलिस के छह पुलिसकर्मियों समेत नौ लोग मौके से गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस ने उनको कोर्ट के समक्ष पेश किया था। जिसमें एक आरोपी जवाहरलाल पुलिस की कमजोर विवेचना के चलते जमानत पाकर फरार हो गया। जबकि आठ आरोपी जेल में बंद हैं। पुलिस की जांच में बददो को भगाने में करन पब्लिक स्कूल के संचालक भानू प्रताप सिंह, फाइनेंसर मिक्की, अरुण और राहुल को रविवार को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि भानूप्रताप सिंह बददो को दिल्ली तक अपनी गाड़ी में छोड़ने गया था। इसकी जानकारी लगने के बावजूद भानू प्रताप ने पुलिस को बताना मुनासिब नहीं समझा।
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फिर बढ़ानी पड़ी पुलिस को धारा
बदन सिंह बद्दो की फरारी के मामले में मेरठ पुलिस की काफी किरकिरी हुई। पुलिस ने बद्दो को फरार करने नौ लोगों को मौके से गिरफ्तार किया था। कमजोर धारा लगने के चलते सभी आरोपियों को कोर्ट ने जमानत दी थी। जिसके बाद पुलिस ने विवेचना में धारा 222 और 225 की बढ़ोत्तरी की तो कोर्ट ने उनका न्यायिक रिमांड बनाया। बद्दो को उम्रकैद की सजा हो चुकी थी। इसको देखते उसकी गिरफ्तारी होना बेहद जरूरी है। उसे भगाने वालों पर मजबूत कार्रवाई हो। इसको देखते पुलिस ने अब आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 (जालसाजी से संबंधित) बढ़ाए जाने के लिए अदालत में अर्जी दी थी। जिसमें जेल में बंद सभी आरोपियों का रिमांड बना है।
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फर्जी आरसी और नंबर प्लेट मिली
इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए स्कूल संचालक भानू प्रताप सिंह, मिक्की फाइनेंसर, राहुल और अरुण की निशानदेही पर एक गाड़ी की फर्जी आरसी और नंबर प्लेट बरामद हुई है। जिससे अंदेशा है कि बद्दो को भगाने में गाड़ी में फर्जी नंबर प्लेट लगाई है। साक्ष्य छुपाने के लिए और जालसाजी के चलते ही यह धारा बढ़ाई गई है।