{"_id":"5a8c88434f1c1ba5268bb4ce","slug":"121519159363-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष की कुर्सी पर घमासान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष की कुर्सी पर घमासान
Updated Wed, 21 Feb 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चुनाव आज
मेरठ। नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चुनाव बुधवार को टाउन हॉल में होगा। चुनाव को लेकर भाजपाई मंगलवार से पहले शांत दिख रहे थे। लेकिन दोपहर बाद भाजपाइयों ने अपनी गोटी खोलने शुरू कर दी। जहां उपाध्यक्ष की कुर्सी के लिए पार्षद ललित नागदेव पर दांव लगाने की तैयारी हुई तो वहीं जीत के लिए जोड़तोड़ भी शुरू कर दिया गया।
नगर निगम में महापौर के साथ कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का पद भी काफी महत्वपूर्ण है। महापौर की गैर मौजूदगी में कार्यकारिणी बैठक को संचालन का अधिकार उपाध्यक्ष का होता है। इसलिए इस पद को लेकर भाजपा और बसपा में घमासान चल रहा है। कार्यकारिणी सदस्य चुनाव में भाजपा संगठन की कोई भूमिका न होने के कारण भाजपा के पांच सदस्य ही जीत कर आए। जबकि बसपा ने कार्यकारिणी में सात सदस्यों के साथ प्रवेश किया। अब उपाध्यक्ष का चुनाव होना है। इसके लिए कार्यकारिणी सदस्यों को वोट करना है। महापौर को अधिकार है कि प्रत्याशियों की बराबर बराबर वोट आने पर वह अपना निर्णायक मत किसी एक के पक्ष में दे सकती हैं। मंगलवार से उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर भाजपा में काफी हलचल नजर आई। भाजपा की ओर से ललित नागदेव को प्रत्याशी बनाने पर भी मंथन किया गया। हालांकि संगठन की तरफ से नाम की घोषणा नहीं की गई है। जबकि बसपा की तरफ से कासिम के साथ-साथ धर्मवीर का नाम भी चर्चाओं में रहा।
विज्ञापन
मेरठ। नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चुनाव बुधवार को टाउन हॉल में होगा। चुनाव को लेकर भाजपाई मंगलवार से पहले शांत दिख रहे थे। लेकिन दोपहर बाद भाजपाइयों ने अपनी गोटी खोलने शुरू कर दी। जहां उपाध्यक्ष की कुर्सी के लिए पार्षद ललित नागदेव पर दांव लगाने की तैयारी हुई तो वहीं जीत के लिए जोड़तोड़ भी शुरू कर दिया गया।
नगर निगम में महापौर के साथ कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का पद भी काफी महत्वपूर्ण है। महापौर की गैर मौजूदगी में कार्यकारिणी बैठक को संचालन का अधिकार उपाध्यक्ष का होता है। इसलिए इस पद को लेकर भाजपा और बसपा में घमासान चल रहा है। कार्यकारिणी सदस्य चुनाव में भाजपा संगठन की कोई भूमिका न होने के कारण भाजपा के पांच सदस्य ही जीत कर आए। जबकि बसपा ने कार्यकारिणी में सात सदस्यों के साथ प्रवेश किया। अब उपाध्यक्ष का चुनाव होना है। इसके लिए कार्यकारिणी सदस्यों को वोट करना है। महापौर को अधिकार है कि प्रत्याशियों की बराबर बराबर वोट आने पर वह अपना निर्णायक मत किसी एक के पक्ष में दे सकती हैं। मंगलवार से उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर भाजपा में काफी हलचल नजर आई। भाजपा की ओर से ललित नागदेव को प्रत्याशी बनाने पर भी मंथन किया गया। हालांकि संगठन की तरफ से नाम की घोषणा नहीं की गई है। जबकि बसपा की तरफ से कासिम के साथ-साथ धर्मवीर का नाम भी चर्चाओं में रहा।
विज्ञापन