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विद्युत मीटर बिना लगाए दे दिया सिलिंग सर्टिफिकेट, महिनों से आ रहा बिल
Updated Sun, 15 Jul 2018 01:52 AM IST
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गंगानगर। इंचौली गांव में विद्युत निगम का भ्रष्टाचार सामने आया है। जहां विभाग द्वारा मीटर देने के बाद बिना विद्युत कनेक्शन करे उपभोक्ता को सीलिंग सर्टिफि केट दे दिया गया। उपभोक्ता के यहां छह माह से बिना बिजली प्रयोग के ही बिल भेजा जा रहा है। ग्रामीणों ने कई बार कैंप में भी इस समस्या को उठाया, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
इंचौली निवासी इरफान ने दिसंबर में सौभाग्य योजना के तहत 30 दिसंबर 2017 को कनेक्शन कराया था। उसने बताया कि बना बिजलीघर के जेई व मीटर कंपनी के कर्मचारी मीटर बिना लगाए ही सीलिंग सर्टिफिकेट दे गए। कर्मचारी दो दिन बाद आने की बात कहकर चले गए, लेकिन आज तक नहीं आए। इस बीच उसे बिना बिजली प्रयोग के ही बिल भेजना शुरू कर दिया। कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। वहीं दूसरा मामला अंसार का है। विभाग ने अंसार के यहां भी सौभाग्य योजना के तहत सामान दे दिया और इंस्टाल नहीं किया न ही कनेक्शन जोड़े। अगले माह से करीब आठ सौ रुपये माह का बिल आना शुरू हो गया। कई अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद तीन दिन पूर्व 11 जुलाई को कनेक्शन हो सका। इस बीच उपभोक्ता ने कई माह का बिल बिना विद्युत प्रयोग किए ही दिया।
वहीं डाकखाने वाली गली में करीब दो साल पहले दो पोल टूट गए थे। विद्युत विभाग की लापरवाही इस कदर है कि कर्मचारियों ने लोहे की ग्रिल की सहायता से शारिक के घर की छतों पर तार बांध दिए। बारिश होते ही घर में करंट उतरना शुरू हो जाता है। कई बार एसडीओ मवाना से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इंचौली व्यापार मंडल के अध्यक्ष इसरार सिद्दीकी ने बताया कि गांव में विभाग द्वारा लगने वाले कैंपों में शिकायत की जाती है। पर कार्रवाई नहीं होती है। विभाग से शिकायत करने वालों में मुजीब, नौशाद आलम, जहीर आलम, सलीम, इमरान आदि हैं।
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प्राथमिक विद्यालय के सामने खुले में ट्रांसफार्मर
उर्स ग्राउंड पर प्राथमिक विद्यालय है। उसी के सामने विद्युत विभाग ने जमीन पर ही 250 केवीए का ट्रांसफार्मर खुला रखा है। इससे बड़ा खतरा बना रहता है। मोहल्ले के लोगों के मुताबिक स्कूल के समय जब लंच होता है तो बच्चे बाहर ग्राउंड पर खेलते हैं। जिसके लिए शिक्षक को ट्रांसफार्मर के पास खड़ा होना पड़ता है।
कई बार हो चुका है हादसा
बिजली विभाग की लापरवाही के चलते चार माह पूर्व इंचौली में बड़ा हादसा हो गया था। जिसमें करीब 50 से अधिक घरों पर करंट उतर आया और एक बीटेक के छात्र की मौत हो गई थी। वहीं आधा दर्जन करंट की चपेट में आ गए थे। कस्तला गांव में भी डेढ़ वर्ष पूर्व विद्युत विभाग की लापरवाही से ही एक युवक की मौत हो गई थी जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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जुड़वाएंगे कनेक्शन
यदि तार नहीं जोड़े गए हैं तो गलत है। वह प्रार्थना पत्र देकर बना बिजलीघर के जेई को दे दे। कनेक्शन जुड़वा दिया जाएगा। वहीं डाक मोहल्ले में करंट उतरने वाले मामले में प्रार्थी शिकायत पत्र लिखकर जमा करा दे। खंभे लगवा दिए जाएंगे। -पंकज कौशिक, उपखंड अधिकारी मवाना
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इंचौली निवासी इरफान ने दिसंबर में सौभाग्य योजना के तहत 30 दिसंबर 2017 को कनेक्शन कराया था। उसने बताया कि बना बिजलीघर के जेई व मीटर कंपनी के कर्मचारी मीटर बिना लगाए ही सीलिंग सर्टिफिकेट दे गए। कर्मचारी दो दिन बाद आने की बात कहकर चले गए, लेकिन आज तक नहीं आए। इस बीच उसे बिना बिजली प्रयोग के ही बिल भेजना शुरू कर दिया। कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। वहीं दूसरा मामला अंसार का है। विभाग ने अंसार के यहां भी सौभाग्य योजना के तहत सामान दे दिया और इंस्टाल नहीं किया न ही कनेक्शन जोड़े। अगले माह से करीब आठ सौ रुपये माह का बिल आना शुरू हो गया। कई अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद तीन दिन पूर्व 11 जुलाई को कनेक्शन हो सका। इस बीच उपभोक्ता ने कई माह का बिल बिना विद्युत प्रयोग किए ही दिया।
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वहीं डाकखाने वाली गली में करीब दो साल पहले दो पोल टूट गए थे। विद्युत विभाग की लापरवाही इस कदर है कि कर्मचारियों ने लोहे की ग्रिल की सहायता से शारिक के घर की छतों पर तार बांध दिए। बारिश होते ही घर में करंट उतरना शुरू हो जाता है। कई बार एसडीओ मवाना से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इंचौली व्यापार मंडल के अध्यक्ष इसरार सिद्दीकी ने बताया कि गांव में विभाग द्वारा लगने वाले कैंपों में शिकायत की जाती है। पर कार्रवाई नहीं होती है। विभाग से शिकायत करने वालों में मुजीब, नौशाद आलम, जहीर आलम, सलीम, इमरान आदि हैं।
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प्राथमिक विद्यालय के सामने खुले में ट्रांसफार्मर
उर्स ग्राउंड पर प्राथमिक विद्यालय है। उसी के सामने विद्युत विभाग ने जमीन पर ही 250 केवीए का ट्रांसफार्मर खुला रखा है। इससे बड़ा खतरा बना रहता है। मोहल्ले के लोगों के मुताबिक स्कूल के समय जब लंच होता है तो बच्चे बाहर ग्राउंड पर खेलते हैं। जिसके लिए शिक्षक को ट्रांसफार्मर के पास खड़ा होना पड़ता है।
कई बार हो चुका है हादसा
बिजली विभाग की लापरवाही के चलते चार माह पूर्व इंचौली में बड़ा हादसा हो गया था। जिसमें करीब 50 से अधिक घरों पर करंट उतर आया और एक बीटेक के छात्र की मौत हो गई थी। वहीं आधा दर्जन करंट की चपेट में आ गए थे। कस्तला गांव में भी डेढ़ वर्ष पूर्व विद्युत विभाग की लापरवाही से ही एक युवक की मौत हो गई थी जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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जुड़वाएंगे कनेक्शन
यदि तार नहीं जोड़े गए हैं तो गलत है। वह प्रार्थना पत्र देकर बना बिजलीघर के जेई को दे दे। कनेक्शन जुड़वा दिया जाएगा। वहीं डाक मोहल्ले में करंट उतरने वाले मामले में प्रार्थी शिकायत पत्र लिखकर जमा करा दे। खंभे लगवा दिए जाएंगे। -पंकज कौशिक, उपखंड अधिकारी मवाना