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कानून-व्यवस्था सुधारने की जरूरत: राज्यपाल
Updated Fri, 19 Jan 2018 01:33 AM IST
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कानून व्यवस्था में सुधार की जरूरत: राज्यपाल
मोदीनगर। प्रदेश राज्यपाल राम नाईक का मानना है कि सूबे की कानून व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद पश्चिम उत्तर में कानून व्यवस्था को लेकर पहली बार राज्यपाल ने प्रतिक्रिया दी है। राज्यपाल मोदीनगर में डॉ. केएन मोदी फाउंडेशन के 25वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि आए थे। उन्होंने छात्रों को संबोधित किया।
प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर प्रेस ने राज्यपाल से सवाल पूछा कि एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चला रही है तो दूसरी ओर बेटियों के साथ हत्या व अपहरण जैसे अपराध हो रहे हैं। उन्होंने कहा प्रदेश की कानून व्यवस्था में अहम सुधार की आवश्यकता है। हालांकि साथ में उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे तब भी कानून व्यवस्था में सुधार का सुझाव उन्होंने दिया था। कानून व्यवस्था पर इससे अधिक राज्यपाल ने नहीं बोला। दीक्षांत समारोह के 35 मिनट के संबोधन में उन्होंने छात्र-छात्राओं को सफलता के चार मंत्र बताए। छात्रों से कहा हमेशा मुस्कराते रहो, अच्छे काम की प्रशंसा करो, किसी की अवमानना न करो और हमेशा और बेहतर करने की कोशिश करो।
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मोदीनगर। प्रदेश राज्यपाल राम नाईक का मानना है कि सूबे की कानून व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद पश्चिम उत्तर में कानून व्यवस्था को लेकर पहली बार राज्यपाल ने प्रतिक्रिया दी है। राज्यपाल मोदीनगर में डॉ. केएन मोदी फाउंडेशन के 25वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि आए थे। उन्होंने छात्रों को संबोधित किया।
प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर प्रेस ने राज्यपाल से सवाल पूछा कि एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चला रही है तो दूसरी ओर बेटियों के साथ हत्या व अपहरण जैसे अपराध हो रहे हैं। उन्होंने कहा प्रदेश की कानून व्यवस्था में अहम सुधार की आवश्यकता है। हालांकि साथ में उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे तब भी कानून व्यवस्था में सुधार का सुझाव उन्होंने दिया था। कानून व्यवस्था पर इससे अधिक राज्यपाल ने नहीं बोला। दीक्षांत समारोह के 35 मिनट के संबोधन में उन्होंने छात्र-छात्राओं को सफलता के चार मंत्र बताए। छात्रों से कहा हमेशा मुस्कराते रहो, अच्छे काम की प्रशंसा करो, किसी की अवमानना न करो और हमेशा और बेहतर करने की कोशिश करो।
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