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देश व जीवंत समाज के लिए जरुरी शारीरिक शिक्षा
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शहीद मंगल पांडे डिग्री कॉलेज में शारीरिक शिक्षा पर हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी
मेरठ। राजकीय शहीद मंगल पांडे महिला डिग्री कॉलेज माधवपुरम में शुक्रवार को राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। इसका विषय ‘शारीरिक शिक्षा, योग और सामुदायिक स्वास्थ्य’ रखा गया। शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. वाई विमला प्रतिकुलपति सीसीएसयू, विशिष्ट अतिथि डॉ. नरेश मलिक प्राचार्य सीसीआरडी कॉलेज मुजफ्फरनगर ने किया। मुख्य वक्ता डॉ. राजेंद्र सिंह निदेशक शारीरिक शिक्षा विभाग जीवाजी विवि ग्वालियर मप्र रहे। उच्च शिक्षा विभाग उप्र शासन के सहयोग से संगोष्ठी हुई।
आयोजन सचिव डॉ. प्रविन्द्र कुमार ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य में शारीरिक शिक्षा व योग की महती भूमिका है। योग व व्यायाम से हम अनेक बीमारियों को आने से पहले ही रोक लेते हैं। अतिथि वक्ता डॉ. विजय तालियान ने वेदों का संदर्भ देते हुए कहा कि व्यक्ति का सबसे बड़ा धर्म उसकी निरोगी काया है। जिसको हम शारीरिक व्यायाम व योग से ही प्राप्त कर सकते हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. नरेश मलिक ने कहा कि शारीरिक शिक्षा व योग से हम शरीर को जीवंतता दे सकते हैं। इससे देश को भी एक स्वस्थ्य व जीवंत समाज मिलता है। मुख्य अतिथि प्रो. वाई विमला ने कहा कि शारीरिक व्यायाम व योग शारीरिक सक्षमता व मानसिक उत्कृष्टता प्रदान करती है। कार्यक्रम अध्यक्ष कॉलेज की प्राचार्य प्रो. संध्या रानी ने कहा कि हमारे पूर्वजों का जीवन शारीरिक श्रम पर निर्भर था। इसलिए वे स्वस्थ रहते थे। संगोष्ठी दो तकनीकी सत्रों का आयोजन हुआ। इसमें विभिन्न विवि, महाविद्यालयों से आए शिक्षकों, शोधार्थियों ने विचार रखे। समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. एपी गर्ग कुलपति शोभित विवि रहे। मुख्य वक्ता डॉ. संजीव कुमार असिस्टेंट प्रो. लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन क्षेत्रीय केंद्र गुवाहाटी असम रहे। डॉ. संजीव कुमार ने शारीरिक व्यायाम व योग की तकनीकी जानकारी दी। प्रो. गर्ग ने तनावपूर्ण वातावरण में स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक व्यायाम व योग को जरूरी बताया। अतिथि वक्ता के रूप में डॉ. विजय तालियान अपर जिला जज इटावा रहे। अध्यक्षता प्राचार्या प्रो. डॉ. संध्या रानी की रही। संचालन डॉ. पूनम भंडारी ने किया। अंत में डॉ. दिनेश चंद्र ने सभी का आभार दिया।
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मेरठ। राजकीय शहीद मंगल पांडे महिला डिग्री कॉलेज माधवपुरम में शुक्रवार को राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। इसका विषय ‘शारीरिक शिक्षा, योग और सामुदायिक स्वास्थ्य’ रखा गया। शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. वाई विमला प्रतिकुलपति सीसीएसयू, विशिष्ट अतिथि डॉ. नरेश मलिक प्राचार्य सीसीआरडी कॉलेज मुजफ्फरनगर ने किया। मुख्य वक्ता डॉ. राजेंद्र सिंह निदेशक शारीरिक शिक्षा विभाग जीवाजी विवि ग्वालियर मप्र रहे। उच्च शिक्षा विभाग उप्र शासन के सहयोग से संगोष्ठी हुई।
आयोजन सचिव डॉ. प्रविन्द्र कुमार ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य में शारीरिक शिक्षा व योग की महती भूमिका है। योग व व्यायाम से हम अनेक बीमारियों को आने से पहले ही रोक लेते हैं। अतिथि वक्ता डॉ. विजय तालियान ने वेदों का संदर्भ देते हुए कहा कि व्यक्ति का सबसे बड़ा धर्म उसकी निरोगी काया है। जिसको हम शारीरिक व्यायाम व योग से ही प्राप्त कर सकते हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. नरेश मलिक ने कहा कि शारीरिक शिक्षा व योग से हम शरीर को जीवंतता दे सकते हैं। इससे देश को भी एक स्वस्थ्य व जीवंत समाज मिलता है। मुख्य अतिथि प्रो. वाई विमला ने कहा कि शारीरिक व्यायाम व योग शारीरिक सक्षमता व मानसिक उत्कृष्टता प्रदान करती है। कार्यक्रम अध्यक्ष कॉलेज की प्राचार्य प्रो. संध्या रानी ने कहा कि हमारे पूर्वजों का जीवन शारीरिक श्रम पर निर्भर था। इसलिए वे स्वस्थ रहते थे। संगोष्ठी दो तकनीकी सत्रों का आयोजन हुआ। इसमें विभिन्न विवि, महाविद्यालयों से आए शिक्षकों, शोधार्थियों ने विचार रखे। समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. एपी गर्ग कुलपति शोभित विवि रहे। मुख्य वक्ता डॉ. संजीव कुमार असिस्टेंट प्रो. लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन क्षेत्रीय केंद्र गुवाहाटी असम रहे। डॉ. संजीव कुमार ने शारीरिक व्यायाम व योग की तकनीकी जानकारी दी। प्रो. गर्ग ने तनावपूर्ण वातावरण में स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक व्यायाम व योग को जरूरी बताया। अतिथि वक्ता के रूप में डॉ. विजय तालियान अपर जिला जज इटावा रहे। अध्यक्षता प्राचार्या प्रो. डॉ. संध्या रानी की रही। संचालन डॉ. पूनम भंडारी ने किया। अंत में डॉ. दिनेश चंद्र ने सभी का आभार दिया।
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