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भगवान की प्राप्ति का हर िकथा ही माध्यम: साध्वी
Updated Tue, 31 Jul 2018 01:32 AM IST
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हरि कथा से होगी भगवान की प्राप्ति: साध्वी
मेरठ। कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई ने भगवान और भक्त के बीच जो संबंध होता है वह अतुलनीय है। इसमें किसी नियम की आवश्यकता नहीं होती है। भक्त के मन की बात भगवान स्वयं जान लेते है। भगवान की प्राप्ति का सत्संग हरि-कथा ही एक माध्यम है। सत्संग है, मानसरोवर, सुखों की खान बंदें, सत्संग से ही मिलते है। साध्वी दर्शनी बाई सोमवार को छावनी क्षेत्र स्थित मानव धर्म मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा कह रही थी। उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित को सात दिन तक यही कथा सुनने के बाद आत्म-तत्व की प्राप्ति हुई थी। उन्होंने अपने जीवन में भगवान के सच्चे नाम को जानकर भजन-साधना की। राजा परीक्षित को लेने भगवान के दूत स्वर्ग से विमान लेकर गए। यही हमारे जीवन में भी होना चाहिए। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि ऋषिपाल मलिक प्रबंधक,बी.एस.एन.एल. परिवार रहे। यजमान बीएसगुप्ता पत्नी मंजू देवी ने कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई और सहयोगी साध्वी धनिष्ठा बाई और भजन गायक कलाकारों का स्वागत किया। भजन गायक अमर रंगीला, सुरेंद्र कुमार, प्रकाश कुमार, रवि, नेपाल से पधारे प्रसिद्ध भजन गायिका सरगम गायत्री ने रे मानुष क्या ढूंढे इस जग में, सब कुछ तेरे अंदर,, भजनों द्वारा सबको भाव विभोर कर दिया। कलाकारों के सुंदर भजनों पर सभी भक्तों ने खूब ठुमके लगाए। बी.एस.गुप्ता, मंजू देवी, प्रधान देवेन्द्र सिंह, राजेश गोयल, सोनवीर, बलवीर, श्रीराम, राकेश गोयल, सतेन्द्र सिंह, भँवर सिहं , पुष्पा शर्मा, सुनीता और अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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मेरठ। कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई ने भगवान और भक्त के बीच जो संबंध होता है वह अतुलनीय है। इसमें किसी नियम की आवश्यकता नहीं होती है। भक्त के मन की बात भगवान स्वयं जान लेते है। भगवान की प्राप्ति का सत्संग हरि-कथा ही एक माध्यम है। सत्संग है, मानसरोवर, सुखों की खान बंदें, सत्संग से ही मिलते है। साध्वी दर्शनी बाई सोमवार को छावनी क्षेत्र स्थित मानव धर्म मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा कह रही थी। उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित को सात दिन तक यही कथा सुनने के बाद आत्म-तत्व की प्राप्ति हुई थी। उन्होंने अपने जीवन में भगवान के सच्चे नाम को जानकर भजन-साधना की। राजा परीक्षित को लेने भगवान के दूत स्वर्ग से विमान लेकर गए। यही हमारे जीवन में भी होना चाहिए। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि ऋषिपाल मलिक प्रबंधक,बी.एस.एन.एल. परिवार रहे। यजमान बीएसगुप्ता पत्नी मंजू देवी ने कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई और सहयोगी साध्वी धनिष्ठा बाई और भजन गायक कलाकारों का स्वागत किया। भजन गायक अमर रंगीला, सुरेंद्र कुमार, प्रकाश कुमार, रवि, नेपाल से पधारे प्रसिद्ध भजन गायिका सरगम गायत्री ने रे मानुष क्या ढूंढे इस जग में, सब कुछ तेरे अंदर,, भजनों द्वारा सबको भाव विभोर कर दिया। कलाकारों के सुंदर भजनों पर सभी भक्तों ने खूब ठुमके लगाए। बी.एस.गुप्ता, मंजू देवी, प्रधान देवेन्द्र सिंह, राजेश गोयल, सोनवीर, बलवीर, श्रीराम, राकेश गोयल, सतेन्द्र सिंह, भँवर सिहं , पुष्पा शर्मा, सुनीता और अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।