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संशोधित बकाया बिल
Updated Tue, 25 Jul 2017 11:59 PM IST
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कांधला।
विद्युत निगम की लापरवाही से एक मोबाइल टॉवर कंपनी को 58 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया बिल भेज दिया गया। इसकी शिकायत करने पर कनेक्शन ही काट दिया गया। कंपनी के अधिकारियों ने निगम के उच्चाधिकारियों से शिकायत किया। इस पर विद्युत बिल में सुधार हुआ और कनेक्शन चालू कराया गया।
थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत में इंडोस कंपनी ने किसान हारून की जमीन पर मोबाइल टावर लगा रखा है। कंपनी ने इस पर विद्युत विभाग से कनेक्शन भी लिया हुआ है। 17 जुलाई को विद्युत निगम की ओर से कंपनी को 58, 09, 71, 680 रुपये का बकाया विद्युत बिल भेज दिया। 58 करोड़ से अधिक का बिल देखकर कंपनी के अधिकारियों का माथा ठनका। कंपनी के अधिकारी ने विद्युत निगम के कर्मचारियों से इस बारे में शिकायत की। अपनी त्रुटि को सुधार करने की बजाय कर्मचारियों ने टावर पर लगा कनेक्शन ही काट दिया। मंगलवार को मोबाइल टॉवर बंद होने से नेटवर्क गायब हो गया। आनन फानन में कंपनी के सुपरवाइजर पंकज चौहान ने निगम के अधिशासी अभियंता विजय पाल से मिलकर समस्या के समाधान की मांग की। अधिशासी अभियंता ने कर्मचारियों की क्लास लेने के बाद बिल ठीक कराया। बाद में कंपनी के द्वारा ठीक कराए बिल में एक लाख 47 हजार रुपये जमा कराए गए, जिसके बाद कनेक्शन चालू कराया गया। सुपरवाइजर पंकज चौहान का कहना है कि बिना किसी कारण के विद्युत निगम ने टावर का कनेक्शन काट दिया था। वहीं, अवर अभियंता रविशंकर का कहना है कि टॉवर कंपनी का बिल किसी तकनीकी खराबी के कारण त्रुटिपूर्ण बन गया था, जिसे ठीक करा दिया गया है।
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विद्युत निगम की लापरवाही से एक मोबाइल टॉवर कंपनी को 58 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया बिल भेज दिया गया। इसकी शिकायत करने पर कनेक्शन ही काट दिया गया। कंपनी के अधिकारियों ने निगम के उच्चाधिकारियों से शिकायत किया। इस पर विद्युत बिल में सुधार हुआ और कनेक्शन चालू कराया गया।
थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत में इंडोस कंपनी ने किसान हारून की जमीन पर मोबाइल टावर लगा रखा है। कंपनी ने इस पर विद्युत विभाग से कनेक्शन भी लिया हुआ है। 17 जुलाई को विद्युत निगम की ओर से कंपनी को 58, 09, 71, 680 रुपये का बकाया विद्युत बिल भेज दिया। 58 करोड़ से अधिक का बिल देखकर कंपनी के अधिकारियों का माथा ठनका। कंपनी के अधिकारी ने विद्युत निगम के कर्मचारियों से इस बारे में शिकायत की। अपनी त्रुटि को सुधार करने की बजाय कर्मचारियों ने टावर पर लगा कनेक्शन ही काट दिया। मंगलवार को मोबाइल टॉवर बंद होने से नेटवर्क गायब हो गया। आनन फानन में कंपनी के सुपरवाइजर पंकज चौहान ने निगम के अधिशासी अभियंता विजय पाल से मिलकर समस्या के समाधान की मांग की। अधिशासी अभियंता ने कर्मचारियों की क्लास लेने के बाद बिल ठीक कराया। बाद में कंपनी के द्वारा ठीक कराए बिल में एक लाख 47 हजार रुपये जमा कराए गए, जिसके बाद कनेक्शन चालू कराया गया। सुपरवाइजर पंकज चौहान का कहना है कि बिना किसी कारण के विद्युत निगम ने टावर का कनेक्शन काट दिया था। वहीं, अवर अभियंता रविशंकर का कहना है कि टॉवर कंपनी का बिल किसी तकनीकी खराबी के कारण त्रुटिपूर्ण बन गया था, जिसे ठीक करा दिया गया है।
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