मऊ में खुलेआम दिखी दबंगई, जिला पंचायत अध्यक्ष के बेटे ने सरकारी कर्मचारी को पीटा
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प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्रों का नाम हटाने का आरोप लगाकर मऊ में जिला पंचायत अध्यक्ष के पुत्र ने बड़राव ब्लाक के एडीओ आईएसबी को खंड विकास अधिकारी के सामने उनके दफ्तर में घुसकर पीटा। इस घटना के बाद ब्लॉक मुख्यालय पर हड़कंप मच गया। घटना को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गए। दूसरी तरफ पिटाई से क्षुब्ध एडीओ आईएसबी कार्यालय से निकलकर जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां मुख्य विकास अधिकारी को घटना से अवगत कराने के बाद पीड़ित रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए घोसी कोतवाली रवाना हुए।
बड़राव ब्लॉक क्षेत्र के सबरहद बिरइचा गांव में आवास पात्रों की जांच एडीओ आईएसबी गिरीश सिंह ने किया था। गांव का प्रधान जिला पंचायत अध्यक्ष का पुत्र आलोक जायसवाल है। बताया जाता है कि आलोक ने कुछ लोगों को आवास देने का प्रस्ताव किया था। किसी ने प्रधान को बताया कि उनके प्रस्ताव को एडीओ आईएसबी ने जांच के बाद खारिज कर दिया।
इस जानकारी पर तमतमाए प्रधान जिला पंचायत अध्यक्ष का पुत्र और आलोक का भाई अविनाश उर्फ डिंपू मां को मिले गनर को लेकर मंगलवार की दोपहर बड़राव ब्लॉक पहुंचा। इस दौरान वह खंड विकास अधिकारी सुवेदिता सिंह के चेंबर पहुंचा, वही एडीओ आईएसबी को बातचीत के दौरान अधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए हमलावर हो गया। मारपीट करने के बाद हमलावर मय गनर वापस चला गया।
दूसरी तरफ मारपीट में घायल एडीओ आइएसबी गिरीश सिंह खंड विकास अधिकारी सुवेदिता सिंह के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां सीडीओ राम सिंह वर्मा को घटनाक्रम से अवगत कराया। साथ ही उनकी अनुमति से मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए घोसी रवाना हुए। बात करने पर गिरीश सिंह ने बताया कि जांच में जो मिला उन्होंने वहीं किया।
लेकिन प्रधान आलोक जयसवाल के भाई अविनाश उर्फ डिंपू जबरदस्ती अपात्रो का नाम पात्रता की सूची में डलवाना चाहते थे। जब उन्होंने इंकार किया तो खंड विकास अधिकारी के सामने उन्होंने उनकी पिटाई की। उनके साथ मौजूद गनर ने भी उनकी लात घुसों से पिटाई की।
इस संबंध में बात करने पर जिला पंचायत अध्यक्ष उर्मिला जायसवाल के प्रतिनिधि और ग्राम प्रधान आलोक जायसवाल ने बताया कि गिरीश सिंह ने आवास जांच के नाम पर भारी लूट मचा रखी है, जिसकी शिकायत मैंने पूर्व में सीडीओ से की थी। उनकी शिकायत पर उसका स्थानांतरण हो चुका है, इसके बाद भी वह बड़राव ब्लाक पर रुककर जांच के नाम पर धनउगाही कर रहा है। आलोक ने मारपीट करने की घटना को गलत बताया।
बोले सीडीओ जांच कराई जाएगी
घटना के जिला विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ ने कहा कि यदि गलत काम हो रहा था, तो इसकी शिकायत की जानी चाहिए, कर्मचारी की पिटाई कहां का न्याय और अधिकार क्षेत्र में आता है।