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Mau News: जिले के दुर्गा मंदिरों में हुई सप्तम कालरात्रि की आराधना
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अमिला नगर पंचायत मे कन्या का पूजन विधि विधान पूर्वककिया गया।संवाद
मऊ। शारदीय नवरात्र के आठवें दिन सोमवार को नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों के दुर्गा मंदिरों में सप्तम कालरात्रि की आराधना की गई। दूर दराज से आए श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर मंगलकामना की।
मनोकामना लेकर मां के दरबार में पहुंचे श्रद्धालुओं के जयकारे से वातावरण गूंज उठा। नगर के बने दुर्गा पंडालों को देखने और मां के दर्शन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में लोगों के आने से देर शाम तक मेला जैसा दृश्य रहा।
नगर के शीतला माता मंदिर, रोडवेज स्थित दुर्गा मंदिर, फातिमा तिराहा स्थित दुर्गा मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव का अष्टभुजी मंदिर, मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों मेें तड़के से ही भक्तों का रेला लगा रहा। दूर दराज सहित गैर जनपदों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से मत्था टेका।
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कहा जाता है कि कालीजी की पूजा से सब कुछ सिद्ध होता है। नवरात्र में सप्तमी का विशेष महत्व है। मां काली नवरात्र में मंदिरों में विराजमान होती हैं। इसी मान्यता के तहत जगत जननी मां का दर्शन करने के लिए आए भक्तों ने विधि विधान से पूजन किया। शक्ति की उपासना करके फल की प्राप्ति के लिए हर रोज भारी संख्या में श्रद्धालु मां का दर्शन कर रहे हैं।
मां के जयकारे तथा भक्तों की भारी भीड़ से प्रमुख मंदिर परिसर में मेला जैसा दृश्य हो गया है। कोई नारियल, चुनरी सहित मिष्ठान चढ़ाकर मां की आराधना कर रहा था तो कोई पूड़ी हलवा चढ़ाकर मां का पूजन अर्चन कर रहा था। उधर, नगर में दुर्गा प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के बाद देर शाम तक चहल पहल बढ़ गई है।
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मनोकामना लेकर मां के दरबार में पहुंचे श्रद्धालुओं के जयकारे से वातावरण गूंज उठा। नगर के बने दुर्गा पंडालों को देखने और मां के दर्शन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में लोगों के आने से देर शाम तक मेला जैसा दृश्य रहा।
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नगर के शीतला माता मंदिर, रोडवेज स्थित दुर्गा मंदिर, फातिमा तिराहा स्थित दुर्गा मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव का अष्टभुजी मंदिर, मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों मेें तड़के से ही भक्तों का रेला लगा रहा। दूर दराज सहित गैर जनपदों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से मत्था टेका।
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कहा जाता है कि कालीजी की पूजा से सब कुछ सिद्ध होता है। नवरात्र में सप्तमी का विशेष महत्व है। मां काली नवरात्र में मंदिरों में विराजमान होती हैं। इसी मान्यता के तहत जगत जननी मां का दर्शन करने के लिए आए भक्तों ने विधि विधान से पूजन किया। शक्ति की उपासना करके फल की प्राप्ति के लिए हर रोज भारी संख्या में श्रद्धालु मां का दर्शन कर रहे हैं।
मां के जयकारे तथा भक्तों की भारी भीड़ से प्रमुख मंदिर परिसर में मेला जैसा दृश्य हो गया है। कोई नारियल, चुनरी सहित मिष्ठान चढ़ाकर मां की आराधना कर रहा था तो कोई पूड़ी हलवा चढ़ाकर मां का पूजन अर्चन कर रहा था। उधर, नगर में दुर्गा प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के बाद देर शाम तक चहल पहल बढ़ गई है।