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Mau News: 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा, बूंदाबांदी से लुढ़का पारा
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बुधवार को बदला मौसम,आसमान में छाई बदली।संवाद
- फोटो : बूंदाबांदी के बाद बढ़ी ठंड के बाद अलाव तापते लोग।
मौसम के बदलने का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। सुबह जनपद के कई क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी के बीच करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने एक बार फिर तापमान गिरा दिया।
बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी और प्रदेश के अनेक हिस्सों में बारिश का असर मैदानी क्षेत्रों पर भी पड़ने लगा है। सुबह से ही तेज पछुआ हवाओं ने सिहरन बढ़ा दिया।
आसमान में बादलों की मौजूदगी के बीच सूर्य देव पूरे दिन लुका छुपी करते रहे। अचानक मौसम का रूप बदलने से सुबह घर से निकलने वाले लोग गर्म कपड़ों के साथ ही निकले। शहर से लेकर गांव तक बढ़ती ठंड के बीच एक बार फिर लोग अलाव के आगोश में थे।
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शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर अलाव के इंतजाम किए गए थे। कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि इस समय बारिश के साथ ओले पड़ने की भी संभावना रहती है। बूंदाबांदी और बारिश आलू और दलहन की फसल को छोड़कर फायदेमंद रहेगी।
बताया कि अभी आने वाले दिनों में न्यूनतम पारा में और भी गिरावट होने की संभावना है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में खान-पान का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी भी लापरवाही सर्दी जुकाम के साथ बुखार के रूप में संक्रमण बढ़ा सकती है। संवाद
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बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी और प्रदेश के अनेक हिस्सों में बारिश का असर मैदानी क्षेत्रों पर भी पड़ने लगा है। सुबह से ही तेज पछुआ हवाओं ने सिहरन बढ़ा दिया।
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आसमान में बादलों की मौजूदगी के बीच सूर्य देव पूरे दिन लुका छुपी करते रहे। अचानक मौसम का रूप बदलने से सुबह घर से निकलने वाले लोग गर्म कपड़ों के साथ ही निकले। शहर से लेकर गांव तक बढ़ती ठंड के बीच एक बार फिर लोग अलाव के आगोश में थे।
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शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर अलाव के इंतजाम किए गए थे। कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि इस समय बारिश के साथ ओले पड़ने की भी संभावना रहती है। बूंदाबांदी और बारिश आलू और दलहन की फसल को छोड़कर फायदेमंद रहेगी।
बताया कि अभी आने वाले दिनों में न्यूनतम पारा में और भी गिरावट होने की संभावना है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में खान-पान का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी भी लापरवाही सर्दी जुकाम के साथ बुखार के रूप में संक्रमण बढ़ा सकती है। संवाद