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दो हफ्ते से ठप है कटघरा शंकर गांव की जलापूर्ति
ब्यूरो/अमर उजाला,मऊ
Updated Tue, 27 Dec 2016 11:18 PM IST
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पानी की समस्या
- फोटो : demo
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जलनिगम की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। मधुबन तहसील अंतर्गत कटघरा शंकर के पास जल निगम की पाइपलाइन फटने से पिछले दो सप्ताह से कटघरा शंकर गांव की जलापूर्ति ठप है। इससे लोगों को शुद्ध पानी मयस्सर नहीं हो रहा है। परेशान लोगों ने आला अधिकारियों को शिकायत कराया बावजूद जलापूर्ति को बहाल नहीं किया जा सका है।
मधुबन कस्बे में चार दशक पहले कस्बे एवं आसपास के गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लाखों रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक लगाया गया। तहसील मुख्यालय पर किसी भी अधिकारियों के नहीं रहने से लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों की मानें तो लगभग डेढ़ दर्जन घर ऐसे टीले पर हैं जिनमें हैंडपंप 100 फीट तक लगाने के बाद भी पानी नहीं देते हैं।कभी लीकेज, कभी लो बोल्टेज, बिजली आदि का हवाला देकर आपूर्ति बाधित रहती है। जल निगम का ओवरहेड टैंक लोगों के लिए शो पीस बनकर रह गया है। पाइपलाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। फटे पाइप में गंदा आसपास जमा गंदा पानी घुस जा रहा है। हालत यह है कि पानी की किल्लत से लोग जलनिगम का ही पानी पीने को मजबूर हैं।लेकिन पिछले दो हफ्ते से गांव के पहले बिजुलिहवा बाबा के स्थान के पास पाइप लाइन फटने से गांव में पानी नहीं पहुंच रहा है। प्रदूषित पानी का सेवन करने से लोग विभिन्न संक्रामक बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। इस संबंध में हरिशंकर वर्मा, विनोद वर्मा, धर्मदेव मल्ल का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया। बावजूद मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका है। क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को अविलंब ठीक नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस बाबत उप जिलाधिकारी विमल कुमार मिश्र मामला संज्ञान में नहीं आया है। जल निगम के अधिशासी अभियंता को अवगत कराकर मामले का निस्तारण कराया जाएगा।
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मधुबन कस्बे में चार दशक पहले कस्बे एवं आसपास के गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लाखों रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक लगाया गया। तहसील मुख्यालय पर किसी भी अधिकारियों के नहीं रहने से लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों की मानें तो लगभग डेढ़ दर्जन घर ऐसे टीले पर हैं जिनमें हैंडपंप 100 फीट तक लगाने के बाद भी पानी नहीं देते हैं।कभी लीकेज, कभी लो बोल्टेज, बिजली आदि का हवाला देकर आपूर्ति बाधित रहती है। जल निगम का ओवरहेड टैंक लोगों के लिए शो पीस बनकर रह गया है। पाइपलाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। फटे पाइप में गंदा आसपास जमा गंदा पानी घुस जा रहा है। हालत यह है कि पानी की किल्लत से लोग जलनिगम का ही पानी पीने को मजबूर हैं।लेकिन पिछले दो हफ्ते से गांव के पहले बिजुलिहवा बाबा के स्थान के पास पाइप लाइन फटने से गांव में पानी नहीं पहुंच रहा है। प्रदूषित पानी का सेवन करने से लोग विभिन्न संक्रामक बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। इस संबंध में हरिशंकर वर्मा, विनोद वर्मा, धर्मदेव मल्ल का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया। बावजूद मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका है। क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को अविलंब ठीक नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस बाबत उप जिलाधिकारी विमल कुमार मिश्र मामला संज्ञान में नहीं आया है। जल निगम के अधिशासी अभियंता को अवगत कराकर मामले का निस्तारण कराया जाएगा।
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