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Mau News: जन आरोग्य मेले में इलाज से पहले इंतजार... एक से डेढ़ घंटे विलंब से पहुंचे चिकित्सक
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मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के तहत नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिघरा में चिकित्सक के कक्ष में लगा
सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी समय पर न पहुंचने की समस्या जैसी है, वही हाल हर रविवार को 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में भी दिखा।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने रविवार को नगर के दो और आसपास के चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की पड़ताल की तो कई गंभीर कमियां उजागर हुईं।
हनुमान नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर टीम सुबह 10:18 बजे पहुंची, अस्पताल खुला था लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। केवल एक कर्मचारी मौजूद था, जिसने खुद को वार्ड बाय बताया।
दो मरीज आए लेकिन डॉक्टर न मिलने पर लौट गए। भरहू का पुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर टीम 10:38 बजे पहुंची, यहां भी डॉक्टर नहीं थे। केवल एक महिला स्वास्थ्यकर्मी मरीजों का पंजीकरण करती दिखी।
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ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ताल के दौरान कुरथीजाफरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर टीम 10:35 बजे पहुंची, यहां वार्ड बॉय और एएनएम मौजूद थे। डॉक्टर 25 मिनट बाद पहुंचे।
इसी अस्पताल से सात किलोमीटर दूर रैनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर टीम 11:18 बजे पहुंची, वार्ड बॉय एसपी सिंह एक घायल मरीज का उपचार करते दिखे। यहां स्टॉफ नर्स और एनएमए मौजूद थे।
कर्मचारियों ने बताया कि तैनात महिला चिकित्सक की ड्यूटी महिला जिला अस्पताल में लगी होने के कारण वह अभी तक नहीं आ सकी। मधुबन तहसील के सुग्गीचौरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर सुबह 10 बजे की बजाय 10:15 पर पहुंचे। संवाद
11 बजे तक लटका रहा ताला, हर दिन की यही स्थिति
मधुबन तहसील क्षेत्र के तिघरा स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में सुबह 11 बजे तक ताला लटका मिला। अस्पताल बंद रहने से दूर-दराज से इलाज कराने पहुंचे मरीजों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। इलाज कराने पहुंचे ग्रामीण घमडी प्रसाद, रामजीत शर्मा, राहुल यादव, रमेश यादव ने बताया कि डॉक्टर साहब लोगों का केवल एक दिन का नहीं है बल्कि हर दिन का हाल है। आज सोचे कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेला है तो समय से डॉक्टर आएंगे लेकिन आज भी एक घंटे बीतने के बाद भी कोई नहीं पहुंचा।
40 अस्पतालों में 1642 मरीजों के उपचार का दावा
सीएमओ कार्यालय द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 1642 मरीजों का उपचार किया गया।इसमें 707 पुरूष मरीज जबकि 145 किशोर-किशोरी और 790 महिला मरीज शामिल थी। वहीं, पड़ताल में जिन अस्पतालों में डॉक्टर समय से नहीं पहुंचे थे उसमें तिघरा में 26, सुग्गीचौरी में 46 और कुरथीजाफरपुर में 26 और हनुमान नगर में 64 और भरहू का पुरा में 64 जबकि रैनी में 34 मरीजों का उपचार का दावा किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने रविवार को नगर के दो और आसपास के चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की पड़ताल की तो कई गंभीर कमियां उजागर हुईं।
हनुमान नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर टीम सुबह 10:18 बजे पहुंची, अस्पताल खुला था लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। केवल एक कर्मचारी मौजूद था, जिसने खुद को वार्ड बाय बताया।
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दो मरीज आए लेकिन डॉक्टर न मिलने पर लौट गए। भरहू का पुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर टीम 10:38 बजे पहुंची, यहां भी डॉक्टर नहीं थे। केवल एक महिला स्वास्थ्यकर्मी मरीजों का पंजीकरण करती दिखी।
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ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ताल के दौरान कुरथीजाफरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर टीम 10:35 बजे पहुंची, यहां वार्ड बॉय और एएनएम मौजूद थे। डॉक्टर 25 मिनट बाद पहुंचे।
इसी अस्पताल से सात किलोमीटर दूर रैनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर टीम 11:18 बजे पहुंची, वार्ड बॉय एसपी सिंह एक घायल मरीज का उपचार करते दिखे। यहां स्टॉफ नर्स और एनएमए मौजूद थे।
कर्मचारियों ने बताया कि तैनात महिला चिकित्सक की ड्यूटी महिला जिला अस्पताल में लगी होने के कारण वह अभी तक नहीं आ सकी। मधुबन तहसील के सुग्गीचौरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर सुबह 10 बजे की बजाय 10:15 पर पहुंचे। संवाद
11 बजे तक लटका रहा ताला, हर दिन की यही स्थिति
मधुबन तहसील क्षेत्र के तिघरा स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में सुबह 11 बजे तक ताला लटका मिला। अस्पताल बंद रहने से दूर-दराज से इलाज कराने पहुंचे मरीजों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। इलाज कराने पहुंचे ग्रामीण घमडी प्रसाद, रामजीत शर्मा, राहुल यादव, रमेश यादव ने बताया कि डॉक्टर साहब लोगों का केवल एक दिन का नहीं है बल्कि हर दिन का हाल है। आज सोचे कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेला है तो समय से डॉक्टर आएंगे लेकिन आज भी एक घंटे बीतने के बाद भी कोई नहीं पहुंचा।
40 अस्पतालों में 1642 मरीजों के उपचार का दावा
सीएमओ कार्यालय द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 1642 मरीजों का उपचार किया गया।इसमें 707 पुरूष मरीज जबकि 145 किशोर-किशोरी और 790 महिला मरीज शामिल थी। वहीं, पड़ताल में जिन अस्पतालों में डॉक्टर समय से नहीं पहुंचे थे उसमें तिघरा में 26, सुग्गीचौरी में 46 और कुरथीजाफरपुर में 26 और हनुमान नगर में 64 और भरहू का पुरा में 64 जबकि रैनी में 34 मरीजों का उपचार का दावा किया गया।

मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के तहत नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिघरा में चिकित्सक के कक्ष में लगा

मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के तहत नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिघरा में चिकित्सक के कक्ष में लगा

मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के तहत नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिघरा में चिकित्सक के कक्ष में लगा