मऊ। हरियाणा से लौटे युवक के कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद हॉटस्पॉट घोषित गांव पलिया के लिए मंगलवार को माइक्रोप्लान बनाया गया। वहीं गांव में सर्वे तथा थर्मल स्क्रीनिंग के लिए दस टीमें गठित कर उन्हें प्रशिक्षण दिया गया। जबकि जिले के पांच अन्य हॉटस्पॉट गांवों में सैनिटाइज कार्य करने के साथ सैंपलिंग की गई। रानीपुर : मंगलवार को रानीपुर ब्लाक सभागार में बैठक आयोजित हुई। जिसमें कंटेनमेंट जोन पलिया के 650 घरों का सर्वे तथा चार हजार लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग के लिए दस टीमें गठित की गई। इसके बाद हॉटस्पॉट क्षेत्र में सर्वे तथा थर्मल स्क्रीनिंग के लिए डब्लूएचओ की नोडल अधिकारी डॉ. वैशाली शेखर ने टीमों को प्रशिक्षण दिया। वहीं मुहम्मदाबाद गोहना तहसील प्रशासन ने हॉटस्पॉट गांव में आवश्यक सामानों की आपूर्ति के लिए दुकानों को चिह्नित किया गया। जिसमें सब्जी और राशन की दो दुकानें और दूध के लिए एक व्यक्ति को चिह्नित किया गया। इस मौके पर डॉ. पीके राय, डॉ. दिनेश कुमार, खंड विकास अधिकारी हरिवंश प्रसाद, ग्राम प्रधान नंदलाल राजभर, राजबहादूर सिंह, भानू प्रताप सिंह मौजूद रहे। वहीं ब्लाक के दूसरे हॉटस्पॉट चितबिसाव गांव में तैनात कर्मचारियों तथा पुलिसकर्मियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। साथ ही हॉटस्पॉट क्षेत्र की एक महिला की भी थर्मल स्क्रीनिंग हुई। मधुबन : तहसील के धर्मपुर देवारा में फतेहपुर मंडाव ब्लाक के अधिकारियों की देखरेख में मंगलवार को सैनिटाइज किया गया। वहीं, बड़राव ब्लाक के खोन्हाचंवर तथा परदहा ब्लाक के अहिलाद गांव में ग्राम पंचायत द्वारा हॉटस्पॉट क्षेत्र को सैनिटाइज किया गया। सीएचसी रानीपुर प्रभारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि सर्वे तथा थर्मल स्क्रीनिंग के लिए दस टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम में एक पर्यवेक्षक, एक एएनएम, एक आंगनबाड़ी, एक संगिनी तथा एक आशा कार्यकर्ता शामिल है। टीम के सदस्य मास्क, सैनिटाइजर के साथ सोशल डिस्टेसिंग के साथ कंटेनमेंट जोन का सर्वे करेंगी। इस दौरान टीम एक सदस्यों को स्टिक दिया गया, जिससे घरों को वो हाथों से खटखटाने के बजाए स्टिक की मदद से दरवाजे को खटखटाकर घर के सदस्यों को बाहर बुलाकर थर्मल स्क्रीनिंग करेंगी।