मऊ। एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना लागू हुए चार सात बीत गए। लेकिन अभी तक आईटीआई में कपड़ा बुनाई प्रशिक्षण कोर्स (टेक्सटाइल वीविंग कोर्स) की व्यवस्था नहीं की गई। सालों पहले नगर स्थित बुनाई विद्यालय को बंद कर मशीनों को नीलाम कर दिया गया। अब कैंपस में आईटीआई का संचालन होता है। लेकिन टेक्सटाइल ट्रेड में शार्ट टर्म कोर्स न होने से युवा आधुनिक टेक्नालोजी से परिचित नहीं हो पा रहे है। प्रधानाचार्य ने प्रशिक्षण कोर्स के लिए निदेशालय को प्रस्ताव भेजा है। नगर क्षेत्र सहित वलीदपुर, घोसी, कोपागंज, पूराघाट, मुहम्मदाबादगोहना सहित विभिन्न क्षेत्रों में 50 हजार से अधिक पावरलूम पर काफी संख्या में बुनकर साड़ी बुनते हैं। साड़ी कारोबार को गति देने के लिए शासन की तरफ से इसे एक जिला एक उत्पाद में शामिल किया गया। लेकिन युवाओं को सरकारी तकनीकी संस्थान में बुनाई में आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। ओडीओपी से पूर्व नगर में राजकीय बुनाई विद्यालय था। यहां बुनाई में दो वर्षीय, एक वर्षीय एडवांस ट्रेनिंग तथा तथा एक वर्षीय बुनाई ट्रेड का संचालन होता था। डेढ़ दशक पूर्व इसे बंद कर दिया गया। अब उसी भवन मेें आईटीआई चल रहा है। मुहम्मदाबादगोहना में भी आईटीआई है लेकिन यहां भी बुनाई संबंधित ट्रेड नहीं है। इससे जिले के युवा टेक्सटाइल वीविंग कोर्स, एलेमेंट्री वीविंग कोर्स, कलस्टर, डिजाइनिंग सहित विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण नहीं ले पा रहे हैं। उद्यमियों की मानें तो साड़ी बुनाई में युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण की सुविधा मिलने से ही विकास को गति मिल सकती है। युवा विश्वजीत मौर्या ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत आईटीआई से ट्रेनिंग लेना चाहते हैं लेकिन तकनीकी संस्थान में ट्रेड ही संचालित नहीं हो रहा है। गैर जनपद में नहीं जा सकते। आकाश ने कहा कि नगर और मुहम्मदाबादगोहना में राजकीय आईटीआई है, लेकिन यहां टेक्सटाइल का कोई ट्रेड नहीं चलता है। जनहित में इसे शुरू किया जाना चाहिए। आईटीआई के प्रधानाचार्य एसके जैन ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद योजना को ध्यान में रखते हुए टेक्सटाइल वीविंग कोर्स, एलेमेंट्री वीविंग कोर्स संचालित करने का प्रस्ताव निदेशालय को भेजा गया है।

विश्ववजीत मौर्या, युवा।आईटीआई वाली खबर में- फोटो : MAU

आकाश यादव युवा।आईटीआई वाली खबर में- फोटो : MAU