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Mau News: जिले में 4.90 लाख वाहन, प्रमुख बाजारों और नगर पंचायतों में जाम से निजात के इंतजाम नहीं

Sun, 19 Jul 2026 01:20 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 01:20 AM IST
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There are 4.90 lakh vehicles in the district, yet no measures are in place to alleviate traffic congestion in major markets and town panchayats.
नगर के गाजीपुर तिराहा पर जाम लगने के बाद खड़े ई रिक्शा और अन्य वाहन।संवाद
वर्तमान में जिले में सभी प्रकार के वाहनों की संख्या 4.90 लाख है। ये सभी मऊ एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हैं। इनके अलावा हजारों वाहन दूसरे जिलों से भी आते हैं। प्रमुख बाजारों और 10 नगर पंचायतों में जाम निजात के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
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भीटी चौराहे से गाजीपुर तिराहे तक, गाजीपुर तिराहे से कचहरी गेट तक, आजमगढ़ मोड़ से रोडवेज तक और डीसीएसके कॉलेज मोड़ तक दिनभर जाम लगता है। जाम में फंसकर लोग परेशान होते हैं।
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इसी तरह जिले की सीमा पर स्थित मुहम्मदाबाद, चिरैयाकोट, मधुबन, दोहरीघाट नगर पंचायत, रतनपुरा बाजार और घोसी नगर पंचायत में भी जाम की समस्या है। शनिवार की दोपहर बारिश के बाद करीब दो घंटे तक लोग जाम से परेशान रहे।
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गाजीपुर तिराहे और भीटी चौराहे पर डिवाइडर बनने के बाद भी जाम से निजात नहीं मिल सकी है। वर्तमान में सभी प्रकार के वाहनों की संख्या 4.90 लाख है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग शहर में विभिन्न कार्यों से आते हैं।
वहीं व्यापार के सिलसिले में पड़ोसी जनपदों के लोग भी आते हैं। ऐसे में शहर में दिनभर रुक-रुक कर लगने वाले जाम से लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। शहर के भीटी चौराहे से गाजीपुर तिराहे और वहां से कचहरी गेट तक की सड़क काफी व्यस्त रहती है।
शहर के लोगों का कहना है कि यदि भीटी चौराहे से गाजीपुर तिराहे तक डिवाइडर बना दिए जाएं तो जाम से निजात मिल सकती है। शहर में प्राइवेट बस स्टैंड होने के बावजूद चालक बसों को तिराहे-चौराहों पर खड़ा करके सवारियां भरते हैं। पहले से जाम की समस्या से जूझ रही सड़कों पर वाहनों की कतार लग जाती है।
सबसे अधिक समस्या भीटी चौराहा, गाजीपुर तिराहा और बहादुरगंज रोड पर बसों के खड़े रहने से होती है। बस चालकों की मनमानी के कारण शहर के प्रमुख तिराहे-चौराहों पर यातायात व्यवस्था बिगड़ी हुई है। दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
नगर के ब्रह्मस्थान में प्राइवेट बसों को खड़ा करने के लिए बस स्टैंड बनाया गया है, जहां एक साथ 25 से अधिक बसें खड़ी हो सकती हैं। नियमों को दरकिनार कर कुछ बसें भीटी चौराहे, गाजीपुर तिराहे और बहादुरगंज रोड पर घंटों खड़ी कर सवारियां भरती हैं।
यहां से जिले के कोने-कोने और आसपास के जिलों के लिए बसें चलती हैं। जिले में 375 निजी बसें पंजीकृत हैं। इनमें से 70 फीसदी स्कूली बसें हैं। शहर में आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर आदि पड़ोसी जिलों से प्राइवेट बसें यात्रियों को लेकर आती हैं, लेकिन बस स्टैंड पर न जाकर मुख्य सड़क के किनारे ही खड़ी होकर सवारियों का इंतजार करती हैं। इस वजह से यहां से वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
--- वर्जन
सड़क पर खड़े होकर जाम लगाने वाले वाहनों का चालान किया जाता है। बीते दिनों सड़क किनारे सवारी भर रही कुछ प्राइवेट बसों का चालान करने के साथ ही उन्हें सीज किया गया था। यदि बसें तिराहे-चौराहों पर खड़ी हो रही हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -सुहेल अहमद, एआरटीओ, मऊ

हाईवे के चौड़ीकरण के लिए मंजूरी नहीं
जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा बीते पांच साल से ताजोपुर से कोपागंज के भदसा मानोपुर तक 17.6 किमी लंबे पुराने हाईवे के चौड़ीकरण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है, लेकिन मंजूरी नहीं मिल रही है। इस बार निर्माण खंड और प्रांतीय खंड ने मिलकर 300 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव के अनुसार ताजोपुर औद्योगिक क्षेत्र, गाजीपुर तिराहा, भीटी, बलिया मोड़ होते हुए भदसा मानोपुर तक 20 मीटर चौड़ी फोरलेन सड़क बनाई जानी है।


कागजों पर अंडरग्राउंड पार्किंग, हकीकत में दुकानें
मऊ शहर में नगर पालिका की ओर से वर्षों से स्थायी पार्किंग की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं। अस्थायी व्यवस्था के लिए जमीन चिह्नित होने के बावजूद अब तक ठोस कदम नहीं उठाए जा सके हैं। करीब साढ़े तीन लाख की आबादी वाले इस शहर में दर्जनों सुपरमार्केट, बड़े शोरूम और प्रतिष्ठान हैं, लेकिन अधिकांश स्थानों पर पार्किंग सुविधा नहीं है। कई शॉपिंग मॉल कागजों में अंडरग्राउंड पार्किंग का दावा करते हैं, जबकि वास्तविकता में बेसमेंट का उपयोग दुकानों के रूप में किया जा रहा है।
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