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Mau News: टड़ियावां में थमेगी कैंसर मरीजों के कदमों की दौड़, खुलेगा अत्याधुनिक केयर सेंटर
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कोपागंज के टड़ियाव स्थित 100 बेड का अस्पताल, जहां बनेगा कैंसर का डे केयर सेंटर
कोपागंज। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे स्थानीय मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए राहत भरी बड़ी खबर है। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए जल्द ही एक अत्याधुनिक कैंसर उपचार केंद्र टड़ियाव स्थित 100 बेड में शुरुआत होने जा रही है। इस केंद्र के शुरू होने से अब मरीजों को कीमोथेरेपी, प्राथमिक परामर्श और रेगुलर फॉलोअप के लिए लखनऊ या अन्य बड़े महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। केंद्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों और पैरामेडिकल स्टाफ का विशेष प्रशिक्षण भी अपने अंतिम चरण में है। सीएमओ डॉ. पंकज राय ने बताया कि कैंसर के इलाज के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह बदलने की तैयारी है। नए केयर सेंटर के शुरू होने से क्षेत्र के हजारों कैंसर पीड़ितों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा, जिन्हें औसतन 70 से 80 किलोमीटर दूर लखनऊ जाना पड़ता था।
बताया कि इसको लेकर दस से अधिक डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ का प्रशिक्षण चल रहा है। यह स्टाफ इस समय एडवांस्ड ऑन्कोलॉजी केयर का विशेष प्रशिक्षण ले रहा है, जिससे केंद्र खुलते ही मरीजों को पहले दिन से ही सटीक और सुरक्षित इलाज मिलना तय हो सकेगा। वहीं एसीएमओ डॉ. बीके यादव ने बताया कि जिले में कैंसर के मरीजों को चिह्नित करने का कार्य भी किया जा रहा हैं। गंभीर इलाज तो इस केंद्र पर नहीं होगा लेकिन कैंसर मरीजों को सामान्य परामर्श या हर महीने होने वाली कीमोथेरेपी के लिए भी लखनऊ या अन्य बड़े सेंटरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वर्तमान में इससे न सिर्फ मरीजों की तबीयत पर बुरा असर पड़ रहा है, बल्कि तीमारदारों का समय और गाड़ी-भाड़े का भारी खर्च भी होता था।
स्टाफ की ट्रेनिंग अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सेवाएं
कोपागंज। इस अत्याधुनिक केंद्र में मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। केंद्र के संचालन के लिए चुने गए डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है। कीमोथेरेपी और कैंसर केयर की यह ट्रेनिंग अब अपने अंतिम चरण में है। स्टाफ की ट्रेनिंग पूरी होते ही केंद्र में मरीजों के लिए ओपीडी और डे-केयर कीमोथेरेपी की सेवाएं पूरी रफ्तार से शुरू कर दी जाएंगी।
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बताया कि इसको लेकर दस से अधिक डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ का प्रशिक्षण चल रहा है। यह स्टाफ इस समय एडवांस्ड ऑन्कोलॉजी केयर का विशेष प्रशिक्षण ले रहा है, जिससे केंद्र खुलते ही मरीजों को पहले दिन से ही सटीक और सुरक्षित इलाज मिलना तय हो सकेगा। वहीं एसीएमओ डॉ. बीके यादव ने बताया कि जिले में कैंसर के मरीजों को चिह्नित करने का कार्य भी किया जा रहा हैं। गंभीर इलाज तो इस केंद्र पर नहीं होगा लेकिन कैंसर मरीजों को सामान्य परामर्श या हर महीने होने वाली कीमोथेरेपी के लिए भी लखनऊ या अन्य बड़े सेंटरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वर्तमान में इससे न सिर्फ मरीजों की तबीयत पर बुरा असर पड़ रहा है, बल्कि तीमारदारों का समय और गाड़ी-भाड़े का भारी खर्च भी होता था।
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स्टाफ की ट्रेनिंग अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सेवाएं
कोपागंज। इस अत्याधुनिक केंद्र में मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। केंद्र के संचालन के लिए चुने गए डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है। कीमोथेरेपी और कैंसर केयर की यह ट्रेनिंग अब अपने अंतिम चरण में है। स्टाफ की ट्रेनिंग पूरी होते ही केंद्र में मरीजों के लिए ओपीडी और डे-केयर कीमोथेरेपी की सेवाएं पूरी रफ्तार से शुरू कर दी जाएंगी।
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