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Mau News: 1.79 करोड़ से बनी सड़क एक सप्ताह में उखड़ने लगी
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मऊ। नगर के बढुआगोदाम से काझा तक 1.79 करोड़ रुपये से 14 किमी बनी सड़क एक सप्ताह में ही उखड़ने लगी है। मंगलवार को जैसे ही अपनी इस खामी की जानकारी विभागीय अधिकारियों को हुई वह इसे दूर करने के लिए मरम्मत कार्य में जुट गए हैं। वहीं एक सप्ताह के भीतर यह दूसरे निर्माण कार्य में लापरवाही उजागर हुई है। मामले को सीडीओ ने खुद संज्ञान में लेकर जांच करने की बात कही है।
बढुआगोदाम से वनदेवी होते हुए रानीपुर ब्लॉक के काझा जाने वाली 14 किमी सड़क का 1.79 करोड़ रुपये से नवीनीकरण बीते एक अप्रैल से शुरू किया गया है। नवीनीकरण से पहले जहां बीते पांच साल से गड्ढे भरकर चिप्पी सटाकर मरम्मत की जा रही थी, जो हर पांच माह पर उखड़ जा रही थी।
गड्ढे भरने के बाद सड़क पूरी तरह उबड़ खाबड़ हो गई थी, जिससे राहगीरों का चलना दुस्वार हो गया था। लेकिन एक करोड़ 79 लाख से 14 किमी सड़क के नवीनीकरण कार्य को लेकर इस मार्ग पर स्थित 50 गांव के लोगों में खुशी थी। लेकिन बनने के बाद से यह सड़क की गुणवत्ता इतनी खराब है कि कई जगह से उखड़ने लगी है।
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लोगों की शिकायत पर मंगलवार को अमर उजाला की टीम दोपहर करीब एक बजे इसी मार्ग के उस्मानपुर गांव पहुंची तो यहां सड़क कई जगह से उखड़ी थी। गांव निवासी आर्यन यादव, ननकू ने बताया कि यहां सड़क 36 घंटे पहले बनी थी। सड़क बनाने के समय घटिया काम करने पर कार्यदायी संस्था से लेकर विरोध भी जताया गया था।
लेकिन उन्होंने इसी तरह से काम करने की बात कही। बताया कि उनके सामने ही कुछ देर पहले एक ट्रैक्टर ट्रांली के गुजरने पर सड़क की गिट्टिया कई जगहों से उखड़ गई है। वहीं वनदेवी मेले में शामिल होने आए रानीपुर ब्लाक के पिरूवा गांव निवासी राज नरायण चौहान ने बताया कि वनदेवी धाम इस सड़क से पहुंचा तो सड़क की इस घटिया निर्माण से उसे बेहद निराशा हुई।
वहीं रानीपुर ब्लाॅक के अकबरपुर निवासी कैलाश ने भी इस सड़क को लेकर सवालिया निशान उठाया। उस्मानपुर के करीब 500 मीटर के दायके में सड़क न केवल बीचोबीच उखड़ गई है, स्थिति यह है कि सड़क किनारे लगी ईंट भी दिख रही है। उधर जब अमर उजाला ने लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता चक्रेश केन से बातचीत की गई तो उन्होंने सड़क के नवीनीकरण के दौरान इस तरह की लापरवाही से अनभिज्ञता जताई। कहा कि सड़क का नवीनीकरण कराया जा रहा है। दो इंच मोटी होनी चाहिए, यदि मोटाई उससे कम है तो, दोबारा मरम्मत कराई जाएगी। इसकी देखरेख की जिम्मेदरी अवर अभियंता को दी गई है।
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बढुआगोदाम से वनदेवी होते हुए रानीपुर ब्लॉक के काझा जाने वाली 14 किमी सड़क का 1.79 करोड़ रुपये से नवीनीकरण बीते एक अप्रैल से शुरू किया गया है। नवीनीकरण से पहले जहां बीते पांच साल से गड्ढे भरकर चिप्पी सटाकर मरम्मत की जा रही थी, जो हर पांच माह पर उखड़ जा रही थी।
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गड्ढे भरने के बाद सड़क पूरी तरह उबड़ खाबड़ हो गई थी, जिससे राहगीरों का चलना दुस्वार हो गया था। लेकिन एक करोड़ 79 लाख से 14 किमी सड़क के नवीनीकरण कार्य को लेकर इस मार्ग पर स्थित 50 गांव के लोगों में खुशी थी। लेकिन बनने के बाद से यह सड़क की गुणवत्ता इतनी खराब है कि कई जगह से उखड़ने लगी है।
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लोगों की शिकायत पर मंगलवार को अमर उजाला की टीम दोपहर करीब एक बजे इसी मार्ग के उस्मानपुर गांव पहुंची तो यहां सड़क कई जगह से उखड़ी थी। गांव निवासी आर्यन यादव, ननकू ने बताया कि यहां सड़क 36 घंटे पहले बनी थी। सड़क बनाने के समय घटिया काम करने पर कार्यदायी संस्था से लेकर विरोध भी जताया गया था।
लेकिन उन्होंने इसी तरह से काम करने की बात कही। बताया कि उनके सामने ही कुछ देर पहले एक ट्रैक्टर ट्रांली के गुजरने पर सड़क की गिट्टिया कई जगहों से उखड़ गई है। वहीं वनदेवी मेले में शामिल होने आए रानीपुर ब्लाक के पिरूवा गांव निवासी राज नरायण चौहान ने बताया कि वनदेवी धाम इस सड़क से पहुंचा तो सड़क की इस घटिया निर्माण से उसे बेहद निराशा हुई।
वहीं रानीपुर ब्लाॅक के अकबरपुर निवासी कैलाश ने भी इस सड़क को लेकर सवालिया निशान उठाया। उस्मानपुर के करीब 500 मीटर के दायके में सड़क न केवल बीचोबीच उखड़ गई है, स्थिति यह है कि सड़क किनारे लगी ईंट भी दिख रही है। उधर जब अमर उजाला ने लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता चक्रेश केन से बातचीत की गई तो उन्होंने सड़क के नवीनीकरण के दौरान इस तरह की लापरवाही से अनभिज्ञता जताई। कहा कि सड़क का नवीनीकरण कराया जा रहा है। दो इंच मोटी होनी चाहिए, यदि मोटाई उससे कम है तो, दोबारा मरम्मत कराई जाएगी। इसकी देखरेख की जिम्मेदरी अवर अभियंता को दी गई है।