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आर्थिक तंगी से शिक्षक की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Fri, 18 Sep 2015 11:31 PM IST
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सदर तहसील क्षेत्र के कोपागंज ब्लाक के गंगुआबारी अंबेडकर प्राथमिक विद्यालय में तैनात एक 57 वर्षीय शिक्षक की मौत शुक्रवार को हो गई। विगत 10 महीने से उन्हें वेतन नहीं मिल रहा था। जिसके चलते वे आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे और अपना समुचित इलाज नहीं करा पाए। इस बात से नाराज शिक्षकों ने उनके शव को समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के नीचे रखकर विरोध जताया। दो महीने पहले इनकी पत्नी की भी इलाज के अभाव में मौत हो चुकी है।
ज्ञात हो कि अंबेडकर विद्यालयों के शिक्षकों को पिछले 10 महीने से वेतन नहीं मिला है। यहां के शिक्षकों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों के उपेक्षित रवैये के चलते वेतन भुगतान में अड़ंगा आ रहा है। इससे शिक्षक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इसी के चलते गंगुवाबारी में स्थित जनता प्राथमिक पाठशाला अंबेडकर विद्यालय में तैनात शिक्षक बीरबल राम पुत्र सहती राम अपना समुचित इलाज नहीं करा पाए और उनकी मौत हो गई। उन्हें दो महीने से बुखार था। शिक्षक बीरबल राम की पत्नी की भी दो महीने पहले बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। शिक्षक की बेटी सुनीता भारती ने बताया कि उनके पिता को पिछले 10 महीने से वेतन नहीं मिला था जिससे वे अपना सही इलाज नहीं करा पाए। इस बात से गुस्साए शिक्षकों ने प्रदर्शन किया और अधिकारियों के विरुद्ध नारेबाजी भी की। सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव और जिला समाज कल्याण अधिकारी जितेंद्र मोहन शुक्ल विरोध प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों के पास पहुंचे। इन अधिकारियों ने शिक्षकों की बातें सुनने के बाद तीन दिन के अंदर सभी अंबेडकर स्कूलों के अध्यापकों को पुराने वेतनमान के आधार पर वेतन भुगतान करने का आश्वासन दिया। तब जाकर शिक्षक और घरवाले माने। अधिकारियों ने अपने स्तर से शिक्षक के अंतिम संस्कार के लिए उनकी बेटी को छह हजार रुपये दिए। मृतक का अंतिम संस्कार शनिवार को दोहरीघाट में होगा। मृतक की दो बेटियां सुनीता भारती और कंचन भारती हैं। दोनों की शादी हो चुकी है।
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ज्ञात हो कि अंबेडकर विद्यालयों के शिक्षकों को पिछले 10 महीने से वेतन नहीं मिला है। यहां के शिक्षकों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों के उपेक्षित रवैये के चलते वेतन भुगतान में अड़ंगा आ रहा है। इससे शिक्षक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इसी के चलते गंगुवाबारी में स्थित जनता प्राथमिक पाठशाला अंबेडकर विद्यालय में तैनात शिक्षक बीरबल राम पुत्र सहती राम अपना समुचित इलाज नहीं करा पाए और उनकी मौत हो गई। उन्हें दो महीने से बुखार था। शिक्षक बीरबल राम की पत्नी की भी दो महीने पहले बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। शिक्षक की बेटी सुनीता भारती ने बताया कि उनके पिता को पिछले 10 महीने से वेतन नहीं मिला था जिससे वे अपना सही इलाज नहीं करा पाए। इस बात से गुस्साए शिक्षकों ने प्रदर्शन किया और अधिकारियों के विरुद्ध नारेबाजी भी की। सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव और जिला समाज कल्याण अधिकारी जितेंद्र मोहन शुक्ल विरोध प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों के पास पहुंचे। इन अधिकारियों ने शिक्षकों की बातें सुनने के बाद तीन दिन के अंदर सभी अंबेडकर स्कूलों के अध्यापकों को पुराने वेतनमान के आधार पर वेतन भुगतान करने का आश्वासन दिया। तब जाकर शिक्षक और घरवाले माने। अधिकारियों ने अपने स्तर से शिक्षक के अंतिम संस्कार के लिए उनकी बेटी को छह हजार रुपये दिए। मृतक का अंतिम संस्कार शनिवार को दोहरीघाट में होगा। मृतक की दो बेटियां सुनीता भारती और कंचन भारती हैं। दोनों की शादी हो चुकी है।
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