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रंगबिरंगी लाइटों की चकाचौंध से जगमगा उठा वातावरण

Sat, 14 Nov 2020 07:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 14 Nov 2020 07:51 PM IST
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The atmosphere was brightened by the glare of colorful lights
दीपावली पर नगर के सहादतपुरा में झालरों से आकर्षक रुप से सजे भवन। - फोटो : MAU
मऊ। संपन्नता और खुशहाली का प्रतीक प्रकाश पर्व दीपावली शनिवार को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर एक तरफ जहां पटाखों की गूंज और दीपकों तथा रंग बिरंगे लाइटों की चकाचौंध से समूचा वातावरण जगमगा उठा। वहीं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बाजारों में त्योहारों की जबरदस्त चहल पहल रही। इस दौरान नगर के राजाराम मुहल्ला सहित जिले के कई इलाकों में सजी माता लक्ष्मी और काली की प्रतिमाओं की पंडालों में हुई भव्य सजावट त्योहारों की रौनक में चार चांद लगाने का काम कर रही थी। मिठाइयों की बिक्री व पटाखों की धूम इस त्योहारों का मुख्य आकर्षण थीं।
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दीपावली के मौके पर नगर के सहादतपुरा, मुुंशीपुरा, राजारामपुरा, चौक, रौजा, गोला बाजार, सिंधी कॉलोनी सहित जिले के मुहम्मदाबाद गोहना, मधुबन, घोसी, चिरैयाकोट, दोहरीघाट सहित विभिन्न बाजारों में गहमागहमी रही। लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों को फूलों की माला औरे रंग बिरंगी लाइटों से सजाया। दुकानदार भी अपने दुकानों पर डंटे रहे।
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दिवाली पर शाम को लक्ष्मी और गणेश की पूजा हुई। लोगों ने हवन पूजन किया। इस दौरान मिठाइयों और पटाखों के तरफ बच्चों का खासा उत्साह देखा गया। शाम से शुरू हुई आतिशबाजी देर रात तक जारी रही। खासकर नगर के राजारामपुरा स्थित लक्ष्मी पूजा पंडाल पर भव्य सजावट के बीच जमकर आतिशबाजी हुई।
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इस त्योहार को मनाने के पीछे सबसे प्रचलित मान्यता यह है कि भगवान विष्णु ने मां लक्ष्मी को राजा बलि के शिकंजे से छुड़ाया था। दूसरी कथा यह है कि इस दिन आकाश गंगा से देवी लक्ष्मी का अभ्युदय हुआ था। जबकि तीसरी प्रचलित कथा यह है कि राम के वनवास से लौटने के बाद इसी दिन अयोध्यावासियों ने दीपोत्सव मनाया था। दीपावली मनाने के पीछे एक मान्यता यह भी है कि नरक के राजा बलि मृत्यु देव यम ही है। इसीलिए चारों ओर दीप जलाए जाते हैं। ताकि खानदान के पूर्वज प्रकाश देखकर यम से छुटकारा पा सकें। पर्व की इन्हीं सारी मान्यताओं को देखते हुए दीपावली के मौके पर नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में दीए जलाए गए। साथ ही परंपरा के मुताबिक लक्ष्मी और गणेश की पूजा हुई।
मधुबन-दुबारी संवाददाता के अनुसार दीपावली पर्व के अवसर पर लोगों ने गणेश और लक्ष्मी की पूजा कर परंपरागत रूप से अपने अपने घरों में तरह-तरह के पकवान बनवाए और एक दूसरे को खिलाते हुए आतिशबाजी किया। दीपावली के अवसर पर क्षेत्र में भारी चहल पहल देखी गई। मधुबन बाजार के अलावा इलाके के नंदौर, दुबारी आदि क्षेत्रों में आतिशबाजी के बीच प्रकाश पर्व दीपावली धूमधाम से मनाया गया। बढुआगोदाम संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के बढ़ुआगोदाम, ताजोपुर, परदहां, डुमरांव सहित विभिन्न इलाकों में दीपावली पर्व का त्योहार उत्साहपूर्वक मनाया गया।

सोशल साइट पर बधाई दे रहे लोग
मऊ। दीपावली के दिन वैसे तो तमाम घरों में पारंपरिक रूप से गणेश लक्ष्मी की पूजा की गई। युवक, युवतियों, महिलाओं ने पूरे दिन दीवाली का जश्न मनाया। साथ ही एसएमएस, फेसबुक, वाट्सएप, ट्वीटर सहित आधुनिक संसाधनों के माध्यम से दीपावली पर्व की एक दूसरे को बधाई दी।
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