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ओडीओपी योजना लागू होने के चार वर्ष बाद भी टेक्सटाइल पार्क को नहीं मिली मंजूरी:

Tue, 23 Aug 2022 12:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2022 12:00 AM IST
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Textile park did not get approval even after four years of implementation of ODOP scheme:
मऊ। एक जिला एक उत्पाद योजना लागू होने के चार साल बाद भी जिले में 400 करोड़ की लागत से टेक्सटाइल पार्क की स्थापना नहीं की जा सकी है। 2018 मेें नामित एजेंसी ने डायग्नोस्टिक स्टडी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। लेकिन अभी तक प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिल सकी है और इसकी फाइल शासन में धूूल खा रही है। नगर क्षेत्र सहित वलीदपुर, घोसी, कोपागंज, पूराघाट, मुहम्मदाबाद गोहना सहित विभिन्न क्षेत्रों में 50 हजार से अधिक पावरलूम बुनकर साड़ी की बुनाई करते हैं। जिले का सालाना कारोबार लगभग 500 करोड़ से अधिक का है। आज भी देश के विभिन्न प्रांतों में मऊवाली साड़ी की अभी भी मांग हो रही है। लेकिन शासन-प्रशासन से तकनीकीसुविधा न मिलने से बुनकर परंपरागत तरीके से ही साड़ियों की बुनाई कर रहे हैं। जिससे वह प्रतिस्पर्धा की दौड़ में पिछड़ जा रहे हैं। बुनाई की कारीगरी को उड़ान देने की दिशा में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत शासन की तरफ से टेक्सटाइल को शामिल किया गया था। 2018 में नामित एजेंसी ने 400 करोड़ की लागत से टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने के मामले में डायग्नोस्टिक स्टडी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। लेकिन यह प्रस्ताव अभी परवान नहीं चढ़ सका है। फाइल शासन में धूल खा रही है और बुनकर अपने को तकनीकी कारीगरी से जुड़ने की आस देख रहा है। टेक्सटाइल पार्क के लिए बुनकरों के लिए औद्योगिक क्षेत्र में एक स्थान पर ही टेस्टिंग लैब, प्रोसेसिंग प्लांट, कलस्टर, तकनीकी अनुसंधान केंद्र, विपणन केंद्र, डिजाइन विकास केंद्र, मैटेरियल बैंक, निर्यात केंद्र सहित टेक्सटाइल से जुड़ी तमाम सुविधाएं शामिल हैं। जिला उद्योग केंद्र उपायुक्त उद्योग राजेश रोमन ने बताया कि टेक्सटाइल पार्क की स्थापना का मामला शासन स्तर का है। शासन से पत्र मिलने के बाद आदेश को क्रियान्वित कराया जाएगा।
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