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सूखा राहत के लिए तहसील घेरी
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Mon, 27 Jun 2016 11:36 PM IST
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ध्ारना
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मंांगों को लेकर तहसील मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। साथ ही राज्यपाल को संबोधित उपजिलाधिकारी सूर्यकांत त्रिपाठी को 22 सूत्री मांगपत्र सौंपा। इसमें खासकर किसानों को सूखा राहत राशि नहीं मिलने की बात उठाई गई।
कार्यकर्ता दुबारी मोड़ से जुलूस की शक्ल में शासन और स्थानीय प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचे। धरने के माध्यम से जमकर सरकार को कोसा। धरने को संबोधित करते हुए भरत भैया ने कहा कि मधुबन क्षेत्र तमाम समस्याओं से जकड़ा है।जिले के लापरवाह अधिकारियों को मधुबन तहसील क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है।जो आकर केंद्र सरकार द्वारा किसानों के सूखा राहत के तहत भेजे गए धन का भी बन्दरबांट कर दिया गया है।किसान अपने धन को लेने के लिये परेशान हैं।
जिसने बिचौलियों को सुविधा शुल्क दिया उसके खाते में पैसा गया शेष लोग आज भी तहसील और लेखपाल के चक्कर लगा रहे हैं। रोपाई का समय हो गया नहरें सूखी है। मधुबन कस्बे में सड़क की पटरी नाले का स्वीकृत चार करोड़ रुपये सपा बसपा सरकार के नुमाइंदगी करने वाले खा गए। लिहाजा सड़क का पानी लोगों की दुकानों में घुस रहा है। बिजली बद से बदतर अवस्था में पहुंच चुकी है। बच्चों की छात्रवृत्ति बंद कर दी गई। वरिष्ठ नेता अरविंद सिंह ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार आतंक लूट हत्या आदि की घटनाएं आए दिन बढ़ रही है लेकिन सरकार पर इसका कोई असर नहीं है। जनता भय और भूख से लाचार होती जा रही है।
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संजय सिंह ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का करोड़ों का स्कूल कुचाई ग्राम में लबे सड़क पर बना है। इसकी जांच कराई जाए। धरने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित 22 सूत्रीय मांगपत्र सुखा राहत क्षतिपूर्ति वितरण में घोटाले की जांच बीपीएल पात्र गृहस्थी कार्ड बनाने में अनियमितता अनाज में कालाबाजारी जर्जर सड़के घोर विद्युत कटौती ध्वस्त स्वास्थ्य सुविधाएं तथा प्रदेश में गिरती कानून व्यवस्था समेत 22 सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम को सौंपा।
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कार्यकर्ता दुबारी मोड़ से जुलूस की शक्ल में शासन और स्थानीय प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचे। धरने के माध्यम से जमकर सरकार को कोसा। धरने को संबोधित करते हुए भरत भैया ने कहा कि मधुबन क्षेत्र तमाम समस्याओं से जकड़ा है।जिले के लापरवाह अधिकारियों को मधुबन तहसील क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है।जो आकर केंद्र सरकार द्वारा किसानों के सूखा राहत के तहत भेजे गए धन का भी बन्दरबांट कर दिया गया है।किसान अपने धन को लेने के लिये परेशान हैं।
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जिसने बिचौलियों को सुविधा शुल्क दिया उसके खाते में पैसा गया शेष लोग आज भी तहसील और लेखपाल के चक्कर लगा रहे हैं। रोपाई का समय हो गया नहरें सूखी है। मधुबन कस्बे में सड़क की पटरी नाले का स्वीकृत चार करोड़ रुपये सपा बसपा सरकार के नुमाइंदगी करने वाले खा गए। लिहाजा सड़क का पानी लोगों की दुकानों में घुस रहा है। बिजली बद से बदतर अवस्था में पहुंच चुकी है। बच्चों की छात्रवृत्ति बंद कर दी गई। वरिष्ठ नेता अरविंद सिंह ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार आतंक लूट हत्या आदि की घटनाएं आए दिन बढ़ रही है लेकिन सरकार पर इसका कोई असर नहीं है। जनता भय और भूख से लाचार होती जा रही है।
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संजय सिंह ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का करोड़ों का स्कूल कुचाई ग्राम में लबे सड़क पर बना है। इसकी जांच कराई जाए। धरने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित 22 सूत्रीय मांगपत्र सुखा राहत क्षतिपूर्ति वितरण में घोटाले की जांच बीपीएल पात्र गृहस्थी कार्ड बनाने में अनियमितता अनाज में कालाबाजारी जर्जर सड़के घोर विद्युत कटौती ध्वस्त स्वास्थ्य सुविधाएं तथा प्रदेश में गिरती कानून व्यवस्था समेत 22 सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम को सौंपा।