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Mau News: समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण से प्रवेश लेेने में आ रहीं तकनीकी समस्याएं
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मऊ। शासन की तरफ से जिले के महाविद्यालयों में स्नातक कक्षा में प्रवेश के लिए समर्थ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता लागू करने से छात्र छात्राओं को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। तकनीकी खामी आने से महाविद्यालयों में एडमिशन नाम मात्र हुए हैं। हालांकि प्रवेश प्रक्रिया में दो माह का समय है।
जिले में दो राजकीय, चार सहायता प्राप्त तथा 150 से अधिक मान्यता प्राप्त महाविद्यालय हैं। जबकि यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई का रिजल्ट घोषित होने के बाद महाविद्यालयों में स्नातक कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। इस वर्ष स्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।
पहली बार व्यवस्था लागू होने से कई समस्याएं आने से छात्र ही नहीं महाविद्यालयों के कर्मचारियों को उठाना पड़ रहा है। इससे महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। डीसीएसके पीजी काॅलेज में अभी तक 200 विद्यार्थियों का ही एडमिशन हो पाया है। निजी महाविद्यालयों के संचालक सीटों को भरने में पूरा जोर लगा रहे हैं।
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पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर जरूरी है। एक मोबाइल नंबर से एक ही छात्र का रजिस्ट्रेशन हो सकता है। पोर्टल पर नामांकन करने वाले छात्रों को महाविद्यालय का चयन करना है। उसके बाद ही उन्हें प्रवेश मिल सकेगा। जो छात्र एक बार महाविद्यालय का नाम चयन कर लेगा।
उसके बाद यदि वह दूसरे महाविद्यालय में प्रवेश चाहता है तो उसे पहले उस महाविद्यालय या विश्वविद्यालय का नाम डिलीट करवाना होगा।
हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्देश पर महाविद्यालयों में तो हेल्प डेस्क बनाया गया है। प्रवेश लेने वाले छात्र छात्राओं को समर्थ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बारे में बताया जा रहा है। इस संबंध में नगर के एक कैफे मेें समर्थ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा रहे नगर क्षेत्र के अशोक कुमार यादव, पप्पू यादव, सुमन सिंह का कहना था कि पहली बार नई व्यवस्था लागू होने से तकनीकी दिक्कत आ रही है।
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जिले में दो राजकीय, चार सहायता प्राप्त तथा 150 से अधिक मान्यता प्राप्त महाविद्यालय हैं। जबकि यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई का रिजल्ट घोषित होने के बाद महाविद्यालयों में स्नातक कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। इस वर्ष स्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।
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पहली बार व्यवस्था लागू होने से कई समस्याएं आने से छात्र ही नहीं महाविद्यालयों के कर्मचारियों को उठाना पड़ रहा है। इससे महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। डीसीएसके पीजी काॅलेज में अभी तक 200 विद्यार्थियों का ही एडमिशन हो पाया है। निजी महाविद्यालयों के संचालक सीटों को भरने में पूरा जोर लगा रहे हैं।
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पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर जरूरी है। एक मोबाइल नंबर से एक ही छात्र का रजिस्ट्रेशन हो सकता है। पोर्टल पर नामांकन करने वाले छात्रों को महाविद्यालय का चयन करना है। उसके बाद ही उन्हें प्रवेश मिल सकेगा। जो छात्र एक बार महाविद्यालय का नाम चयन कर लेगा।
उसके बाद यदि वह दूसरे महाविद्यालय में प्रवेश चाहता है तो उसे पहले उस महाविद्यालय या विश्वविद्यालय का नाम डिलीट करवाना होगा।
हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्देश पर महाविद्यालयों में तो हेल्प डेस्क बनाया गया है। प्रवेश लेने वाले छात्र छात्राओं को समर्थ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बारे में बताया जा रहा है। इस संबंध में नगर के एक कैफे मेें समर्थ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा रहे नगर क्षेत्र के अशोक कुमार यादव, पप्पू यादव, सुमन सिंह का कहना था कि पहली बार नई व्यवस्था लागू होने से तकनीकी दिक्कत आ रही है।