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Mau News: सहरोज और रेवरीडीह में फोरलेन कार्य के मामले में अधिकारियों और किसानों में वार्ता विफल

Mon, 22 May 2023 12:19 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 22 May 2023 12:19 AM IST
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Talks between officials and farmers failed in the matter of four lane work in Sahroj and Revardih
स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम सभा सहरोज और रेवरीडीह में फोरलेन का कार्य एनएचआई और किसानों के बीच अधिगृहित भूमि के मुआवजा के विवाद का समाधान चार वर्ष से लटका पड़ा है। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और एनएचआई के अधिकारियों ने किसानों के साथ बैठक कर इस समस्या का हल निकालने की कोशिश की, लेकिन मामला जस का जस पड़ा रहा। इसी क्रम में शनिवार की देर शाम उपजिलाधिकारी सदर, सिटी मजिस्ट्रेट और एनएचआई के अधिकारियों ने किसानों के साथ बैठक कर फोरलेन के कार्य को प्रारंभ करवाना चाहते थे लेकिन किसानों की पहले मुआवजा की जिद के चलते वार्ता विफल हो गई। किसानों का कहना था कि एनएचआई पिछले चार वर्षो से किसानों की जमीन कब्जा किया हुआ है। इसके चलते किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं और उनको जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद भी समुचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। कोपागंज क्षेत्र के रेवरीडीह के सैकड़ों किसानों का दो हेक्टेयर 446 एयर जमीन निर्माणाधीन फोनलेन में अधिगृहित है, जिसका 25 करोड़ 13 लाख का भुगतान अब तक किसानों को नहीं किया गया। वहीं सहरोज के किसानों की 886 एयर जमीन फोरलेन में अधिगृहित की गई है। इसका आठ करोड़ 43 हजार लगभग एक भी किसानों का भुगतान अभीतक नहीं किया गया है। सभी जमीन को फोरलेन के लिए एनएचआई द्वारा चार वर्ष पूर्व अधिगृहित कर लिया गया। लेकिन चार वर्ष व्यतीत होने के बाद भी किसानों का भुगतान नहीं हुआ। कई बार एनएचआई द्वारा अधिगृहित जमीन से अधिक जमीन जबरदस्ती अधिगृहित कर शासन प्रशासन के बल पर जबरदस्ती कार्य करवाने के लिए राजस्व विभाग और भारी पुलिस बल के साथ रुके गए फोरलेन कार्य को प्रारंभ करवाने की कोशिश की गई लेकिन मौके पर मौजूद सैकड़ों किसान के काफी विरोध का सामना करना पड़ा। इसके चलते अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा। गत शनिवार की देर शाम एस डीएम सदर आनंद कन्नौजिया, सिटी मजिस्ट्रेट नितीश कुमार एनएचआई के पीडी भावेश अग्रवाल किसानों के साथ बैठकर कर और किसानों को 14 सौ का रेट देकर कार्य प्रारंभ करवाना चाहा लेकिन जिलाधिकारी के आदेश का हवाला देकर किसानों ने इस प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया।
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डीएम के आदेश के बावजूद भी नहीं मिला मुआवजा
कोपागंज। जिलाधिकारी के आदेश जारी करने क बाद भी मुआवजा का भुगतान नहीं हो सका है। इस संबंध में दिनेश राय, संजीव राय रामकृत पाल, दशरथ पाल, मोहन खरवार, संजीव राय, विपिन राय, वीरेंद्र तिवारी, मुन्ना राय, प्रदीप, उमाकांत त्रिपाठी, गिरजा कैलाश, विनोद राय, प्रशांत आदि किसानों का कहना है कि एनएचआई पिछले चार वर्षों से किसानों की जमीन कब्जा किए हुए है, जिसके चलते किसान खेती नहीं कर पा रहे और एनएचआई कम रेट पर किसानों को मुआवजा देने की कोशिश कर रही। जबकि जिलाधिकारी /आर्बिट्रेटर द्वारा 2018 में किसानो को 36 सौ रेट से एनएचआई को किसानों को मुआवजा देने का आदेश पारित किया था। जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद भी समुचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
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मुआवजा पाने के इंतजार में कई किसानों की हो चुकी है मौत
कोपागंज। रेवरीडीह और सहरोज में फोरलेन के लिए किसानों की अधिगृहित की गई जमीन की मुआवजा पाने के इंतजार में रामजी, राधिका देवी, राजेंद्र राय, शिवानंद, ब्रह्मानंद, उग्रह राधा आदि किसानों की मौत हो चुकी है।
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