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Mau News: 57 सहायक अध्यापक और 32 प्रवक्ता के बिना पढ़ रहे 17 स्कूलों के छात्र
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शिक्षा सत्र शुरू हुए 22 दिन बीत गए, लेकिन राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से रिक्त चल रहे शिक्षकों के पदों को भरा नहीं जा सका है। 177 की जगह 88 शिक्षक ही तैनात हैं। 57 सहायक अध्यापक और 32 प्रवक्ता के पद रिक्त हैं।
ऐसे में 17 राजकीय स्कूलों के छात्र बिना पर्याप्त शिक्षकों के शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यह पद बीते पांच वर्षों से रिक्त चल रहे हैं। हर वर्ष इन्हें भरने का आश्वासन विभागीय अधिकारियों द्वारा दिया जाता है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
जिले में 17 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में लगभग 1700 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अप्रैल माह बीतने को है, लेकिन विद्यालयों में रिक्त चल रहे शिक्षकों के पद अब तक नहीं भरे जा सके हैं।
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हालत यह है कि जिले में सहायक अध्यापकों के 127 पद सृजित हैं, लेकिन 70 शिक्षकों की ही तैनाती है। इसी तरह प्रवक्ता के 50 पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल 18 प्रवक्ता तैनात हैं। भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित सहित विभिन्न विषयों की पढ़ाई जैसे-तैसे हो रही है।
शिक्षकों के प्रयास से अभिभावकों ने बच्चों का नामांकन तो करा दिया है, लेकिन शिक्षकों के पद रिक्त रहने से छात्रों को कोर्स पूरा होने को लेकर चिंता सताने लगी है। अभिभावकों के अनुसार, विद्यालयों में रिक्त पदों के स्थान पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज अइलख में 17 के सापेक्ष सात शिक्षकों की तैनाती है। इसी तरह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज इमिलिया में 25 शिक्षकों के सापेक्ष नौ शिक्षक तैनात हैं। कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने रिक्त पदों को भरने के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है। अन्य विद्यालयों का भी यही हाल है।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में आयोग की तरफ से सहायक अध्यापकों और प्रवक्ताओं की नियुक्ति की जाती है। शासन स्तर से भर्ती प्रक्रिया चल रही है। शिक्षक-अभिभावक संघ के सहयोग से विद्यालयों में गुणवत्तापरक शिक्षा देने का प्रयास जारी है।
-गौतम प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक
मऊ
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ऐसे में 17 राजकीय स्कूलों के छात्र बिना पर्याप्त शिक्षकों के शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यह पद बीते पांच वर्षों से रिक्त चल रहे हैं। हर वर्ष इन्हें भरने का आश्वासन विभागीय अधिकारियों द्वारा दिया जाता है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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जिले में 17 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में लगभग 1700 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अप्रैल माह बीतने को है, लेकिन विद्यालयों में रिक्त चल रहे शिक्षकों के पद अब तक नहीं भरे जा सके हैं।
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हालत यह है कि जिले में सहायक अध्यापकों के 127 पद सृजित हैं, लेकिन 70 शिक्षकों की ही तैनाती है। इसी तरह प्रवक्ता के 50 पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल 18 प्रवक्ता तैनात हैं। भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित सहित विभिन्न विषयों की पढ़ाई जैसे-तैसे हो रही है।
शिक्षकों के प्रयास से अभिभावकों ने बच्चों का नामांकन तो करा दिया है, लेकिन शिक्षकों के पद रिक्त रहने से छात्रों को कोर्स पूरा होने को लेकर चिंता सताने लगी है। अभिभावकों के अनुसार, विद्यालयों में रिक्त पदों के स्थान पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज अइलख में 17 के सापेक्ष सात शिक्षकों की तैनाती है। इसी तरह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज इमिलिया में 25 शिक्षकों के सापेक्ष नौ शिक्षक तैनात हैं। कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने रिक्त पदों को भरने के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है। अन्य विद्यालयों का भी यही हाल है।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में आयोग की तरफ से सहायक अध्यापकों और प्रवक्ताओं की नियुक्ति की जाती है। शासन स्तर से भर्ती प्रक्रिया चल रही है। शिक्षक-अभिभावक संघ के सहयोग से विद्यालयों में गुणवत्तापरक शिक्षा देने का प्रयास जारी है।
-गौतम प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक
मऊ