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आग लगी तो सबकुछ राख होना तय

Sat, 09 Apr 2016 11:55 PM IST
BEARU, AMAR UJALA, MAU
BEARU, AMAR UJALA, MAU Updated Sat, 09 Apr 2016 11:55 PM IST
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So everything is set to be on fire ash
नगर क्षेत्र के शहर कोतवाली के सामने मौजूद अग्निशमन कार्यालय।
गर्मियां शुरू होते ही तेज हवा के झोके छोटी से चिंगारी को शोला बना देतेे हैं। शनिवार को भी ऐसा हुआ। जनपद में एक साथ दस जगहों पर आग लगी। ढीले हो चुके बिजली के तारों में शार्टसर्किट से कई बीघे गेहूं की फसल राख हो गई। प्रति वर्ष का यह क्रम है।
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लेकिन न तो बिजली विभाग इस पर सतर्क हो रहा है न ही फायर ब्रिगेड विभाग। जिला मुख्यालय पर उधार के भवन में खड़े तीन फायर टैंकर एक ही दिन में 10 से अधिक स्थानों पर लगी आग को बुझाने के लिए नाकाफी साबित हुए। अगर शहर की तंग गलियों में आग लगी तो भी अग्निशमन विभाग असहाय बना रहेगा। ऊंची इमारतों एवं तंग गलियों में न फायर टैंकर के जाने का रास्ता है और न ही यहां पर पानी बुझाने के लिए लगे हाईड्रेंट ही  चालू हैं। 
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जनपद में एक भी फायर स्टेशन नहीं है। शहर कोतवाली के सामने पुलिस कालोनी के बगल में ही जैसे तैसे तीन फायर टैंकर खड़े किए गए हैं एवं विभाग के कर्मचारी रहते हैं। जिला मुख्यालय पर फायर स्टेशन की जगह सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बगल में चिह्नित है, लेकिन यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसी तरह से घोसी और मधुबन में फायर स्टेशन के लिए जमीन विभाग के पास है, लेकिन यहां के लिए बजट ही नहीं है।
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मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में जमीन तलाशी जा रही है। शहर की बात की जाए तो नगर में आग बुझाने के नाम पर 12 हाईड्रेंट लगे हुए हैं, शहर कोतवाली के ठीक सामने एवं चौक को छोड़कर सभी खराब हैं। इनमें पानी नहीं आता है। पहाड़पुरा, खीरीबाग, इमामगंज आदि स्थानों पर लगे हाईड्रेंट वर्षों से खराब हैं। पिछली बार कब मॉक ड्रिल हुई यह भी अफसर नहीं बता पा रहे। इस वजह से अधिकांश का तो नामोनिशान भी नहीं मालूम पड़ता है। सड़कों के ऊंचे होने के बाद वह और भी दब गए हैं। 



आग से बचाव को ग्रामीण क्षेत्रों का हाल और भी बुरा है। किसी तहसील में फायर स्टेशन नहीं है और न ही एक भी फायर टैंकर की गाड़ियां ही रहती हैं। तहसील क्षेत्रों में आग बुझाने के लिए बोलेरो कैंपर भेजे जाने की सुविधा है। इस प्रकार देखा जाए तो न तो आग से शहर ही सुरक्षित है और न ही ग्रामीण इलाके। गर्मी के दिनों में प्रतिदिन आग लगने के बावजूद उस पर समय से नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। 
 
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