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स्कूल के ऊपर से गुजर रहा जर्जर विद्युत तार
ब्यूरो/अमर उजाला, मऊ
Updated Wed, 18 May 2016 11:59 PM IST
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फतहपुर मंडाव के नेमडाड़ कन्या प्राथमिक विद्यालय पर दुर्घटना को दावत देता ऊपर से गुजरा हुआ बिजली का तार।
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शिक्षा क्षेत्र फतहपुर मण्डाव के नेमडाड प्राथमिक विद्यालय नंबर दो के ऊपर से गुजर रहा जर्जर बिजली का तार खतरे का संकेत दे रहा है। समय रहते यदि इसे गंभीरता से नहीं लिया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। दहशतजदा अध्यापकों ने कई बार इस बारे में संबंधित अधिकारियों से शिकायत की लेकिन अभी उसे हटाने का संज्ञान नहीं लिया गया है।
विद्यालय में कक्षा 1 से 5 वीं तक मात्र 61 बच्चे हैं। विद्यालय की छत ही लगे खंभे से जर्जर बिजली के तार आगे गए हैं।
शिक्षकों की मानें तो बरसात में तारों से भवन में करेंट उतरने लगता है। हालांकि अभी तक तो हादसा नहीं हुआ है। लेकिन यदि ऐसा ही रहा तो किसी न किसी दिन बच्चों के साथ बड़ा हादसा होने की आशंका से इंकार भी नहीं किया जा सकता। इससे भयभीत कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को यहां से हटा दूसरे विद्यालय में प्रवेश करा दिया है।
अभिभावक अभिनव शरण, धन्नजय मिश्रा ,नसीरूल्लाह, मुफ्ती सादिक ने बताया कि अध्यापकों के आग्रह से अपने बच्चों को उस स्कूल में भेज तो रहे हैं लेकिन मन तरह तरह की आशंकाओं से घिरा रहता है। जब तक हमारे बच्चे घर नहीं पहुंच जाते सांसें टंगी रहती हैं। प्रधानाध्यापिका सुमन यादव ने बताया कि शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। वहीं प्रधान डा.पूनम मिश्रा ने बताया कि जर्जर तारों को हटाने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र दिया गया। लेकिन आज तक तार हट नहीं सके।
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बीईओ श्रवण कुमार यादव की माने तो विद्युत विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। वहीं बिजली विभाग के एसडीओ राजेश कुमार ने ऐसी किसी बात से अनभिज्ञता जताई है।
बीएसए राकेश कुमार ने कहा कि अधिशासी अभियंता खंड तृतीय को पत्र लिखकर तार हटाने को कहा जाएगा। कहा कि यदि इस कार्य के लिए विभाग को बजट की आवश्यकता होगी तो वह भी उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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विद्यालय में कक्षा 1 से 5 वीं तक मात्र 61 बच्चे हैं। विद्यालय की छत ही लगे खंभे से जर्जर बिजली के तार आगे गए हैं।
शिक्षकों की मानें तो बरसात में तारों से भवन में करेंट उतरने लगता है। हालांकि अभी तक तो हादसा नहीं हुआ है। लेकिन यदि ऐसा ही रहा तो किसी न किसी दिन बच्चों के साथ बड़ा हादसा होने की आशंका से इंकार भी नहीं किया जा सकता। इससे भयभीत कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को यहां से हटा दूसरे विद्यालय में प्रवेश करा दिया है।
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अभिभावक अभिनव शरण, धन्नजय मिश्रा ,नसीरूल्लाह, मुफ्ती सादिक ने बताया कि अध्यापकों के आग्रह से अपने बच्चों को उस स्कूल में भेज तो रहे हैं लेकिन मन तरह तरह की आशंकाओं से घिरा रहता है। जब तक हमारे बच्चे घर नहीं पहुंच जाते सांसें टंगी रहती हैं। प्रधानाध्यापिका सुमन यादव ने बताया कि शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। वहीं प्रधान डा.पूनम मिश्रा ने बताया कि जर्जर तारों को हटाने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र दिया गया। लेकिन आज तक तार हट नहीं सके।
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बीईओ श्रवण कुमार यादव की माने तो विद्युत विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। वहीं बिजली विभाग के एसडीओ राजेश कुमार ने ऐसी किसी बात से अनभिज्ञता जताई है।
बीएसए राकेश कुमार ने कहा कि अधिशासी अभियंता खंड तृतीय को पत्र लिखकर तार हटाने को कहा जाएगा। कहा कि यदि इस कार्य के लिए विभाग को बजट की आवश्यकता होगी तो वह भी उपलब्ध करा दिया जाएगा।