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मछली बंटवारा विवादः पुलिस के डर से दलित बस्ती में दूसरे दिन भी सियापा
ब्यूरो,अमर उजाला,मऊ
Updated Mon, 10 Apr 2017 11:54 PM IST
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गांव छोड़कर लोग फरार, दूसरे दिन भी तैनात रही पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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रविवार को मछली पकड़ने के विवाद को लेकर हुए संघर्ष के बाद दुबारी दलित बस्ती में दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। गांव में पुलिस तैनात है, कई आरोपियों की तलाश जारी है। ग्रामीण गांव छोड़कर फरार हैं।
बता दें कि रविवार को दुबारी मटियरा दलित बस्ती के लोगों ने गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद एक पट्टे की पोखरी में पड़ी मछली के बंटवारे को लेकर चक्का जाम कर दिया और पुलिस पर पथराव भी कर दिया था। इसमें एक दरोगा सहित चार पुलिस कर्मी घायल हो गए।
बचाव में पुलिस ने हवाई फायरिंग की। इसमें दो किशोर भी घायल हो गए थे। पुलिस ने किसी प्रकार मामले को शांत कराया। साथ ही 20 नामजद सहित 200 अज्ञात के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
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पुलिस ने घटना में शामिल 18 लोगों में राजकुमार, सुग्गा श्रवण, गाजर, अजय, विनोद, इंद्रदेव, रामव्रत, सुरेंद्र, विजय, श्रीराम, नन्दू, अनिल, बाबूलाल, सतीराम, धीरज को हिरासत में लेकर इनके ऊपर हत्या के प्रयास सहित कई आपराधिक मामले दर्ज कर जेल भेज दिया।
इसके अलावा घटना में शामिल अन्य 50 से 60 अज्ञात हमलावरों जिसमें महिला व पुरुष दोनों शामिल हैं की गिरफ्तारी के लिए पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है। पुलिस ने घायल एस आई चौकी प्रभारी दुबारी नवलकिशोर सिंह की तहरीर पर सभी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया है।
घटना के दूसरे दिन फ़िलहाल गांव में शांति है, लेकिन सन्नाटा पसरा है। पुलिस की माने तो इन लोगों के पीछे कई सफेदपोश हैं, जिनके समर्थन पर हरिजन बस्ती के लोगों ने इस तरह का तांडव किया। उप जिलाधिकारी मधुबन का कहना है कि पोखरी पर उनका कोई अधिकार नहीं है।
पोखरी ग्राम समाज की है और अब तक नियमानुसार पट्टा होती है। इसी पट्टे के विवाद को सुलझाने के लिये नायब तहसीलदार और पुलिस चौकी प्रभारी नवलकिशोर सिंह मौके पर गये थे।
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बता दें कि रविवार को दुबारी मटियरा दलित बस्ती के लोगों ने गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद एक पट्टे की पोखरी में पड़ी मछली के बंटवारे को लेकर चक्का जाम कर दिया और पुलिस पर पथराव भी कर दिया था। इसमें एक दरोगा सहित चार पुलिस कर्मी घायल हो गए।
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बचाव में पुलिस ने हवाई फायरिंग की। इसमें दो किशोर भी घायल हो गए थे। पुलिस ने किसी प्रकार मामले को शांत कराया। साथ ही 20 नामजद सहित 200 अज्ञात के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
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पुलिस ने घटना में शामिल 18 लोगों में राजकुमार, सुग्गा श्रवण, गाजर, अजय, विनोद, इंद्रदेव, रामव्रत, सुरेंद्र, विजय, श्रीराम, नन्दू, अनिल, बाबूलाल, सतीराम, धीरज को हिरासत में लेकर इनके ऊपर हत्या के प्रयास सहित कई आपराधिक मामले दर्ज कर जेल भेज दिया।
इसके अलावा घटना में शामिल अन्य 50 से 60 अज्ञात हमलावरों जिसमें महिला व पुरुष दोनों शामिल हैं की गिरफ्तारी के लिए पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है। पुलिस ने घायल एस आई चौकी प्रभारी दुबारी नवलकिशोर सिंह की तहरीर पर सभी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया है।
घटना के दूसरे दिन फ़िलहाल गांव में शांति है, लेकिन सन्नाटा पसरा है। पुलिस की माने तो इन लोगों के पीछे कई सफेदपोश हैं, जिनके समर्थन पर हरिजन बस्ती के लोगों ने इस तरह का तांडव किया। उप जिलाधिकारी मधुबन का कहना है कि पोखरी पर उनका कोई अधिकार नहीं है।
पोखरी ग्राम समाज की है और अब तक नियमानुसार पट्टा होती है। इसी पट्टे के विवाद को सुलझाने के लिये नायब तहसीलदार और पुलिस चौकी प्रभारी नवलकिशोर सिंह मौके पर गये थे।
शहीद क्रांतिकारियों की प्रतिमा लगने में भी डाला था अडंगा
मधुबन थाना क्षेत्र के दुबारी दलित बस्ती के लोगों ने विधान सभा चुनाव से पहले दिसंबर माह में इसी पोखरी के बगल में 1857 के क्रांतिकारी रहे हरष सिंह और हुलाश सिंह की प्रतिमा लगाने के लिए किए जा रहे भूमि पूजन पर रोक लगवा दिया था।
तब स्थानीय स्तर का मामला होने के नाते किसी ने कुछ नही बोला था। दुबारी के ही हरष सिंह और हुलाश सिंह को अंग्रेजी हुकूमत ने उनके खिलाफ 1857 में ही अघोषित गोरिल्ला युद्ध छेड़ने के कारण उसी गांव में नीम की डाल पर कच्ची फांसी दे दी गई थी।
तब स्थानीय स्तर का मामला होने के नाते किसी ने कुछ नही बोला था। दुबारी के ही हरष सिंह और हुलाश सिंह को अंग्रेजी हुकूमत ने उनके खिलाफ 1857 में ही अघोषित गोरिल्ला युद्ध छेड़ने के कारण उसी गांव में नीम की डाल पर कच्ची फांसी दे दी गई थी।