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सरकारी जमीन पर बना स्कूल मान्यता समाप्त
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Tue, 20 Jan 2015 11:01 PM IST
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तहसील सभागार में डीएम की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस पर एक विद्यालय की मान्यता रद करने का निर्देश दिया गया। स्कूल सरकारी भूमि पर संचालित है, डीएम ने संबंधित गांव के लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश एसडीएम घोसी को दिया।
कई शिकायतकर्ताओं ने अपनी शिकायतें सौंपीं। यहां आए 95 में से केवल सात शिकायतों का ही निस्तारण किया जा सका।
तहसील दिवस में एक ने शिकायत की कि अमिला में सरदार वल्लभ शिक्षा निकेतन सरकारी भूमि पर संचालित हो रहा है।
डीएम ने वहां उपस्थित जिला विद्यालय निरीक्षक बृजेश कुमार से स्कूल की मान्यता रद्द करने का निर्देश दिया। साथ ही एसडीएम साहब लाल को संबधित लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई करने और जांच करने का निर्देश दिया।
शिकायत पर पलिया महमूद के लेखपाल कमलेश भारती के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश भी एसडीएम को दिए गए। इसके अतिरिक्त घोघवल रामपुर के रामनाथ परदेसी ने कोटेदार द्वारा राशन का वितरण न करने, चुम्मानार अहिरानी के राम अवध यादव ने गांव के प्रधान पर सरकारी खड़ंजा र्की ईंटें नीजि उपयोग में लाने और शौचालय निर्माण में व्यापक स्तर पर धांधली करने की शिकायत की।
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बेला सुल्तानपुर की फूला देवी, राम प्रताप, शिवदत्त आदि की शिकायत रही कि पट्टे के आवंटन में मिली भूमि पर अतिक्रमण कर्ताओं ने कब्जा कर लिया है। अरियासो के कुंजबिहारी ने ग्राम पंचायत के भीटे पर कुछ दबंगों द्वारा कब्जा करने की शिकयत की।
जबकि खैरा मुहम्मद के रामनगीना ने शिकायत की कि 2010 में उसने बिजली बकाया जमा करा दिया था पर उसका बिल अब भी आने की शिकायत किया।
इन शिकायतों को संबंधित अधिकारियो के पास निस्तारण के लिए भेज दिया गया। कुल 95 में से मात्र सात का ही निस्तारण हो सका।
संासद हरिनारायन राजभर, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ल, सीडीओ यूएन सिंह, एसडीएम साहब लाल, परियोजना निदेशक डा. हरिचरण सिंह, सीएमओ डा. नंदलाल यादव, उप निदेशक कृषि डा. आशुतोष मिश्र अादि मौजूद रहे।
मधुबन संवाददाता के अनुसार तहसील दिवस में कुल 40 शिकायतें आईं। इनमें से एक का निस्तारण किया जा सका और शेष शिकायतों को संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों के पास भेज दिया गया।
उध्ार, सदर तहसील में मंगलवार को तहसील दिवस पर अपनी मांग लेकर पहुंचे नि:शक्तजनों ने ऐसी मांग की कि जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।
कहाकि आधार कार्ड बनवाने के लिए आंख और हाथों का मशीन से स्कैन किया जा रहा है। लेकिन अगर आंख और हाथ नहीं हो तो आधार कार्ड कैसे बने।
विकलांग सेवा समिति के पदाधिकारियों ने सदर तहसील में आधार कार्ड बनवाने और पेंशन न रोके जाने के लिए अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
विकलांग सेवा समिति के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि जिले में विकलांगों की आठ हजार से ज्यादा है। जिनको विकलांग पेंशन भी मिलती है। बताया कि विकलांगों को सूचित किया गया है
कि सभी विकलांग पेंशन धारक अपना आधार कार्ड जमा करें नहीं तो उनकी पेंशन रोक दी जाएगी। लेकिन आधार कार्ड बनवाने के लिए हाथ और आंख दोनों का होना जरूरी है।
ऐसे में हम क्या करें। समिति के सदस्यों ने मांग की कि आधार कार्ड न जमा करने की स्थिति मेें विकलांगों के पेंशन न रोकी जाए आैर विकलांगों के लिए आधार कार्ड की जगह कोई आैर विकल्प दिया जाए।
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कई शिकायतकर्ताओं ने अपनी शिकायतें सौंपीं। यहां आए 95 में से केवल सात शिकायतों का ही निस्तारण किया जा सका।
तहसील दिवस में एक ने शिकायत की कि अमिला में सरदार वल्लभ शिक्षा निकेतन सरकारी भूमि पर संचालित हो रहा है।
डीएम ने वहां उपस्थित जिला विद्यालय निरीक्षक बृजेश कुमार से स्कूल की मान्यता रद्द करने का निर्देश दिया। साथ ही एसडीएम साहब लाल को संबधित लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई करने और जांच करने का निर्देश दिया।
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शिकायत पर पलिया महमूद के लेखपाल कमलेश भारती के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश भी एसडीएम को दिए गए। इसके अतिरिक्त घोघवल रामपुर के रामनाथ परदेसी ने कोटेदार द्वारा राशन का वितरण न करने, चुम्मानार अहिरानी के राम अवध यादव ने गांव के प्रधान पर सरकारी खड़ंजा र्की ईंटें नीजि उपयोग में लाने और शौचालय निर्माण में व्यापक स्तर पर धांधली करने की शिकायत की।
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बेला सुल्तानपुर की फूला देवी, राम प्रताप, शिवदत्त आदि की शिकायत रही कि पट्टे के आवंटन में मिली भूमि पर अतिक्रमण कर्ताओं ने कब्जा कर लिया है। अरियासो के कुंजबिहारी ने ग्राम पंचायत के भीटे पर कुछ दबंगों द्वारा कब्जा करने की शिकयत की।
जबकि खैरा मुहम्मद के रामनगीना ने शिकायत की कि 2010 में उसने बिजली बकाया जमा करा दिया था पर उसका बिल अब भी आने की शिकायत किया।
इन शिकायतों को संबंधित अधिकारियो के पास निस्तारण के लिए भेज दिया गया। कुल 95 में से मात्र सात का ही निस्तारण हो सका।
संासद हरिनारायन राजभर, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ल, सीडीओ यूएन सिंह, एसडीएम साहब लाल, परियोजना निदेशक डा. हरिचरण सिंह, सीएमओ डा. नंदलाल यादव, उप निदेशक कृषि डा. आशुतोष मिश्र अादि मौजूद रहे।
मधुबन संवाददाता के अनुसार तहसील दिवस में कुल 40 शिकायतें आईं। इनमें से एक का निस्तारण किया जा सका और शेष शिकायतों को संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों के पास भेज दिया गया।
उध्ार, सदर तहसील में मंगलवार को तहसील दिवस पर अपनी मांग लेकर पहुंचे नि:शक्तजनों ने ऐसी मांग की कि जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।
कहाकि आधार कार्ड बनवाने के लिए आंख और हाथों का मशीन से स्कैन किया जा रहा है। लेकिन अगर आंख और हाथ नहीं हो तो आधार कार्ड कैसे बने।
विकलांग सेवा समिति के पदाधिकारियों ने सदर तहसील में आधार कार्ड बनवाने और पेंशन न रोके जाने के लिए अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
विकलांग सेवा समिति के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि जिले में विकलांगों की आठ हजार से ज्यादा है। जिनको विकलांग पेंशन भी मिलती है। बताया कि विकलांगों को सूचित किया गया है
कि सभी विकलांग पेंशन धारक अपना आधार कार्ड जमा करें नहीं तो उनकी पेंशन रोक दी जाएगी। लेकिन आधार कार्ड बनवाने के लिए हाथ और आंख दोनों का होना जरूरी है।
ऐसे में हम क्या करें। समिति के सदस्यों ने मांग की कि आधार कार्ड न जमा करने की स्थिति मेें विकलांगों के पेंशन न रोकी जाए आैर विकलांगों के लिए आधार कार्ड की जगह कोई आैर विकल्प दिया जाए।