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Mau : निजीकरण का विरोध, रोडवेज कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, अवैध वाहनों के संचालन को लेकर डीएम को ज्ञापन
Thu, 19 Dec 2024 05:30 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Thu, 19 Dec 2024 05:30 PM IST
सार
रोडवेज कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किया और राष्ट्रीयकृत मार्गों पर अवैध संचालन को लेकर विरोध दर्ज कराते हुए रोक लगाने की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर सात जनवरी को बड़ी सभा करने की बात कही।
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प्रदर्शन करते रोडवेजकर्मी
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश की मऊ शाखा के रोडवेज कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को मऊ डिपो परिसर में धरना प्रदर्शन किया। संगठन के शाखा मंत्री हरीराम के नेतृत्व में नारेबाजी की और कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को मांगपत्र सौंपा।
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कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों के अवैध संचालन और अन्य छोटी बड़ी गाड़ियों द्वारा की जा रही डग्गामारी और परिवहन निगम की संपत्तियों को निजी हाथों में दिए जाने का विरोध किया और कर्मचारियों की समस्याएं रखीं।
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मांगे पूरी नहीं होने पर सात जनवरी 2025 को विशाल धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी। ज्ञापन देकर रोडवेज बस स्टेशन के एक किमी के दायरे में निजी बसों और चार सवारी वाहनों के अवैध संचालन पर रोक लगाने, टूरिस्ट परमिट लेकर निजी बसों को रोजाना एक निश्चित मार्ग पर चलाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
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जिससे परिवहन निगम की आय में बढ़ोत्तरी हो और ओवरलोडिंग से हो रही सड़क दुर्घटनाएं रुक सकें। एक्सप्रेसवे और हाईवे को राष्ट्रीयकृत मार्ग घोषित करने, इलेक्ट्रिक बसें निगम के बस बेड़े में शामिल करने पर नगर बस सेवाओं की की तरह उनके संचालन में होने वाले खर्च और आमदनी को राज्य सरकार द्वारा वहन करने की मांग की।
कोविड-19 के दौरान मृत कर्मचारियों सहित सभी मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नियमित नियुक्ति देने, जनवरी-2023 से बकाया मंहगाई भत्ते का भुगतान करने, निगम के सभी संवर्गों की सीधी भर्ती के रिक्त पदों को नियमित नियुक्ति द्वारा भरने और सीधी भर्ती के इन पदों पर नियुक्ति के समय कार्यशालाओं में वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को वरीयता देने की मांग की।
संविदा चालक परिचालकों के पारिश्रमिक में महंगाई को देखते हुए बढ़ोत्तरी करने सातवें वेतनमान का एक जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक के बकाया एरियर की कार्ययोजना बनाकर भुगतान कराया जाय। संविदा चालक परिचालकों की ईपीएफ कटौती के लिए पारिश्रमिक की लिमिट समाप्त कर पूरे पारिश्रमिक पर ईपीएफ की कटौती करने की मांग की।