{"_id":"596baa784f1c1baf4c8b458d","slug":"returns-to-ten-families","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस परिवारों में लौटी खुशियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस परिवारों में लौटी खुशियां
mau news
Updated Sun, 16 Jul 2017 11:33 PM IST
विज्ञापन
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित परिवार परामर्श की बैठक में लोगों की समस्या का निराकरण करते समिति के सदस्य।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। पुलिस परिवार परार्मश केंद्र की बैठक रविवार को अपर पुलिस अधीक्षक शिवाजी के निर्देशन में पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन कक्ष में हुई। इसमें 33 पारिवारिक मामले आए जिसमें परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से 17 मामलों का निस्तारण हुआ। जिसमें पांच जोड़ों ने मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। पांच जोड़ों के साथ-साथ रहने से दस परिवारों के बीच टूट रहे रिश्ते जुड़ गए जिससे उनके परिवारों की खुशियां एक बार फिर लौट आई। वही तीन मामलों में पक्षकरों के बीच सुलह न होने की स्थिति में पत्रावली अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रसारित कर दी गई। शेष मामलों में बैठक की अगली तिथि छह अगस्त 2017 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से हेमंती देवी और वृजेश राय, सोमारी देवी और मुन्नी देवी, बेबी सिंह और दयाशंकर सिंह, निरमा देवी और श्रवण कुमार तथा संजू और रामप्रकाश ने अपना-अपना मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। जिससे 10 परिवारों के बीच टूट रहे रिश्ते बन जाने के चलते उनकी खुशियां एक बार फिर लौट आई। वही कुसुम देवी और सुरेश, नीतू और राजीव गुुप्ता, रामभवन और तेजप्रताप और संजू देवी और कमलेश के मामले में एफआईआर दर्ज होने तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में मीडिएशन होने के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। वहीं शबनम और गुलजार, मतीनखा और नाजवीन, रुकैया फातिमा और मुहम्मद शाहिद, मीन देवी और महेंद्र यादव तथा राशिदा खातून और राशिद जमाल के मामले में पक्षकारों के अनुरोध तथा लगातार अनुपस्थिति के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई।
इस दौरान अनीता देवी और धर्मदत्त, शिवशंकर सिंह और पुष्पा तथा अजय कुमार और प्रेमशीला के मामले में सुलह न होने की स्थिति में पत्रावली अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रसारित कर दी गई। वही दस मामलों में कोई पक्षकार हाजिर नहीं हुआ तथा शेष मामलों में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया। जिस पर सदस्यों ने बैठक की अगली तिथि छह अगस्त 2017 को नियत कर पक्षकारों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, रत्नेश पांडेय, इब्राहिम सेवक, डा. एमए खान के अलावा महिला आरक्षी मृदुला मौर्या तथा पूनम पाल ने मामलों के निस्तारण में योगदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से हेमंती देवी और वृजेश राय, सोमारी देवी और मुन्नी देवी, बेबी सिंह और दयाशंकर सिंह, निरमा देवी और श्रवण कुमार तथा संजू और रामप्रकाश ने अपना-अपना मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। जिससे 10 परिवारों के बीच टूट रहे रिश्ते बन जाने के चलते उनकी खुशियां एक बार फिर लौट आई। वही कुसुम देवी और सुरेश, नीतू और राजीव गुुप्ता, रामभवन और तेजप्रताप और संजू देवी और कमलेश के मामले में एफआईआर दर्ज होने तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में मीडिएशन होने के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। वहीं शबनम और गुलजार, मतीनखा और नाजवीन, रुकैया फातिमा और मुहम्मद शाहिद, मीन देवी और महेंद्र यादव तथा राशिदा खातून और राशिद जमाल के मामले में पक्षकारों के अनुरोध तथा लगातार अनुपस्थिति के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई।
विज्ञापन
इस दौरान अनीता देवी और धर्मदत्त, शिवशंकर सिंह और पुष्पा तथा अजय कुमार और प्रेमशीला के मामले में सुलह न होने की स्थिति में पत्रावली अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रसारित कर दी गई। वही दस मामलों में कोई पक्षकार हाजिर नहीं हुआ तथा शेष मामलों में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया। जिस पर सदस्यों ने बैठक की अगली तिथि छह अगस्त 2017 को नियत कर पक्षकारों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, रत्नेश पांडेय, इब्राहिम सेवक, डा. एमए खान के अलावा महिला आरक्षी मृदुला मौर्या तथा पूनम पाल ने मामलों के निस्तारण में योगदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।
विज्ञापन