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अंतरराष्ट्रीय स्तर के बीज होंगे तैयार
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sat, 13 Aug 2016 11:40 PM IST
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अंतरराष्ट्रीय स्तर के बीज होंगे तैयार
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बीज अनुसंधान केंद्र कुशमौर में शनिवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने बीज प्रोसेसिंग प्लांट एवं अंतरराष्ट्रीय संस्था इस्टा की परीक्षण प्रयोगशाला की शाखा का उद्घाटन किया। इस प्रयोगशाला के बीज अंतरराष्ट्रीय स्तर के होंगे। इस प्लांट की क्षमता प्रति घंटा दो टन हैं। प्लांट की 5000 कुंतल की स्टोरेज क्षमता भी है।
भारतीय कृषि बीज अनुसंधान के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्र ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय बीज परीक्षण प्रयोगशाला का फीता काटकर उद्घाटन किया। स्थापित लैब की तकनीकी जानकारी लेने के बाद उन्होंने अनुसंधान परिसर के ही पूर्वी हिस्से में बीज प्रोसेसिंग प्लांट का भी उद्घाटन किया। इसके बाद वह किसानों की आयोजित गोष्ठी एवं सम्मान समारोह में पहुंचे। किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य किसानों की आय को दोगुनी करना है।
कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों की आय को दोगुना करने के लिए फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत की है। इस दिशा में कृषि से जुड़े हर क्षेत्र में प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि क्षेत्र के विकास के लिए संपर्क में आना, सही सूचनाओं का जाना जरूरी है। कृषि क्षेत्र में बदलाव सही सूचनाओं के चलते आया है। हरित क्रांति के सपने को पूरी तरह से साकार करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।
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वैज्ञानिक मानकों पर सही ढंग से खेती करने से ही बदलाव आया है। अपर महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद डॉ. जेएस चौहान ने कहा कि निश्चित रूप से देश में कृषि क्षेत्र में उन्नत हुई है। इसमें किसानों की मेहनत एवं उन्नतशील शोधित बीज का योगदान है। भारतीय सब्जी अनुसंधान के निदेशक डॉ. विजेंद्र सिंह ने कहा कि जनपद के रहने के चलते इस संस्थान से उनका प्रारंभ से ही लगाव रहा है।
संस्थान के चलते यहां जहां पहले ऊसर था आज वहां फसल लहरा रही है। इस दौरान मुख्य रूप से बीज अनुसंधान कुशमौर के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद, एनबीआईएएम के निदेशक डॉ. एके सक्सेना उपस्थित रहे।
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भारतीय कृषि बीज अनुसंधान के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्र ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय बीज परीक्षण प्रयोगशाला का फीता काटकर उद्घाटन किया। स्थापित लैब की तकनीकी जानकारी लेने के बाद उन्होंने अनुसंधान परिसर के ही पूर्वी हिस्से में बीज प्रोसेसिंग प्लांट का भी उद्घाटन किया। इसके बाद वह किसानों की आयोजित गोष्ठी एवं सम्मान समारोह में पहुंचे। किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य किसानों की आय को दोगुनी करना है।
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कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों की आय को दोगुना करने के लिए फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत की है। इस दिशा में कृषि से जुड़े हर क्षेत्र में प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि क्षेत्र के विकास के लिए संपर्क में आना, सही सूचनाओं का जाना जरूरी है। कृषि क्षेत्र में बदलाव सही सूचनाओं के चलते आया है। हरित क्रांति के सपने को पूरी तरह से साकार करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।
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वैज्ञानिक मानकों पर सही ढंग से खेती करने से ही बदलाव आया है। अपर महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद डॉ. जेएस चौहान ने कहा कि निश्चित रूप से देश में कृषि क्षेत्र में उन्नत हुई है। इसमें किसानों की मेहनत एवं उन्नतशील शोधित बीज का योगदान है। भारतीय सब्जी अनुसंधान के निदेशक डॉ. विजेंद्र सिंह ने कहा कि जनपद के रहने के चलते इस संस्थान से उनका प्रारंभ से ही लगाव रहा है।
संस्थान के चलते यहां जहां पहले ऊसर था आज वहां फसल लहरा रही है। इस दौरान मुख्य रूप से बीज अनुसंधान कुशमौर के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद, एनबीआईएएम के निदेशक डॉ. एके सक्सेना उपस्थित रहे।