पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जिले में कहीं भी चढ़ने उतरने की सुविधा नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।जनपदवासियों की मांग पर तत्कालीन कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने जिले में रैंप प्लाजा बनाने की घोषणा की थी। लेकिन डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद रैंप प्लाजा बनाने का कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे प्रदेश के दस जनपदों से होकर गुजरा है। निर्माण के दौरान सभी जनपदों से इस पर चढ़ने उतरने की सुविधा देने की घोषणा हुई थी। पड़ोसी जिला आजमगढ़ और गाजीपुर में इंटरचेंज और रैंप की सुविधा दी गयी है। लेकिन मऊ जिले में रैंप प्लाजा की सुविधा नहीं है।पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का 28 किलोमीटर मार्ग मऊ जनपद से होकर गुजरता है। तत्कालीन कैबिनेट मंत्री की घोषणा के बाद एक्सप्रेसवे के 277.5 किमी पॉइंट पर गोकुलपुरा रानीपुर मार्ग के बीच रैंप प्लाजा के लिए जमीन चिह्नित की गई है। सीमांकन कर वहां झंडा भी लगाया गया। लेकिन अभी तक किसानों की भूमि की रजिस्ट्री न होने से रैंप के सुविधा का लाभ मिलना मुश्किल लग रहा है। इस संबंध में शिवशक्ति सिंह, रामप्रकाश, रमेश सिंह, जितेंद्र यादव, जेपी सिंह, मिठाई सिंह, दिनेश सिंह का कहना है कि निर्माण के दौरान कार्यदायी संस्था के प्रबंध निदेशक तथा तत्कालीन औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने पूर्वांचल एक्सप्रेस का उद्घाटन होने से पूर्व निरीक्षण रैंप प्लाजा निर्माण की घोषणा की थी। घोषणा के डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीतने के बाद भी इस पर कार्य शुरू नहीं हो सका है। जबकी क्षेत्र से एक कैबिनेट मंत्री और दो एमएलसी हैं। बावजूद जिले को प्लाजा या इंटरचेंज की सुविधा नहीं मिल पाई है।