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कोटेदार से गुस्साए, लगा दिया जाम
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Fri, 24 Jun 2016 11:34 PM IST
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जाम
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रतनपुरा ब्लाक के मेउड़ीकला गांव में सरकारी कोटे की दूकान पर अनियमितता को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने गांव के समीप लखनऊ-बलिया राजमार्ग जाम कर दिया। इस दौरान ग्रामीण कोटे की दूकान की जांच कराकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे एसडीएम जगदंबा सिंह एवं आपूर्ति निरीक्षक ने कार्रवाई के आश्वासन पर जाम समाप्त कराया।
रतनपुरा ब्लाक के मेउड़ीकला गांव में पात्र गृहस्थी राशन को लेकर शुुक्रवार को बैठक हो रही थी। पात्र गृहस्थी राशन कार्ड को लेकर होने वाली बैठक में अधिकांश लोगों ने कोटेदार के ऊपर अपनी भड़ास निकालनी शुरू कर दी। कई लोगों का आरोप है कि दूकान का राशन और चीनी आदि बेच दी जा रही है।
बैठक में आक्रोश बढ़ने के बाद लोग लामबंद होकर सड़क पर उतर आए। गांव के समीप लखनऊ-बलिया राजमार्ग पर जाकर लोग बैठ गए और कोटेेदार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन करने लगे। सूचना पाकर पूर्ति निरीक्षक भी पहुंचे लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे। देखते ही देखते दोनों तरफ से वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
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सूचना पाकर मौके पर एसडीएम जगदंबा सिंह पहुंचे। ग्रामीणों की जिद पर एसडीएम ने कोटे की दुकान के लाइसेंस को निलंबित कर दिया। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जाम में मुख्य रूप से गंगासागर, विंदू यादव, रामप्यारे, सुबाष, शांति, चंदा आदि रहे।
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रतनपुरा ब्लाक के मेउड़ीकला गांव में पात्र गृहस्थी राशन को लेकर शुुक्रवार को बैठक हो रही थी। पात्र गृहस्थी राशन कार्ड को लेकर होने वाली बैठक में अधिकांश लोगों ने कोटेदार के ऊपर अपनी भड़ास निकालनी शुरू कर दी। कई लोगों का आरोप है कि दूकान का राशन और चीनी आदि बेच दी जा रही है।
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बैठक में आक्रोश बढ़ने के बाद लोग लामबंद होकर सड़क पर उतर आए। गांव के समीप लखनऊ-बलिया राजमार्ग पर जाकर लोग बैठ गए और कोटेेदार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन करने लगे। सूचना पाकर पूर्ति निरीक्षक भी पहुंचे लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे। देखते ही देखते दोनों तरफ से वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
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सूचना पाकर मौके पर एसडीएम जगदंबा सिंह पहुंचे। ग्रामीणों की जिद पर एसडीएम ने कोटे की दुकान के लाइसेंस को निलंबित कर दिया। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जाम में मुख्य रूप से गंगासागर, विंदू यादव, रामप्यारे, सुबाष, शांति, चंदा आदि रहे।