फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Priyanshu got success in UPSC by studying in Hindi medium

Mau News: हिंदी माध्यम से पढ़ाई कर प्रियांशु ने यूपीएससी में पाई सफलता

Wed, 23 Apr 2025 12:05 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 23 Apr 2025 12:05 AM IST
विज्ञापन
Priyanshu got success in UPSC by studying in Hindi medium
मधुबन। सफलता उन्हीं को मिलती है, जो मेहनत से डरते नहीं हैं। यह बात फतहपुर मंडाव ब्लॉक क्षेत्र के मर्यादपुर के छोटे से गांव से निकलकर यूपीएससी में 121वीं रैंक हासिल करने वाले प्रियांशु मिश्र ने पूरी तरह सच कर दिखाया है। जो हिम्मत न हारते हुए अपने पांचवें प्रयास में चयनित हुए।
विज्ञापन

प्रियांशु एक किसान के बेटे हैं। उन्होंने यूपी बोर्ड हिंदी माध्यम से गांव से ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई करके यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा पास कर देशभर के लाखों हिंदी माध्यम के छात्रों को यह भरोसा दिलाया है कि अगर मेहनत सच्ची हो और हौसले बुलंद हो तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रह सकता।
विज्ञापन

गांव के एक संयुक्त परिवार में जन्मे प्रियांशु के पिता राजेश मिश्र उर्फ राजन मिश्र किसान हैं और माता सुनीता मिश्रा गृहिणी। वह दो भाइयों में सबसे बड़े हैं। छोटे भाई नितिन मिश्र नोएडा आईटी सेक्टर में नौकरी करते हैं। प्रियांशु ने अपनी इंटर तक की पढ़ाई गांव की है। 2016 में काॅमर्स में स्नातक भी गांव स्थित इंदिरा गांधी पीजी काॅलेज से किया। हाईस्कूल में 70 प्रतिशत, इंटर में 74 प्रतिशत और ग्रेजुएशन में 51 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले प्रियांशु अपने को मध्यम विद्यार्थी बताते हैं। उनकी लाइफ में टर्निंग प्वाइंट तब आया जब बुआ के लड़के बड़े भाई स्पेन में योगा शिक्षक अखिलेश उपाध्याय ने आईएएस के लिए तैयारी की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रियांशु ने नहीं मानी हार, पांचवीं बार में मिली सफलता
मधुबन। प्रियांशु ने 2016 में ग्रेजुएशन करने के बाद तैयारी के लिए दिल्ली गए। यूपीएससी के चार अटेम्पट में प्री में सफलता तो मिली लेकिन एक बार साक्षात्कार का मौका मिला। जिसमें सफलता न मिलने के बाद भी हार नहीं मानी और पांचवीं बार में सफलता हाथ लगी। प्रियांशु का मानना है कि भाषा कभी भी सफलता में बाधा नहीं बन सकती। उन्होंने कहा चाहे आप हिंदी माध्यम से पढ़ाई करें, लेकिन अंग्रेजी समझना जरूरी है। इसका मतलब ये नहीं कि आपको बहुत फर्राटेदार अंग्रेजी बोलनी आनी चाहिए, बल्कि इतना आना चाहिए कि आप इस भाषा में लिखी चीजे समझ और लिख सकें। वे आगे कहते हैं, यदि आप पूरी मेहनत से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो कोई भी आपको सफल होने से नहीं रोक सकता।

प्रिंयाशु की कहानी युवाओं के लिए मिसाल
मधुबन। प्रिंयाशु की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल है जो सीमित संसाधनों में भी बड़ा सपना देखते हैं। यह कहानी यह साबित करती है कि अगर आपके इरादे मजबूत हैं, तो न केवल आप यूपीएससी जैसी परीक्षा पास कर सकते हैं, बल्कि देश के शीर्ष पदों तक भी पहुंच सकते हैं।
सुधा ने यूपीएससी में दूसरी बार हासिल की सफलता

कुसुम्हा। दोहरीघाट ब्लॉक क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव स्थित सुधा चौहान ने यूपीएससी परीक्षा मेें 347वीं रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव स्थित सुधा चौहान शुरू से ही मेधावी हैं। 2013 मेें हाईस्कूल, इंटरमीडिएट 2015 में उत्तीर्ण किया। इसके बाद आईआईटी पटना से बीटेक किया। गत दो वर्ष पूर्व यूपीएससी में चयन हुआ था। लेकिन रैंक कम आने पर उच्च रैंक के लिए पढ़ाई जारी रखा। इस 347वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार को तोहफा दिया है। वर्तमान में मुंबई में डिप्टी एकाउंटेंट जनरल के पद पर तैनात हैं। पिता एयरफोर्स से सेवानिवृत्त हैं। माता गृहिणी हैं। सुधा चौहान का कहना है कि कड़ी मेहनत से तैयारी की जाए तो सफलता मिलना तय है।

कविता किरन को मिली सफलता

मऊ। जिले के डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन मऊ के पूर्व मंत्री वरिष्ठ एडवोकेट सुरेन्द्र नाथ सिंह की बेटी कविता किरन ने यूपीएससी परीक्षा पास करके मऊ सहित परिवार जन का नाम रोशन किया है। कविता किरन को यूपीएससी में 586 रैंक मिली है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कविता किरन ने इस बार यूपीएससी का फार्म तो भरा लेकिन घर वालों को भनक नहीं लगने दी। मंगलवार को जब यूपीएससी का रिज़ल्ट आया और उसमें अपनी सफलता देखी तो सबसे पहले अपने मम्मी-पापा को फोन करके खुशखबरी सुनाई की मैंने 586 वीं रैंक के साथ यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली है। इसके बाद लोगों ने बधाई देना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed