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खेतों के ऊपर से गुजरती है ‘आफत’
BEARU, AMAR UJALA, MAU
Updated Sun, 03 Apr 2016 11:14 PM IST
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पिपरीडीह क्षेत्र के सिवान में गेंहू की खड़ी फसल पर लटका हाइटेंशन तार, मौजूद लोग।
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जिले के अधिकांश गांवों से होकर गुजरी हाईटेंशन लाइन जर्जर हाल में हैं। तारों के आए दिन टूटने तथा शार्टसर्किट से घंटों बिजली गुल रहती है। तार टूटने से कई बार खेतों में खड़ी फसल में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। एक तरह से खेतों के ऊपर से गुजरे हाईटेंशन तार किसानों के लिए आफत हैं। प्रतिवर्ष शार्ट सर्किट तथा तार के टूटने की घटना होने के बावजूद जर्जर तारों को बदलने के लिए विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा।
जिले में 37 विद्युत उपकेंद्रों से यहां की 684 ग्राम पंचायतों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। इन गांवों में आपूर्ति के लिए बिछाई गई हाईटेंशन तारों के टूटने की घटनाएं गर्मियों में बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों के अनुसार उपकेंद्रों से गुजरी लाइनों के तार काफी ढीले हो गए हैं। तेज हवा बहते ही तारों में स्पार्किंग होने लगती है। इससे शार्ट सर्किट आम बात है। ऐसे में घंटों बिजली गुल रहती है।
इससे कृषि कार्य तथा कुटीर उद्योग पर विपरीत असर पड़ रहा है। शार्टसर्किट से प्रतिवर्ष गर्मी के दिनों में सैकड़ों एकड़ फसल में आग लगने की घटना भी होती है। बावजूद बिजली के तारों के बदलने का काम कागज पर ही चल रहा है। शार्टसर्किट से आग लगने की घटना पर नजर डाली जाए तो मुहम्मदाबादगोहना ब्लाक क्षेत्र के भाटीकला गांव तथा चिरैयाकोट थाना क्षेत्र में शार्ट सर्किट से दो किसानों की खेत में खड़ी कई बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई।
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हाल ही में परदहां ब्लाक क्षेत्र के रणवीरपुर गांव में शार्ट सर्किट से खेत में खड़ी लगभग आठ बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। परदहां ब्लाक क्षेत्र के बैजापुर गांव स्थित विद्यालय परिसर में शार्टसर्किट से तार टूटने से लोग बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया था। इसी तरह मधुबन थाना क्षेत्र के विग्रहपुर में शार्ट सर्किट से दो मड़इयों में आग लग गई।
इस संबंध में बढुआगोदाम क्षेत्र के किसान रामाशंकर यादव, श्रीकांत प्रसाद, दीनानाथ यादव, मनोज सिंह, जनार्दन शर्मा का कहना है कि तार काफी ढीले हो गए हैं। स्पार्किंग होने के चलते फाल्ट आ जाता है। इस दौरान शार्ट सर्किट से निकली चिंगारी से फसल में आग पकड़ लेती है। शिकायत के बाद भी विभाग ने तारों को कसने की जहमत तक नहीं उठाई। इस बाबत विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता बीआर यादव का कहना है कि रिपोर्ट मिलने पर पुराने तार को बदला जाता है। विभाग सतर्क है। लूज तारों को कसने के लिए संबंधित एसडीओ तथा जेई को निर्देश दे दिया गया है।
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जिले में 37 विद्युत उपकेंद्रों से यहां की 684 ग्राम पंचायतों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। इन गांवों में आपूर्ति के लिए बिछाई गई हाईटेंशन तारों के टूटने की घटनाएं गर्मियों में बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों के अनुसार उपकेंद्रों से गुजरी लाइनों के तार काफी ढीले हो गए हैं। तेज हवा बहते ही तारों में स्पार्किंग होने लगती है। इससे शार्ट सर्किट आम बात है। ऐसे में घंटों बिजली गुल रहती है।
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इससे कृषि कार्य तथा कुटीर उद्योग पर विपरीत असर पड़ रहा है। शार्टसर्किट से प्रतिवर्ष गर्मी के दिनों में सैकड़ों एकड़ फसल में आग लगने की घटना भी होती है। बावजूद बिजली के तारों के बदलने का काम कागज पर ही चल रहा है। शार्टसर्किट से आग लगने की घटना पर नजर डाली जाए तो मुहम्मदाबादगोहना ब्लाक क्षेत्र के भाटीकला गांव तथा चिरैयाकोट थाना क्षेत्र में शार्ट सर्किट से दो किसानों की खेत में खड़ी कई बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई।
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हाल ही में परदहां ब्लाक क्षेत्र के रणवीरपुर गांव में शार्ट सर्किट से खेत में खड़ी लगभग आठ बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। परदहां ब्लाक क्षेत्र के बैजापुर गांव स्थित विद्यालय परिसर में शार्टसर्किट से तार टूटने से लोग बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया था। इसी तरह मधुबन थाना क्षेत्र के विग्रहपुर में शार्ट सर्किट से दो मड़इयों में आग लग गई।
इस संबंध में बढुआगोदाम क्षेत्र के किसान रामाशंकर यादव, श्रीकांत प्रसाद, दीनानाथ यादव, मनोज सिंह, जनार्दन शर्मा का कहना है कि तार काफी ढीले हो गए हैं। स्पार्किंग होने के चलते फाल्ट आ जाता है। इस दौरान शार्ट सर्किट से निकली चिंगारी से फसल में आग पकड़ लेती है। शिकायत के बाद भी विभाग ने तारों को कसने की जहमत तक नहीं उठाई। इस बाबत विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता बीआर यादव का कहना है कि रिपोर्ट मिलने पर पुराने तार को बदला जाता है। विभाग सतर्क है। लूज तारों को कसने के लिए संबंधित एसडीओ तथा जेई को निर्देश दे दिया गया है।