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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Padmashree Baba Yogendra Award 2024 received Dr. Sunil Vishwakarma for making artwork of Ramlala idol

Padma Award: जिस कलाकार की कृति ने लिया रामलला की मूर्ति का आकार, उनको मिला पद्मश्री बाबा योगेंद्र पुरस्कार

Sat, 27 Jan 2024 10:48 AM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ। Published by: प्रगति चंद Updated Sat, 27 Jan 2024 10:48 AM IST
सार

अयोध्या में स्थापित रामलला की मूर्ति की कृति बनाने वाले काशी विद्यापीठ के प्रो. डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा को पद्मश्री बाबा योगेंद्र 2024 पुरस्कार से नवाजा गया है। उनकी इस उपलब्धि से उनके गांव घर में हर्ष का माहौल है। बधाइयों का तांता लगा है। 

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Padmashree Baba Yogendra Award 2024 received Dr. Sunil Vishwakarma for making artwork of Ramlala idol
पद्मश्री बाबा योगेंद्र पुरस्कार से सम्मानित हुए मऊ के सुनील विश्वकर्मा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मऊ जिले के कोपागंज नगर पंचायत निवासी और काशी विद्यापीठ के ललित कला विभाग के अध्यक्ष सुनील विश्वकर्मा को राज्यपाल आनंदी बेन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पद्मश्री बाबा योगेंद्र 2024 पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सुनील के इस सम्मान से जिलेवासियों गौरवान्वित हैं। जिला प्रशासन के साथ गांव के लोगों ने सुनील के परिजनों को बधाई दी।         

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सीएम व राज्यपाल के हाथों मिला सम्मान
कोपागंज के मोहल्ला हुंसापूरा निवासी स्व. सीता राम विश्वकर्मा के पुत्र प्रो. डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा की बनाई हुई कलाकृति ने अयोध्या में राममंदिर में स्थापित प्रभु श्रीराम के बाल स्वरूप की मूर्ति का आकार लिया है। इसी को लेकर शुक्रवार को लखनऊ राजभवन में प्रदेश की राजयपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. सुनील विश्वकर्मा को पद्मश्री बाबा योगेंद्र 2024 पुरष्कार से सम्मानित किया। 
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डॉ. सुनील की प्रारंभिक शिक्षा कोपागंज में हुई है। जबकि बापू इंटर कॉलेज कोपागंज से इन्होंने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद इनके द्वारा बीएफए की शिक्षा के लिए बीएचयू वाराणसी चुना गया। जहां उन्होंने बीएफए व एमएफए में गोल्ड मेडल हासिल किया। जबकि इन्होंने एमफिल आगरा से किया। एडवांस्ड स्टडी इन पेंटिंग चाइना से किया। यूजीसी नेट 2006 में क्वालीफाई किया इसके बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में ललित कला विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत रहे और आज ये महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के ललित कला विभाग में अध्यक्ष पद पर कार्यरत हैं।

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